Air India AI-171 Crash: अक्टूबर में आएगी अंतिम रिपोर्ट, AAIB ने सुप्रीम कोर्ट को बताया- जांच ‘इन-हाउस’ नहीं, अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञ शामिल

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Air India AI-171 Crash 12 जून 2025 को अहमदाबाद में हुए एयर इंडिया फ्लाइट AI-171 के भीषण हादसे की जांच को लेकर सुप्रीम कोर्ट में मंगलवार को अहम सुनवाई हुई। इस हादसे में 260 लोगों की मौत हुई थी, जिसमें 241 यात्री और चालक दल के सदस्य शामिल थे, साथ ही जमीन पर 19 लोगों की भी जान गई थी । सुनवाई के दौरान एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो (AAIB) ने अदालत को बताया कि जांच किसी एक विभाग की आंतरिक प्रक्रिया नहीं है, बल्कि इसमें भारत के साथ-साथ उन देशों के विशेषज्ञ और अधिकारी भी शामिल हैं, जिनके नागरिक इस हादसे में मारे गए थे 

AAIB ने जांच को ‘इन-हाउस’ नहीं बताया

AAIB ने सुप्रीम कोर्ट को स्पष्ट किया कि यह जांच डीजीसीए के अधिकारियों तक सीमित नहीं है, बल्कि एक अंतरराष्ट्रीय स्तर की जांच है । इसके लिए शिकागो कन्वेंशन और आईसीएओ के एनेक्स-13 के तहत नियम बनाए गए हैं । एनेक्स-13 के मुताबिक, विमान दुर्घटना की जांच में रजिस्ट्री राज्य, ऑपरेटर राज्य, डिजाइन राज्य और निर्माण राज्य के प्रतिनिधि शामिल होते हैं, जिनके अधिकार और जिम्मेदारियां स्पष्ट रूप से परिभाषित हैं । इसका मकसद सिर्फ विमानन सुरक्षा में सुधार करना है और भविष्य में ऐसी दुर्घटनाओं को रोकना है, न कि किसी की गलती साबित करना या कानूनी जिम्मेदारी तय करना 

अक्टूबर तक आएगी अंतिम रिपोर्ट

सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने अदालत को आश्वासन दिया कि अंतिम जांच रिपोर्ट अक्टूबर 2026 के पहले सप्ताह में सीलबंद लिफाफे (Sealed Cover) में सुप्रीम कोर्ट के समक्ष प्रस्तुत कर दी जाएगी । उन्होंने यह भी बताया कि रिपोर्ट तैयार होने में देरी इसलिए हुई क्योंकि विमान के कई महत्वपूर्ण हिस्सों को विशेष फोरेंसिक और तकनीकी जांच के लिए विदेश भेजना पड़ा । इन पुर्जों की जांच पूरी होने और वापस भारत आने के बाद ही अंतिम विश्लेषण संभव हो पाया, जिससे जांच प्रक्रिया अपेक्षा से अधिक समय लेने वाली बन गई 

AAIB ने पहले ही सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा दायर कर कहा था कि जांच के 66 में से 49 अनिवार्य कदम पूरे कर लिए गए हैं और बाकी काम अगले छह सप्ताह में पूरा हो जाएगा । रिपोर्ट अक्टूबर तक आने की संभावना है 

पायलटों के संगठन को मिलेगा इनपुट देने का मौका

सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार की इस बात पर भी ध्यान दिया कि फेडरेशन ऑफ इंडियन पायलट्स AAIB को अपने इनपुट दे सकता है। AAIB जांच के दौरान जरूरत पड़ने पर उन सुझावों पर विचार कर सकता है । इसके अलावा, अदालत को यह भी बताया गया कि याचिकाकर्ताओं द्वारा मांगे गए चार सिमुलेशन टेस्ट पहले ही किए जा चुके हैं 

कॉकपिट रिकॉर्डिंग की गोपनीयता बरकरार

AAIB ने अपने हलफनामे में यह भी कहा है कि कॉकपिट वॉइस रिकॉर्डिंग और एयरबोर्न इमेज रिकॉर्डिंग को सार्वजनिक नहीं किया जा सकता है, क्योंकि ऐसा करना विमानन दुर्घटना जांच नियम, 2025 के नियम 17(1) और 17(5) का उल्लंघन होगा । ये रिकॉर्डिंग जांच की अखंडता को बनाए रखने और भविष्य की सुरक्षा जांच को प्रभावित न करने के लिए गोपनीय रखी जाती हैं 

हादसे की पूरी कहानी

एयर इंडिया की बोइंग 787-8 फ्लाइट AI-171 12 जून 2025 को अहमदाबाद से लंदन के गैटविक एयरपोर्ट के लिए रवाना हुई थी । टेकऑफ के कुछ ही सेकंड बाद विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया और बीजे मेडिकल कॉलेज के हॉस्टल में जा गिरा । इस हादसे में पायलट-इन-कमांड कैप्टन सुमित सभरवाल और को-पायलट कैप्टन क्लाइव कुंदर की भी मौत हो गई । प्रारंभिक जांच में पता चला था कि दुर्घटना से कुछ सेकंड पहले दोनों इंजनों के फ्यूल कंट्रोल स्विच “RUN” से “CUTOFF” स्थिति में चले गए थे । कॉकपिट ऑडियो में एक पायलट ने पूछा था, “आपने क्यों काटा?” और दूसरे ने जवाब दिया, “मैंने नहीं किया” । हालांकि, प्रारंभिक रिपोर्ट में यह स्पष्ट नहीं किया गया था कि स्विच क्यों चले गए और किसी पर दोषारोपण नहीं किया गया था । इस हादसे में पूर्व गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रूपाणी की भी मौत हो गई थी 

सुप्रीम कोर्ट में अगली सुनवाई

सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले को अगली सुनवाई के लिए 13 अक्टूबर 2026 की तारीख तय की है । तब तक AAIB को अपनी रिपोर्ट अदालत के समक्ष पेश करनी होगी। यह सुनवाई उन याचिकाओं पर हो रही है जो मृत पायलट के पिता, एनजीओ और कानून के छात्रों द्वारा दायर की गई हैं, जिनमें निष्पक्ष और तकनीकी रूप से मजबूत जांच की मांग की गई है 

बाहरी संसाधन

  • एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो (AAIB): https://aaib.gov.in
  • सुप्रीम कोर्ट ऑफ इंडिया: https://main.sci.gov.in
  • अंतरराष्ट्रीय नागरिक उड्डयन संगठन (ICAO): https://www.icao.int

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