Jharkhand SIR: स्कूल-कॉलेजों में चलेगा विशेष अभियान, एक परिवार के वोटरों को एक ही बूथ पर जोड़ने का निर्देश

0
142
Share This Post

CEO के. रवि कुमार ने अधिकारियों को दिए निर्देश, घर-घर सत्यापन के साथ नए युवा मतदाताओं का पंजीकरण और विसंगतियों के समाधान पर जोर

रांची: झारखंड में विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR की प्रक्रिया के तहत मतदाता सूची को दुरुस्त करने का काम तेज किया जा रहा है। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार ने सभी जिला निर्वाचन पदाधिकारियों को सत्यापन अभियान में तेजी लाने के साथ-साथ पात्र नागरिकों का नाम मतदाता सूची में जोड़ने और परिवार के सदस्यों की मतदान केंद्र संबंधी विसंगतियों को दूर करने का निर्देश दिया है।

गुरुवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए हुई बैठक में राज्य के सभी जिलों में चल रहे SIR कार्यों की समीक्षा की गई। इस दौरान ‘होम-टू-रोल’ सत्यापन और ‘एक परिवार–एक मतदान केंद्र’ को प्राथमिकता देने को कहा गया।

घर-घर पहुंचेंगे BLO

मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने निर्देश दिया कि BLO घर-घर जाकर मतदाता सूची का सत्यापन करें। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी पात्र भारतीय नागरिक मतदाता सूची में शामिल होने से वंचित न रह जाए। जिन पात्र लोगों का नाम अभी तक मतदाता सूची में दर्ज नहीं है, उनसे फॉर्म-6 और निर्धारित घोषणा-पत्र लेकर नाम जोड़ने की प्रक्रिया पूरी करने को कहा गया है।

वहीं, यदि एक ही परिवार या घर के सदस्य अलग-अलग मतदान केंद्रों की मतदाता सूची में दर्ज हैं, तो जरूरत के अनुसार फॉर्म-8 भरवाकर उन्हें नजदीकी और एक ही मतदान केंद्र पर सूचीबद्ध करने की कार्रवाई की जाएगी। प्राप्त सभी फॉर्म और दस्तावेजों का साथ-साथ डिजिटाइजेशन करने का भी निर्देश दिया गया है।

स्कूल-कॉलेजों में युवाओं के लिए विशेष अभियान

SIR के दौरान नए और युवा मतदाताओं को जोड़ने पर भी विशेष जोर दिया जा रहा है। इसके लिए स्कूलों और कॉलेजों में जागरूकता अभियान चलाने का निर्देश दिया गया है। शिक्षण संस्थानों की मदद से पात्र विद्यार्थियों को मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने की प्रक्रिया की जानकारी दी जाएगी। युवाओं को ECINET के माध्यम से पंजीकरण के लिए प्रेरित करने और फॉर्म-6 भरने की प्रक्रिया समझाने को कहा गया है।

खतियान और वंशावली का भी होगा मिलान

मतदाता सूची में उम्र और पारिवारिक संबंधों से जुड़ी विसंगतियों की जांच के लिए खतियान और वंशावली से जुड़े रिकॉर्ड का भी इस्तेमाल किया जाएगा। एक ही खतियान और उससे संबंधित वंशावली में दर्ज मतदाताओं के मामलों की एक साथ जांच करने का निर्देश दिया गया है। माता-पिता, बच्चों और पूर्वजों से जुड़े उपलब्ध दस्तावेजों को मिलाकर उम्र और पारिवारिक संबंधों की तार्किकता जांची जाएगी।

इससे गलत उम्र, गलत पारिवारिक विवरण या गलत वंशावली के आधार पर मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने की कोशिशों की पहचान करने में मदद मिलेगी।

नोटिस की सुनवाई घर के नजदीक कराने पर जोर

SIR के तहत जिन मतदाताओं को ERO स्तर से नोटिस जारी किए गए हैं, उनकी सुनवाई यथासंभव उनके निवास स्थान के नजदीक स्थित केंद्र पर कराने का निर्देश दिया गया है। निर्वाचन अधिकारियों से कहा गया है कि बुजुर्गों, दिव्यांगजनों, गर्भवती महिलाओं और दूरदराज के ग्रामीण इलाकों में रहने वाले मतदाताओं को अनावश्यक रूप से लंबी दूरी तय न करनी पड़े। सुनवाई केंद्र, तारीख और समय की जानकारी संबंधित मतदाताओं तक समय पर पहुंचाने को भी कहा गया है, ताकि वे जरूरी दस्तावेजों के साथ निर्धारित स्थान पर पहुंचकर अपना पक्ष रख सकें।

SIR में इन कामों पर रहेगा फोकस

  • घर-घर मतदाता सत्यापन
  • पात्र नागरिकों का नया पंजीकरण
  • एक परिवार–एक मतदान केंद्र
  • फॉर्म-6 और फॉर्म-8 की प्रक्रिया
  • मतदाता रिकॉर्ड का डिजिटाइजेशन
  • खतियान और वंशावली का सत्यापन
  • युवा मतदाताओं के लिए स्कूल-कॉलेज अभियान
  • नोटिस की सुनवाई के लिए नजदीकी केंद्र की व्यवस्था

यानी झारखंड में SIR के तहत मतदाता सूची को अधिक सटीक बनाने की कवायद तेज हो गई है। घर-घर सत्यापन से लेकर स्कूल-कॉलेजों में युवा मतदाताओं को जोड़ने तक कई स्तरों पर अभियान चलाया जा रहा है।

    LEAVE A REPLY

    Please enter your comment!
    Please enter your name here