Duleep Trophy: वैभव सूर्यवंशी ने रचा इतिहास, 42 गेंदों में फिफ्टी जड़ 57 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़ा

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15 साल 175 दिन की उम्र में बनाया 50+ स्कोर, लक्ष्मण सिंह का 1969 का रिकॉर्ड किया अपने नाम; 81 गेंदों में 92 रन की तूफानी पारी

स्पोर्ट्स डेस्क: दलीप ट्रॉफी के पहले सेमीफाइनल में युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी ने एक बार फिर अपनी आक्रामक बल्लेबाजी से इतिहास रच दिया। ईस्ट जोन की ओर से सेंट्रल जोन के खिलाफ खेलते हुए वैभव ने महज 42 गेंदों में अर्धशतक पूरा किया और भारतीय घरेलू क्रिकेट का 57 साल पुराना रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया।

वैभव ने यह उपलब्धि महज 15 साल 175 दिन की उम्र में हासिल की। इसके साथ ही वह दलीप ट्रॉफी में फिफ्टी प्लस स्कोर बनाने वाले सबसे कम उम्र के बल्लेबाज बन गए।

1969 का रिकॉर्ड हुआ ध्वस्त

वैभव से पहले यह रिकॉर्ड लक्ष्मण सिंह के नाम था। उन्होंने साल 1969 में 16 साल 23 दिन की उम्र में दलीप ट्रॉफी में 50 से ज्यादा रन की पारी खेली थी। करीब 57 साल बाद वैभव सूर्यवंशी ने इससे कम उम्र में यह कारनामा कर नया रिकॉर्ड कायम कर दिया। खास बात यह रही कि वैभव ने अपना अर्धशतक छक्के के साथ पूरा किया।

81 गेंदों पर 92 रन, शतक से चूके

मुकाबले में पहले बल्लेबाजी करते हुए सेंट्रल जोन की टीम 266 रन पर ऑलआउट हो गई। इसके बाद ईस्ट जोन की पारी में वैभव सूर्यवंशी ने तेज शुरुआत की और गेंदबाजों पर जमकर हमला बोला। उन्होंने 81 गेंदों पर 92 रन की शानदार पारी खेली। उनकी पारी में 7 छक्के और 7 चौके शामिल रहे। हालांकि, वह अपना शतक पूरा करने से महज 8 रन दूर रह गए।

छक्के के साथ पूरी की फिफ्टी

वैभव की बल्लेबाजी का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि उन्होंने सिर्फ 42 गेंदों में अपना अर्धशतक पूरा कर लिया। उन्होंने छक्का लगाकर 50 रन के आंकड़े को पार किया। कम उम्र में इतनी आक्रामक बल्लेबाजी के साथ दलीप ट्रॉफी जैसे बड़े घरेलू टूर्नामेंट में रिकॉर्ड बनाना वैभव के लिए बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है।

लगातार सुर्खियों में हैं वैभव

वैभव सूर्यवंशी पिछले कुछ समय से अपनी विस्फोटक बल्लेबाजी के कारण लगातार चर्चा में हैं। कम उम्र के बावजूद उन्होंने घरेलू क्रिकेट में जिस तरह का आत्मविश्वास और आक्रामक अंदाज दिखाया है, उसने क्रिकेट प्रशंसकों का ध्यान खींचा है। दलीप ट्रॉफी के सेमीफाइनल में 92 रन की पारी के साथ वैभव ने एक बार फिर साबित किया कि बड़े मंच पर भी वह दबाव में खेलने के बजाय अपने आक्रामक अंदाज में बल्लेबाजी करना पसंद करते हैं।

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