
पेयजल योजनाओं में लापरवाही पर सख्त हुए मंत्री योगेंद्र प्रसाद, संवेदकों को लीगल नोटिस देने का निर्देश

रांची: झारखंड में पेयजलापूर्ति योजनाओं के क्रियान्वयन में लापरवाही बरतने वाले संवेदकों और अधिकारियों पर अब सख्त कार्रवाई होगी। पेयजल एवं स्वच्छता मंत्री योगेंद्र प्रसाद ने स्पष्ट किया है कि जनहित से जुड़ी योजनाओं में किसी भी तरह की शिथिलता और अनावश्यक देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने बंद पड़ी योजनाओं और निर्धारित समयसीमा में काम पूरा नहीं करने वाले संवेदकों को लीगल नोटिस जारी करने का निर्देश दिया है।
मंगलवार को रांची स्थित विश्वा सभागार में मंत्री की अध्यक्षता में रांची पूर्व, रांची पश्चिम और खूंटी प्रमंडल की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक हुई। इसमें जल जीवन मिशन के तहत संचालित पेयजल योजनाओं, लंबित कार्यों, सिंगल विलेज स्कीम (SVS) और पेयजलापूर्ति व्यवस्था की विस्तृत समीक्षा की गई।
SVS की सभी योजनाओं की होगी जांच, 15 दिनों में रिपोर्ट
सिंगल विलेज स्कीम के तहत संचालित योजनाओं की वास्तविक स्थिति जानने के लिए राज्य और जिला स्तर पर संयुक्त जांच कमेटी गठित की जाएगी। मंत्री ने कमेटी को सभी योजनाओं का स्थल निरीक्षण करने और निर्माण कार्यों की प्रगति, गुणवत्ता, संचालन तथा समस्याओं की जांच कर 15 दिनों के भीतर विस्तृत रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया।
उन्होंने कहा कि जांच में किसी तरह की लापरवाही नहीं होनी चाहिए। योजनाओं की वास्तविक स्थिति और कमियों का आकलन कर तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
दिसंबर 2026 तक पूरे करने होंगे सभी क्लस्टर और SVS
समीक्षा बैठक में सभी कार्यपालक अभियंताओं को दिसंबर 2026 तक सभी क्लस्टर और सिंगल विलेज स्कीम की योजनाएं पूरी कराने का निर्देश दिया गया। साथ ही, शेष गांवों में हर घर जल योजना का सत्यापन जल्द से जल्द पूरा करने को कहा गया।
मंत्री ने अधिकारियों को योजनाओं की नियमित निगरानी करने और निर्धारित समयसीमा के भीतर कार्य पूरा कराने की जिम्मेदारी सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
काम नहीं करने वाले संवेदकों को मिलेगा लीगल नोटिस
बैठक में बंद पड़ी योजनाओं और काम में अनावश्यक देरी करने वाले संवेदकों के मामलों को गंभीरता से लिया गया। विभागीय सचिव अबु इमरान ने निर्देश दिया कि निर्धारित समय पर काम पूरा नहीं करने वाले संवेदकों को नियमानुसार लीगल नोटिस जारी किया जाए। संविदा की शर्तों के अनुरूप आगे की कार्रवाई भी सुनिश्चित की जाए।
अभियान निदेशक शशि रंजन ने अधिकारियों को अपने क्षेत्र की लंबित योजनाओं की नियमित समीक्षा करने और संवेदकों की जवाबदेही तय करने को कहा। उन्होंने स्पष्ट किया कि जिन अधिकारियों या संवेदकों की लापरवाही से योजनाएं लंबित हैं, उनके विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
कार्यशील योजनाओं के लिए ग्रामीणों से लिया जाएगा जल कर
मंत्री ने कार्यशील पेयजल योजनाओं के बेहतर संचालन को लेकर भी आवश्यक निर्देश दिए। सभी कनीय और सहायक अभियंताओं को ग्रामीणों के साथ बैठक कर जल कर (वाटर टैक्स) लेने की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया। इसका उद्देश्य योजनाओं का नियमित संचालन और रखरखाव बेहतर बनाना है।
वाटर ट्रीटमेंट प्लांट की कार्यशीलता पर भी जोर
बैठक में वाटर ट्रीटमेंट प्लांट सहित बहु ग्रामीण पेयजलापूर्ति योजनाओं से जुड़ी आधारभूत संरचनाओं की स्थिति की समीक्षा की गई। सचिव अबु इमरान ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी संरचनाओं का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित किया जाए। जहां निर्माण कार्य अधूरे हैं या योजनाओं का संचालन प्रभावित है, वहां समयबद्ध तरीके से समस्याओं का समाधान किया जाए।
पारदर्शिता और गुणवत्ता के साथ योजनाएं पूरी करने का निर्देश
मंत्री योगेंद्र प्रसाद ने कहा कि पेयजलापूर्ति योजनाएं सीधे आम जनता की बुनियादी जरूरतों से जुड़ी हैं। इसलिए इनका समय पर पूरा होना और लोगों को नियमित पेयजल उपलब्ध कराना विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने अधिकारियों और संवेदकों को पूरी जवाबदेही के साथ काम करने का निर्देश दिया।
बैठक में विभागीय सचिव अबु इमरान, विशेष सचिव, अभियान निदेशक जल जीवन मिशन शशि रंजन, अभियंता प्रमुख निरंजन कुमार, रांची के उप विकास आयुक्त, खूंटी के उप विकास आयुक्त संजय कुमार भगत, मुख्य अभियंता सहित रांची पूर्व, रांची पश्चिम और खूंटी प्रमंडल के वरीय अधिकारी, विभागीय पदाधिकारी तथा संबंधित संवेदक मौजूद थे।




