
रिम्स में 5000 जांच किट की तैयारी, सदर अस्पताल में 10 बेड रिजर्व; डॉक्टरों की कमी दूर करने की भी कवायद
झारखंड में स्वाइन फ्लू के बढ़ते मामलों को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने तैयारियां तेज कर दी हैं। सरकार की कोशिश है कि जल्द ही राज्य के सभी जिलों में स्वाइन फ्लू की जांच की सुविधा शुरू की जाए, ताकि संदिग्ध मरीजों की समय पर पहचान हो सके।
इसी को लेकर बुधवार को स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह ने अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। बैठक में जांच की मौजूदा व्यवस्था, आरटी-पीसीआर मशीनों और जांच किट की उपलब्धता समेत अस्पतालों की तैयारियों की जानकारी ली गई। फिलहाल रांची सदर अस्पताल, रिम्स और एमजीएम जमशेदपुर में स्वाइन फ्लू की जांच हो रही है।
अब हर जिले में जांच की तैयारी
स्वास्थ्य विभाग ने उन जिलों में जल्द जांच सुविधा शुरू करने का निर्देश दिया है, जहां अभी इसकी व्यवस्था नहीं है। जिन अस्पतालों में आरटी-पीसीआर मशीन उपलब्ध नहीं है, वहां मशीन के लिए तत्काल मांग भेजने को कहा गया है। जरूरत पड़ने पर टेक्नीशियन और पैथोलॉजिस्ट को रिम्स या सदर अस्पताल में प्रशिक्षण भी दिया जाएगा। इसके अलावा टूनेट मशीनों की संख्या बढ़ाने पर भी जोर दिया गया है।
रिम्स में 5 हजार किट खरीदने की तैयारी
स्वाइन फ्लू को लेकर रिम्स का माइक्रोबायोलॉजी विभाग भी लगातार निगरानी कर रहा है। फिलहाल यहां करीब 150 जांच किट उपलब्ध हैं।
विभाग में रोजाना 2 से 5 संदिग्ध मरीजों के सैंपल जांच के लिए आ रहे हैं। ऐसे में आगे जांच का दबाव बढ़ने की संभावना को देखते हुए 5 हजार अतिरिक्त किट की व्यवस्था करने की तैयारी है। रिम्स में बुधवार को दो संदिग्ध मरीजों के सैंपल की जांच हुई, जिनकी रिपोर्ट निगेटिव आई है।
सदर अस्पताल में फिर शुरू होगी टेस्टिंग
रांची सदर अस्पताल में भी आरटी-पीसीआर मशीन से स्वाइन फ्लू की जांच दोबारा शुरू की जाएगी। अस्पताल प्रबंधन के मुताबिक शुक्रवार से जांच शुरू होने की उम्मीद है। अस्पताल ने स्वास्थ्य विभाग से 500 जांच किट की मांग की है।
अस्पतालों में बेड और दवाओं की व्यवस्था
संक्रमण बढ़ने की स्थिति को देखते हुए रिम्स में छह बेड रिजर्व रखे गए हैं। जरूरत पड़ने पर पेइंग वार्ड के चौथे तल को भी मरीजों के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है। वहीं सदर अस्पताल में 10 बेड स्वाइन फ्लू के मरीजों के लिए आरक्षित किए गए हैं। अस्पताल में जरूरी दवाओं का स्टॉक भी तैयार रखने की व्यवस्था की गई है।
डॉक्टरों की कमी दूर करने पर भी फोकस
स्वास्थ्य विभाग ने राज्य में डॉक्टरों की कमी दूर करने की दिशा में भी काम शुरू किया है। दक्षिण भारत से करीब एक हजार पीजी डॉक्टरों को लाने की कोशिश की जा रही है। अस्पतालों की जरूरत के हिसाब से डॉक्टरों के पद तय किए जाएंगे। इसके अलावा हर विधानसभा क्षेत्र में एक सीएचसी को अपग्रेड करने के प्रस्ताव पर भी समीक्षा की गई है।
सहियाओं को दिया जाएगा छह महीने का प्रशिक्षण
ग्रामीण इलाकों में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए सहियाओं को भी प्रशिक्षित किया जाएगा। हर सब सेंटर से दो सहियाओं का चयन किया जाएगा और उन्हें छह महीने का प्रशिक्षण मिलेगा। प्रशिक्षण के बाद ये सहिया ब्लड कलेक्शन और ड्रेसिंग जैसे कार्यों में सहयोग कर सकेंगी।
कुल मिलाकर झारखंड में स्वाइन फ्लू को लेकर स्वास्थ्य विभाग ने अपनी तैयारियां बढ़ा दी हैं। जांच की सुविधा बढ़ाने से लेकर किट, मशीन, बेड और मेडिकल स्टाफ की व्यवस्था तक, सरकार संक्रमण की स्थिति से निपटने के लिए कई स्तरों पर तैयारी कर रही है।

