रांची: झारखंड में आयुर्वेदिक स्वास्थ्य सेवाओं और चिकित्सा शिक्षा को नई दिशा देने की तैयारी शुरू हो गई है। राजधानी रांची के इटकी स्थित रुक्मा आरोग्य धाम (सेनेटोरियम) परिसर में एम्स की तर्ज पर ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ आयुर्वेद (AIIA) स्थापित करने की प्रक्रिया तेज हो गई है। प्रस्तावित परियोजना के तहत लगभग 50 एकड़ भूमि पर अत्याधुनिक आयुर्वेद अस्पताल, मेडिकल कॉलेज और योग सेंटर विकसित किए जाने का प्रस्ताव है।

भूमि का किया गया निरीक्षण
प्रस्तावित संस्थान के लिए चयनित भूमि का निरीक्षण स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों और विशेषज्ञों की टीम ने किया। टीम में आयुष विभाग के निदेशक डॉ. कृष्ण कुमार शाह समेत अन्य अधिकारी शामिल थे। निरीक्षण के दौरान परियोजना की व्यवहारिकता और आवश्यक संसाधनों का आकलन किया गया।
80 बेड वाले सेनेटोरियम परिसर का होगा उपयोग
अधिकारियों के अनुसार, इटकी सेनेटोरियम परिसर में पहले से उपलब्ध लगभग 80 बेड की सुविधा इस परियोजना के लिए उपयोगी साबित होगी। निरीक्षण के बाद विस्तृत रिपोर्ट राज्य सरकार को सौंपी जाएगी, जिसके आधार पर आगे की प्रक्रिया शुरू होगी।
मेडिकल कॉलेज और योग सेंटर भी होंगे शामिल
प्रस्ताव के अनुसार परिसर में आधुनिक आयुर्वेद अस्पताल के साथ मेडिकल कॉलेज, रिसर्च सुविधाएं और योग सेंटर विकसित किया जाएगा। इससे आयुर्वेद चिकित्सा, शिक्षा और अनुसंधान को एक ही परिसर में बढ़ावा मिलेगा।
राज्य में आयुष सेवाओं को मिलेगा नया आयाम
यदि परियोजना को मंजूरी मिलती है तो झारखंड में पहली बार राष्ट्रीय स्तर का आयुर्वेद संस्थान स्थापित होगा। इससे राज्य के मरीजों को उन्नत आयुर्वेदिक उपचार की सुविधा मिलेगी और छात्रों को गुणवत्तापूर्ण आयुर्वेद शिक्षा के लिए दूसरे राज्यों का रुख नहीं करना पड़ेगा।
रोजगार और स्वास्थ्य सुविधाओं को मिलेगा बढ़ावा
प्रस्तावित संस्थान से क्षेत्र में रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। साथ ही आयुष क्षेत्र में शोध, प्रशिक्षण और आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं का विस्तार होगा। सरकार का मानना है कि यह परियोजना झारखंड को आयुर्वेद और समग्र स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में नई पहचान दिला सकती है।

