
रांची के छप्पन सेट दुर्गा पूजा पंडाल का भव्य उद्घाटन, जस्टिस संजय प्रसाद ने खोले मां के दरबार के पट, 501 महिलाओं ने की महाआरती

रांची: राजधानी रांची में शारदीय दुर्गा पूजा की भव्यता और उत्साह अपने चरम पर पहुंच रहा है। शहर के डोरंडा स्थित छप्पन सेट कॉलोनी में आयोजित 64वें दुर्गा पूजा महोत्सव का भव्य शुभारंभ हो गया है। झारखंड हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति संजय प्रसाद ने शुक्रवार शाम विधि-विधान और वैदिक मंत्रोच्चार के बीच पूजा पंडाल का उद्घाटन किया। इसके साथ ही श्रद्धालुओं के लिए मां दुर्गा के दर्शन का मार्ग खुल गया।
इस वर्ष छप्पन सेट दुर्गा पूजा समिति ने विशेष मंदिर-आधारित थीम पर आकर्षक पंडाल तैयार कराया है। भव्य प्रवेश द्वार, विद्युत सज्जा और धार्मिक वातावरण श्रद्धालुओं के लिए आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं।
70 फीट ऊंचा और 45 फीट चौड़ा भव्य पूजा पंडाल
डोरंडा के छप्पन सेट कॉलोनी में इस वर्ष लगभग 70 फीट ऊंचे और 45 फीट चौड़े दुर्गा पूजा पंडाल का निर्माण किया गया है।
पूजा समिति की ओर से पंडाल को दक्षिणेश्वर काली मंदिर की शैली में सजाया गया है। मंदिर की वास्तुकला से प्रेरित इस संरचना में भव्यता और धार्मिक परंपराओं का विशेष ध्यान रखा गया है।
पंडाल का मुख्य प्रवेश द्वार भी आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। लगभग 45 फीट ऊंचे प्रकाशयुक्त गेट को रंग-बिरंगी लाइटों से सजाया गया है। रात में विद्युत सज्जा के कारण पूरा परिसर विशेष रूप से आकर्षक दिखाई देता है।
जस्टिस संजय प्रसाद ने किया उद्घाटन
झारखंड हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति संजय प्रसाद ने पूजा पंडाल का औपचारिक उद्घाटन किया। समारोह में पूजा समिति के पदाधिकारियों, स्थानीय नागरिकों और बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की उपस्थिति रही।
उद्घाटन के दौरान धार्मिक अनुष्ठान संपन्न कराए गए। वैदिक मंत्रोच्चार और पारंपरिक पूजा-अर्चना के बीच मां दुर्गा के दर्शन के लिए पंडाल के पट खोले गए।
इस अवसर पर न्यायमूर्ति संजय प्रसाद ने दुर्गा पूजा के आध्यात्मिक और सामाजिक महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि मां दुर्गा की आराधना शक्ति, साहस और सत्य के मार्ग पर आगे बढ़ने की प्रेरणा देती है। उन्होंने झारखंड की खुशहाली और प्रगति की कामना भी की।
501 महिलाओं की सामूहिक महाआरती बनी आकर्षण
छप्पन सेट दुर्गा पूजा महोत्सव के उद्घाटन समारोह का सबसे विशेष आकर्षण 501 महिलाओं की सामूहिक महाआरती रही।
उद्घाटन के बाद बड़ी संख्या में महिलाओं ने एक साथ मां दुर्गा की आरती उतारी। इस दौरान शंख, घंटियों और मां दुर्गा के जयकारों से पूरा पूजा परिसर गूंज उठा।
सामूहिक महाआरती ने धार्मिक आयोजन को एक विशेष पहचान दी। इसमें महिलाओं की भागीदारी और सामूहिक आस्था की सुंदर झलक देखने को मिली।
64 वर्षों से जारी है दुर्गा पूजा की परंपरा
डोरंडा स्थित छप्पन सेट कॉलोनी का दुर्गा पूजा महोत्सव अपनी वर्षों पुरानी परंपरा के लिए जाना जाता है।
पूजा समिति के मुख्य संरक्षक आलोक कुमार दुबे के अनुसार, पिछले 64 वर्षों से इस आयोजन के माध्यम से सामाजिक सौहार्द, आपसी भाईचारे और सांस्कृतिक एकता का संदेश दिया जा रहा है।
स्थानीय लोगों के सहयोग और पूजा समिति के सदस्यों की सक्रिय भागीदारी से इस महोत्सव का आयोजन हर वर्ष किया जाता है।
यह आयोजन केवल धार्मिक पूजा-अर्चना तक सीमित नहीं है, बल्कि क्षेत्रवासियों को एकजुट करने का भी अवसर प्रदान करता है।
दुर्गा पूजा को लेकर पूरे रांची में उत्साह
शारदीय नवरात्र के अवसर पर रांची के विभिन्न इलाकों में आकर्षक पूजा पंडाल तैयार किए गए हैं। शहर की पूजा समितियां इस बार अलग-अलग मंदिरों, पौराणिक कथाओं और सांस्कृतिक विषयों पर आधारित पंडालों के माध्यम से अपनी कला प्रस्तुत कर रही हैं।
डोरंडा का छप्पन सेट पूजा पंडाल भी इसी कड़ी में श्रद्धालुओं के बीच आकर्षण का केंद्र बन रहा है।
पंडालों के उद्घाटन के साथ ही राजधानी में मां दुर्गा के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की आवाजाही बढ़ रही है।
धार्मिक आस्था के साथ सामाजिक एकता का संदेश
दुर्गा पूजा भारतीय संस्कृति में शक्ति, साहस, भक्ति और बुराई पर अच्छाई की विजय का प्रतीक है। झारखंड में यह पर्व विभिन्न समुदायों को एक साथ लाने की समृद्ध परंपरा का हिस्सा रहा है।
छप्पन सेट कॉलोनी का दुर्गा पूजा आयोजन भी इसी भावना को आगे बढ़ा रहा है। सामूहिक महाआरती, पारंपरिक अनुष्ठान और स्थानीय नागरिकों की भागीदारी इस उत्सव को विशेष बनाते हैं।
अबुआ न्यूज़ झारखंड | Truth News Analysis




