
गढ़वा के 24 गांवों में जंगली हाथियों का खौफ, शाम होते ही घरों में कैद होने को मजबूर ग्रामीण

गढ़वा, 25 अक्टूबर 2026।अबूआ न्यूज़ झारखंड
छत्तीसगढ़ और झारखंड के गढ़वा जिले के सीमावर्ती इलाकों में जंगली हाथियों की बढ़ती गतिविधियों ने ग्रामीणों की चिंता बढ़ा दी है। छत्तीसगढ़ की ओर से हाथियों के कई झुंड गढ़वा के जंगलों में प्रवेश कर चुके हैं। इनमें 40 से 50 हाथियों का एक बड़ा झुंड भी शामिल है। हाथियों की लगातार आवाजाही से इलाके में दहशत का माहौल बना हुआ है।
24 गांवों के लोगों की दिनचर्या प्रभावित, शाम होते ही घरों में दुबक रहे ग्रामीण
जंगली हाथियों के विचरण से जिले के 24 गांव सीधे तौर पर प्रभावित हो रहे हैं। ग्रामीणों की स्थिति ऐसी है कि वे सुबह सात बजे से शाम पांच बजे तक ही अपने जरूरी काम निपटाने की कोशिश करते हैं। इसके बाद लोग घरों में रहने को मजबूर हो जाते हैं। ग्रामीणों को डर है कि हाथियों का झुंड कहीं उनके घरों को नुकसान पहुंचाते हुए अंदर न घुस जाए। हाथियों के हमले और जान-माल के नुकसान की आशंका के कारण लोग रात में भी चैन से नहीं सो पा रहे हैं।
छह प्रखंडों के जंगलों में लगातार विचरण कर रहे हाथी
गढ़वा जिले के चिनिया, रंका, रमकंडा, भंडरिया, मेराल और बड़गढ़ प्रखंड के वन क्षेत्रों में हाथियों के झुंड लगातार घूम रहे हैं। हाथियों की मौजूदगी ने वन विभाग के सामने ग्रामीणों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की चुनौती खड़ी कर दी है। संभावित नुकसान और अप्रिय घटनाओं को रोकने के लिए विभाग लगातार निगरानी कर रहा है।
चार क्विक रिस्पॉन्स टीमें अलर्ट, विशेषज्ञ भी रख रहे नजर
हाथियों की गतिविधियों पर नजर रखने और आपात स्थिति में तत्काल कार्रवाई के लिए वन विभाग ने चार क्विक रिस्पॉन्स टीमों (क्यूआरटी) को अलर्ट मोड पर रखा है। इसके अलावा विशेषज्ञों की दो टीमें भी क्षेत्र में मौजूद हैं। विभाग की ओर से ग्रामीणों को हाथियों से बचाव के उपायों के प्रति जागरूक किया जा रहा है, ताकि किसी अप्रिय घटना को रोका जा सके।
नुकसान होने पर मिलेगा नियमानुसार मुआवजा, डीसी ने दिए निर्देश
गढ़वा के डीएफओ एबीन बेनी अब्राहम ने बताया कि हाथियों के कारण नुकसान होने पर नियमानुसार पीड़ितों को मुआवजा दिया जाता है। उन्होंने कहा कि वन विभाग की टीमें सतर्क हैं और ग्रामीणों को लगातार जागरूक किया जा रहा है। वहीं, उपायुक्त पीएन मिश्रा ने स्थिति को चिंताजनक बताते हुए वन विभाग के अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए हैं। उन्होंने ग्रामीणों से अपने-अपने क्षेत्रों में सतर्क रहने और हाथियों की गतिविधियों को लेकर सावधानी बरतने की अपील की है।




