नासिक से विशेष मालगाड़ियों के जरिए बड़े शहरों तक पहुंचेगी प्याज की खेप, सप्लाई बढ़ाकर कीमतों पर लगाम लगाने की तैयारी

प्याज के बढ़ते दाम ने एक बार फिर आम लोगों की चिंता बढ़ा दी है। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, पिछले एक साल में देश में प्याज की औसत खुदरा कीमत करीब 59 फीसदी बढ़ चुकी है। 24 अगस्त को प्याज का औसत भाव 43 रुपये 53 पैसे प्रति किलो पहुंच गया, जबकि पिछले साल इसी समय यह करीब 27 रुपये प्रति किलो था।
कीमतों पर काबू पाने के लिए केंद्र सरकार ने अब ‘कांदा एक्सप्रेस’ चलाने का फैसला किया है। इसके तहत महाराष्ट्र के नासिक से विशेष मालगाड़ियों के जरिए प्याज को उन बड़े शहरों तक पहुंचाया जाएगा, जहां सप्लाई का दबाव ज्यादा है।
आखिर प्याज इतना महंगा क्यों हुआ? इसकी बड़ी वजह सप्लाई में कमी बताई जा रही है। महाराष्ट्र में बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि से रबी प्याज की फसल और पुराने स्टॉक पर असर पड़ा। वहीं, मानसून में देरी के कारण खरीफ प्याज की बुवाई भी प्रभावित हुई, जिससे नई फसल की आवक को लेकर दबाव बना हुआ है।
इसका असर बड़े शहरों में भी दिख रहा है। दिल्ली में प्याज का भाव 35 रुपये से बढ़कर 65 रुपये और चेन्नई में 33 रुपये से बढ़कर 58 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गया है।
अब सरकार की नजर सप्लाई बढ़ाने पर है। नासिक से सीधे प्रमुख बाजारों तक प्याज पहुंचने से उपलब्धता बढ़ने और कीमतों में राहत मिलने की उम्मीद है। हालांकि, आने वाले दिनों में प्याज के दाम कितने कम होंगे, यह काफी हद तक नई खरीफ फसल की आवक और बाजार में सप्लाई पर निर्भर करेगा।

