एदलहातू, डोरंडा, बूटी मोड़ समेत कई इलाकों में खाली करायी गयी निगम की जमीन, सीमांकन के बाद बाउंड्री और संरक्षण का काम जारी

रांची शहर में लंबे समय से अतिक्रमण के कारण इस्तेमाल नहीं हो पा रही नगर निगम की जमीन अब विकास योजनाओं के लिए उपयोग में लाई जाएगी। नगर निगम ने पिछले एक साल में कई सरकारी और निगम की जमीन को अतिक्रमण से मुक्त कराया है। इसके बाद इन भूखंडों की पहचान, सीमांकन, रिकॉर्ड तैयार करने और सुरक्षा की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
निगम की ओर से उपलब्ध कराए गए आंकड़ों के मुताबिक, जिन प्रमुख भूखंडों का क्षेत्रफल स्पष्ट है, उनका कुल रकबा करीब 26.96 एकड़ यानी लगभग 27 एकड़ है। कुछ अन्य जगहों पर भी कार्रवाई हुई है, लेकिन वहां की जमीन का क्षेत्रफल अलग से दर्ज नहीं किया गया है।
एदलहातू से बूटी मोड़ तक कार्रवाई
अतिक्रमण हटाने के बाद एदलहातू में करीब 4.8 एकड़, कुसुम बिहार में 78.65 डिसमिल, करमटोली तालाब में 51 डिसमिल, डोरंडा के ग्वाला टोली में लगभग 1.20 एकड़ और थड़पखना स्थित उर्दू स्कूल की 31.5 डिसमिल जमीन को मुक्त कराया गया है।
इन जगहों पर सीमांकन के बाद बाउंड्री निर्माण और जमीन को सुरक्षित करने का काम चल रहा है। वहीं बड़ा घाघरा में करीब 2.80 एकड़, डोरंडा मानिटोला में 5 एकड़, पिंजरा पोखर-गौशाला चौक में 11 डिसमिल, डोरंडा बाजार में करीब 1 एकड़ और बूटी मोड़ चौक में लगभग 0.44 एकड़ भूमि भी अतिक्रमणमुक्त करायी गयी है।
इसके अलावा तुपुदाना में एनआइएफटी के पास, कांटाटोली बस स्टैंड, बड़गाई और बाधगाड़ी समेत अन्य इलाकों में भी सरकारी और निगम की जमीन को कब्जे से मुक्त कराने की कार्रवाई हुई है।
निगम की संपत्तियों पर भी सुरक्षा घेरा
नगर निगम अपनी महत्वपूर्ण परिसंपत्तियों को सुरक्षित करने पर भी जोर दे रहा है। मोरहाबादी इलेक्ट्रिक सब-स्टेशन, मोरहाबादी रजिस्ट्री कार्यालय, नागा बाबा खटाल एमआरएफ सेंटर, ट्रेकर स्टैंड एमआरएफ सेंटर और बकरी बाजार स्टोर की जमीन पर बाउंड्री निर्माण कराया जा रहा है।
इसके साथ ही धुर्वा, जगन्नाथपुर और खादगढ़ा स्थित आश्रय गृहों की परिसंपत्तियों को सुरक्षित रखने की दिशा में भी काम जारी है।
अतिक्रमणमुक्त जमीन पर बनेंगे वेंडिंग जोन
नगर निगम इन जमीनों को सिर्फ खाली रखकर छोड़ने के पक्ष में नहीं है। मोरहाबादी इलेक्ट्रिक सब-स्टेशन, मोरहाबादी रजिस्ट्री कार्यालय, बूटी मोड़ और डोरंडा बाजार क्षेत्र में व्यवस्थित वेंडिंग जोन बनाने की योजना है।
इससे सड़क और फुटपाथ पर दुकान लगाने वाले कारोबारियों को तय जगह मिल सकेगी और शहर में भीड़ व अव्यवस्था कम करने में मदद मिलेगी।
मजदूरों के लिए लेबर चौक, दूसरी जगहों पर लाइब्रेरी की योजना
निगम ने दैनिक मजदूरों की सुविधा के लिए डोरंडा बाजार और लोआडीह में लेबर चौक विकसित किया है। वहीं दूसरी निगम भूमि का इस्तेमाल लाइब्रेरी, आश्रय गृह और सार्वजनिक सुविधाओं के लिए करने की योजना है।
स्वच्छता और कचरा प्रबंधन से जुड़ी जरूरी आधारभूत संरचनाएं भी इन जमीनों पर विकसित की जा सकती हैं। इस तरह अतिक्रमण से मुक्त करायी गयी निगम की जमीन को अब शहर के विकास और जनसुविधाओं से जोड़ने की तैयारी है।




