
इंटरनेट पर लाइव टीवी दिखाने वाले ऐप्स के लिए सरकारी मंजूरी की सिफारिश, ट्राई ने बनाया नया प्रस्ताव
रांची, 27 अक्टूबर 2026।अबुआ न्यूज़ झारखंड
भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (ट्राई) ने इंटरनेट के माध्यम से लाइव टीवी चैनल प्रसारित करने वाले ऐप्स के लिए सरकारी मंजूरी अनिवार्य करने की सिफारिश की है। इस प्रस्ताव के दायरे में मुफ्त विज्ञापन आधारित टीवी स्ट्रीमिंग सेवाएं भी शामिल होंगी। इसका उद्देश्य इंटरनेट पर लाइव टीवी सेवाओं के संचालन के लिए एक नियामक व्यवस्था तैयार करना है।
स्मार्ट टीवी कंपनियों और ऑपरेटिंग सिस्टम प्रदाताओं की बढ़ेगी जिम्मेदारी
ट्राई के प्रस्ताव के अनुसार, स्मार्ट टीवी निर्माता कंपनियों और ऑपरेटिंग सिस्टम उपलब्ध कराने वाली कंपनियों को अपने उपकरणों तथा ऐप स्टोर पर केवल अधिकृत ऐप ही उपलब्ध कराने होंगे। इसके अलावा, इन कंपनियों को सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के समक्ष हर साल अनुपालन रिपोर्ट भी जमा करनी होगी।
ऐप्स के लिए एक लाख रुपये प्रवेश शुल्क का सुझाव
ट्राई ने लाइव टीवी स्ट्रीमिंग ऐप्स के लिए एकमुश्त एक लाख रुपये की प्रवेश फीस और आवेदन प्रक्रिया के लिए 10 हजार रुपये शुल्क निर्धारित करने का सुझाव दिया है। प्रस्ताव के तहत ऐप्स को शुरुआत में 20 साल के लिए मंजूरी देने की व्यवस्था होगी। इस अवधि को आगे 10 साल के लिए बढ़ाया जा सकेगा।
अलग से मंजूरी शुल्क और बैंक गारंटी की सिफारिश नहीं
नियामक ने प्रस्ताव में अलग से मंजूरी शुल्क लगाने के साथ बैंक गारंटी और सुरक्षा जमा की अनिवार्यता नहीं रखने की सिफारिश की है। यदि प्रस्ताव स्वीकार किया जाता है, तो इंटरनेट के जरिए लाइव टीवी चैनल उपलब्ध कराने वाले ऐप्स और उनसे जुड़े प्लेटफॉर्म को नई नियामक व्यवस्था का पालन करना पड़ सकता है।




