
चतरा के भौराज में बनेगा 68.48 मीटर लंबा पुल, सरकार ने दी ₹3.13 करोड़ की मंजूरी
मुख्यमंत्री ग्राम सेतु योजना के तहत होगा निर्माण, बरसात में ग्रामीणों की आवागमन की परेशानी होगी दूर

प्रतापपुर (चतरा): चतरा के प्रतापपुर प्रखंड के ग्रामीणों के लिए बड़ी राहत की खबर है। हुमाजांग पंचायत के भौराज गांव के पास भौराज नदी पर अब पुल का निर्माण होगा। वर्षों से चली आ रही ग्रामीणों की मांग को देखते हुए झारखंड सरकार के ग्रामीण कार्य विभाग ने पुल निर्माण के लिए 3 करोड़ 12 लाख 97 हजार रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति दे दी है।
प्रस्तावित पुल की लंबाई 68.48 मीटर होगी। इसका निर्माण मुख्यमंत्री ग्राम सेतु योजना के तहत वित्तीय वर्ष 2026-27 में कराया जाएगा। ग्रामीण कार्य विभाग की ओर से जारी स्वीकृति आदेश के मुताबिक, पुल निर्माण के लिए चतरा विधायक जनार्दन पासवान ने 10 जून 2026 को अनुशंसा की थी।
विधायक की अनुशंसा के बाद विभाग ने योजना से जुड़े विस्तृत प्राक्कलन और तकनीकी पहलुओं की जांच की। इसके बाद पुल निर्माण को प्रशासनिक मंजूरी दी गई।
बरसात में सबसे ज्यादा होती थी परेशानी
भौराज नदी पर पुल नहीं होने की वजह से आसपास के ग्रामीणों को लंबे समय से आने-जाने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था। खासकर बारिश के मौसम में नदी का जलस्तर बढ़ने के बाद आवागमन प्रभावित हो जाता था।
ऐसे में ग्रामीणों को जरूरी काम के लिए भी परेशानी उठानी पड़ती थी। पुल निर्माण की मांग को लेकर स्थानीय लोग लगातार जनप्रतिनिधियों और संबंधित विभाग के अधिकारियों के सामने अपनी बात रखते रहे हैं।
पुल से पहले इन बातों का रखना होगा ध्यान
विभागीय स्वीकृति में पुल निर्माण से जुड़े कई जरूरी निर्देश भी दिए गए हैं। निर्माण शुरू होने से पहले पुल के दोनों तरफ पहुंच पथ के लिए जमीन की उपलब्धता सुनिश्चित करनी होगी। इसके अलावा निर्माण स्थल की जियो-टैग फोटोग्राफी कराने और निर्माण कार्य में गुणवत्ता के मानकों का पालन करने का निर्देश दिया गया है।
विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि इस योजना का काम प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) या किसी दूसरी योजना के तहत पहले से चल रहे कार्य के रूप में नहीं किया जाएगा।
ग्रामीणों में जगी स्थायी सुविधा की उम्मीद
प्रशासनिक स्वीकृति मिलने के बाद भौराज और आसपास के गांवों के लोगों में अब पुल निर्माण को लेकर उम्मीद बढ़ी है। पुल बनने के बाद खासकर बरसात के दिनों में आवागमन की समस्या काफी हद तक दूर होने और क्षेत्र को स्थायी सड़क संपर्क मिलने की उम्मीद है।




