
नेपाल में भारी बारिश से भूस्खलन, नदी में गिरा पहाड़ का मलबा; नारायणी की बाढ़ में बहकर पुल से टकराया क्रूज
मनांग में भूस्खलन से कुछ घंटों के लिए मरस्यांगदी नदी का प्रवाह बाधित हुआ। आपदा प्राधिकरण के 28 सितंबर के बुलेटिन में बीते 24 घंटों की 272 घटनाएँ और 21 मौतें दर्ज हैं।

काठमांडू। नेपाल में लगातार बारिश के बीच कई इलाकों में बाढ़ और भूस्खलन से जनजीवन प्रभावित है। रविवार को मनांग जिले में पहाड़ से भारी मात्रा में चट्टान और मिट्टी मरस्यांगदी नदी में गिरी। मलबे से नदी का प्रवाह कुछ घंटों के लिए बाधित हुआ। स्थानीय प्रशासन ने निचले इलाकों के लोगों को सतर्क रहने को कहा। बाद में नदी का प्रवाह सामान्य होने की सूचना दी गई। मुस्तांग जिले में भी नदी अवरुद्ध होने की घटनाएँ दर्ज हुई हैं, लेकिन मनांग की इस घटना को मुस्तांग की कालीगंडकी नदी की घटना बताना सही नहीं होगा।
24 घंटों में 272 आपदा संबंधी घटनाएँ
नेपाल के राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण एवं प्रबंधन प्राधिकरण के 28 सितंबर के दैनिक बुलेटिन के हवाले से सरकारी रेडियो नेपाल ने बताया कि बीते 24 घंटों में देशभर में 272 घटनाएँ दर्ज हुईं। इनमें 21 लोगों की मौत, चार के लापता होने और 26 के घायल होने की जानकारी दी गई। भूस्खलन की 97 घटनाएँ दर्ज की गईं। ये देशभर का आँकड़ा है, किसी एक पहाड़ के गिरने से हुई मौतों की संख्या नहीं।
नारायणी नदी में बहा ‘राइनो’ क्रूज
चितवन क्षेत्र में बाढ़ के तेज बहाव से किनारे बँधा राइनो क्रूज छूटकर नारायणी नदी के पुल के खंभे से जा टकराया और वहीं अटक गया। सुरक्षा के मद्देनजर पुल पर वाहनों की आवाजाही रोकी गई। क्रूज को निकालने के लिए अभियान चलाया गया। उपलब्ध रिपोर्टों में क्रूज के पलटने की पुष्टि नहीं है।
चितवन में खतरे के निशान से ऊपर पहुँची नदियाँ
रविवार सुबह देवघाट पर नारायणी नदी का जलस्तर 9.23 मीटर दर्ज हुआ, जबकि वहाँ खतरे का स्तर 9 मीटर है। रिउ नदी भी 3.92 मीटर तक पहुँची, जो उसके 3.8 मीटर के खतरे के निशान से ऊपर था। बारिश और मलबे के कारण चितवन समेत अन्य जिलों में कई सड़कों पर यातायात बाधित हुआ।




