JPSC-JSSC छात्र आंदोलन और खनिज विधेयक पर आज मंथन, सीएम हेमंत सोरेन ने बुलाई कैबिनेट बैठक

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शाम 4:30 बजे प्रोजेक्ट भवन में बैठक, छात्रों की मांगों पर ठोस फैसले और खनिज विधेयक के खिलाफ आगे की रणनीति पर हो सकती है चर्चा

रांची: झारखंड में लंबे समय से चल रहे JPSC-JSSC छात्र आंदोलन के बीच मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने सोमवार शाम राज्य मंत्रिमंडल की अहम बैठक बुलाई है। यह बैठक शाम 4:30 बजे प्रोजेक्ट भवन में होगी। बैठक में छात्रों की मांगों के साथ केंद्र सरकार के नए खनिज विधेयक को लेकर राज्य की आगे की रणनीति पर भी चर्चा होने की संभावना है।

कैबिनेट बैठक को ऐसे समय में महत्वपूर्ण माना जा रहा है, जब JPSC और JSSC की परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर छात्र लगातार आंदोलन कर रहे हैं। छात्र परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता, निष्पक्ष भर्ती और कथित गड़बड़ियों की जांच समेत कई मांगों को लेकर सरकार से ठोस कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।

छात्रों की मांगों पर हो सकता है बड़ा फैसला

बैठक में आंदोलनरत अभ्यर्थियों की मांगों पर मंत्रियों के साथ विस्तार से चर्चा होने की संभावना है। सरकार की कोशिश बताई जा रही है कि छात्रों की समस्याओं का कोई स्थायी और स्वीकार्य समाधान निकाला जाए।

इसके साथ ही प्रतियोगी परीक्षाओं की व्यवस्था में सुधार, भर्ती प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने और भविष्य में विवाद की स्थिति से बचने के लिए जरूरी कदमों पर भी मंथन हो सकता है।

छात्रों और सरकार के बीच इससे पहले कई दौर की बातचीत हो चुकी है। इसके बावजूद आंदोलन खत्म नहीं हुआ है। ऐसे में कैबिनेट बैठक के फैसले पर आंदोलनकारी छात्रों के साथ-साथ राजनीतिक दलों की भी नजर है।

खनिज विधेयक पर भी सरकार तय करेगी रणनीति

कैबिनेट बैठक का दूसरा अहम मुद्दा खनिज विधेयक 2026 बताया जा रहा है। केंद्र सरकार के नए प्रावधानों को लेकर झारखंड सरकार ने आपत्ति जताई है। राज्य सरकार का दावा है कि खनिजों से जुड़े सेस के प्रावधान में बदलाव से झारखंड के राजस्व पर बड़ा असर पड़ सकता है।

सरकार के मुताबिक, इससे राज्य को हर साल करीब 13 हजार करोड़ रुपये के राजस्व नुकसान की आशंका है। राज्य का कहना है कि इससे विकास योजनाओं और जनकल्याणकारी कार्यक्रमों के लिए उपलब्ध संसाधनों पर असर पड़ सकता है।

राष्ट्रपति, पीएम और राहुल गांधी को पत्र लिख चुके हैं सीएम

खनिज विधेयक के मुद्दे पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन पहले ही अपना विरोध दर्ज करा चुके हैं। उन्होंने इस मामले में राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी को पत्र लिखकर राज्य के हितों और वित्तीय अधिकारों से जुड़े मुद्दे उठाए हैं।

अब कैबिनेट बैठक में इस मुद्दे पर राज्य सरकार की आगे की कानूनी और राजनीतिक रणनीति पर चर्चा होने की संभावना है। सरकार यह तय कर सकती है कि केंद्र के नए प्रावधानों के खिलाफ किस स्तर पर आगे कदम उठाया जाए।

दो बड़े मुद्दों पर टिकी नजर

एक तरफ हजारों अभ्यर्थी परीक्षा व्यवस्था में सुधार और अपनी मांगों पर ठोस निर्णय का इंतजार कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर खनिज विधेयक को लेकर राज्य सरकार राजस्व और वित्तीय हितों की चिंता जता रही है। ऐसे में सोमवार की कैबिनेट बैठक के फैसले झारखंड की राजनीति और प्रशासनिक व्यवस्था, दोनों के लिहाज से अहम माने जा रहे हैं।

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