
Ranchi Airport: दिल्ली-मुंबई से विदेश तक पहुंचेगा झारखंड का सामान, एयर कार्गो गेटवे के रूप में विकसित होगा रांची एयरपोर्ट
किसानों, कारोबारियों और उद्योगों को मिलेगा बड़ा फायदा, सब्जी-फल से लेकर फार्मा और औद्योगिक उत्पादों की तेज आवाजाही के लिए तैयार हो रहा कार्गो नेटवर्क

रांची। बिरसा मुंडा एयरपोर्ट की भूमिका अब सिर्फ यात्रियों की आवाजाही तक सीमित नहीं रहने वाली है। रांची एयरपोर्ट को आने वाले समय में एयर कार्गो के बड़े केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में काम हो रहा है। इसका सबसे बड़ा फायदा झारखंड के किसानों, छोटे कारोबारियों और उद्योगों को मिलने की उम्मीद है।
कार्गो सुविधाओं के विस्तार से राज्य के फल, सब्जियां, फूल, मछली, दवाएं और दूसरे जरूरी उत्पाद कम समय में देश के बड़े बाजारों तक भेजे जा सकेंगे। आगे चलकर निर्यात की सुविधा विकसित होने पर झारखंड के चुनिंदा उत्पादों के लिए विदेशी बाजार का रास्ता भी खुल सकता है।
20 हजार मीट्रिक टन से ज्यादा कार्गो हो चुका हैंडल
रांची एयरपोर्ट पर कार्गो गतिविधियों में लगातार बढ़ोतरी देखने को मिल रही है। वर्ष 2024 में संचालन शुरू होने के बाद अब तक एयरपोर्ट के टर्मिनल से 20 हजार मीट्रिक टन से अधिक कार्गो हैंडल किया जा चुका है।
पिछले वर्ष की तुलना में कार्गो वॉल्यूम में करीब 9 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। वित्तीय वर्ष 2026-27 में भी कार्गो कारोबार में करीब 10 प्रतिशत वृद्धि का लक्ष्य रखा गया है।
किसानों को दिल्ली-मुंबई जैसे बड़े बाजारों तक पहुंच
झारखंड में बड़ी मात्रा में सब्जियां, फल, फूल और मछली का उत्पादन होता है। इन उत्पादों के लिए समय पर बाजार तक पहुंचना बेहद जरूरी होता है।
अगर एयर कार्गो के साथ कोल्ड-चेन और प्री-कूलिंग जैसी सुविधाएं मजबूत होती हैं, तो यहां के उत्पाद दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु और हैदराबाद जैसे बड़े बाजारों तक कम समय में पहुंचाए जा सकते हैं। इससे किसानों को स्थानीय मंडियों के अलावा दूसरे शहरों में भी बेहतर कीमत तलाशने का मौका मिलेगा।
सिर्फ टर्मिनल नहीं, पूरा कार्गो नेटवर्क बनाने की तैयारी
रांची को केवल माल चढ़ाने और उतारने वाले टर्मिनल तक सीमित रखने के बजाय इसे एक बड़े एयर कार्गो गेटवे के तौर पर विकसित करने की संभावना है।
इसके लिए कार्गो टर्मिनल के साथ कोल्ड स्टोरेज, प्री-कूलिंग सेंटर, पैकेजिंग, ग्रेडिंग, वेयरहाउस और बेहतर सड़क कनेक्टिविटी जैसी सुविधाओं को जोड़ना अहम होगा। इससे खेत और फैक्ट्री से लेकर अंतिम बाजार तक माल पहुंचाने की पूरी व्यवस्था मजबूत हो सकेगी।
फार्मा और मेडिकल सेक्टर को भी फायदा
एयर कार्गो के विस्तार से फार्मास्यूटिकल और मेडिकल सेक्टर के लिए भी नए अवसर बन सकते हैं। तापमान नियंत्रित भंडारण और तेज हैंडलिंग की सुविधा मिलने पर दवाओं, वैक्सीन, मेडिकल उपकरण और दूसरे संवेदनशील उत्पादों को तेजी से एक जगह से दूसरी जगह भेजना आसान होगा।
रांची में फार्मा, पेरिशेबल और मशीनरी जैसे कार्गो को संभालने की क्षमता विकसित होने से इस क्षेत्र में कारोबार बढ़ने की संभावना भी बढ़ेगी।
ई-कॉमर्स कारोबार को मिलेगा नया सपोर्ट
ऑनलाइन खरीदारी बढ़ने के साथ छोटे पैकेट और हाई-वैल्यू सामान की तेज डिलीवरी की जरूरत भी बढ़ रही है। रांची में ई-कॉमर्स के लिए बेहतर कार्गो प्रोसेसिंग और डिस्पैच व्यवस्था विकसित होती है तो स्थानीय छोटे कारोबारियों को इसका फायदा मिल सकता है।
वे अपने उत्पाद झारखंड से सीधे देश के अलग-अलग हिस्सों में भेज सकेंगे।
उद्योगों के लिए तेज लॉजिस्टिक विकल्प
एयर कार्गो का फायदा झारखंड के औद्योगिक क्षेत्र को भी मिल सकता है। मशीनों के जरूरी स्पेयर पार्ट्स, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, महंगे कलपुर्जे और तत्काल जरूरत की औद्योगिक सामग्री को हवाई मार्ग से कम समय में भेजा जा सकता है।
इससे किसी मशीन में खराबी आने पर जरूरी सामान जल्द पहुंचाने और उत्पादन प्रभावित होने की अवधि कम करने में मदद मिल सकती है।
कार्गो सेक्टर के सभी स्टेकहोल्डर्स पर जोर
रांची में हाल ही में आयोजित एयर कार्गो एवं लॉजिस्टिक्स समिट में एयरलाइंस, एयरपोर्ट, कार्गो एजेंट, फ्रेट फॉरवर्डर, कारोबारी और उद्योग जगत से जुड़े प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया था।
करीब 70 प्रतिनिधियों की भागीदारी वाले इस आयोजन में क्षेत्रीय कनेक्टिविटी बढ़ाने और रांची को उभरते कार्गो गेटवे के रूप में विकसित करने से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हुई।
झारखंड के लिए क्यों अहम है एयर कार्गो?
रांची एयरपोर्ट पर कार्गो नेटवर्क मजबूत होने से झारखंड के उत्पादों को सिर्फ स्थानीय बाजार पर निर्भर रहने की जरूरत कम हो सकती है। तेज परिवहन, कोल्ड-चेन और बेहतर लॉजिस्टिक्स का नेटवर्क तैयार होने पर कृषि, फार्मा, ई-कॉमर्स और उद्योग—चारों क्षेत्रों को फायदा मिल सकता है।
आने वाले समय में रांची एयरपोर्ट झारखंड के उत्पादों को देश के बड़े शहरों के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभा सकता है।




