पूर्व अधिकारियों से पूछताछ में मिले अहम इनपुट के बाद जांच का दायरा बढ़ा। JSBCL के IT मैनेजर समेत कई लोगों को पूछताछ के लिए बुलाया गया।

रांची: झारखंड की नई उत्पाद नीति और कथित शराब घोटाले की जांच अब निर्णायक मोड़ पर पहुंचती दिख रही है। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने मामले में पूछताछ का दायरा और बढ़ाते हुए कई नए लोगों को समन जारी किया है। एजेंसी का मानना है कि हाल ही में पूर्व अधिकारियों से हुई पूछताछ में मिले इनपुट जांच को नई दिशा दे सकते हैं।
सूत्रों के मुताबिक, पूर्व उत्पाद आयुक्त समेत अन्य अधिकारियों से हुई पूछताछ के दौरान कुछ अहम जानकारियां सामने आईं। इन्हीं तथ्यों के आधार पर JSBCL के आईटी मैनेजर अमर कुमार महतो को 7 अगस्त को पूछताछ के लिए तलब किया गया है।
समन की अनदेखी करने वालों को फिर बुलावा
ACB ने उन लोगों पर भी सख्ती दिखाई है जिन्होंने पहले जारी समन का पालन नहीं किया था। प्लेसमेंट हेल्थकेयर एंड रिसर्च सेंटर प्राइवेट लिमिटेड के संयुक्त सहायक निदेशक विकास अग्रवाल और A-2-Z इंफ्रा सर्विसेज लिमिटेड के निदेशक मनोज तिवारी और अरुण गौर को दोबारा 10 अगस्त को पूछताछ के लिए उपस्थित होने का निर्देश दिया गया है।
इसके अलावा, 6 अगस्त को पूर्व CSMCL के प्रबंध निदेशक अरुणपति त्रिपाठी, कारोबारी श्यामजी शरण और नेक्सजेन सॉल्यूशन प्राइवेट लिमिटेड के सीईओ अरुण कुमार सिंह को भी फिर से पूछताछ के लिए समन भेजा गया है।
डिजिटल सिस्टम पर रहेगा जांच का फोकस
जांच एजेंसी अब शराब वितरण से जुड़े डिजिटल सिस्टम की गहराई से पड़ताल करेगी। ACB विशेष रूप से Track and Trace System, डिजिटल मॉनिटरिंग, सिस्टम लॉग और शराब आपूर्ति से जुड़े आईटी रिकॉर्ड की जांच करेगी। एजेंसी का मानना है कि डिजिटल डेटा और तकनीकी रिकॉर्ड इस कथित घोटाले की कई अहम कड़ियों को जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। इसी वजह से आईटी से जुड़े अधिकारियों से विस्तृत पूछताछ की तैयारी की गई है।
जांच में आ सकती है नई तेजी
लगातार जारी समन और तकनीकी साक्ष्यों की जांच से संकेत मिल रहे हैं कि ACB अब मामले के हर पहलू की बारीकी से पड़ताल कर रही है। आने वाले दिनों में पूछताछ और डिजिटल रिकॉर्ड के विश्लेषण के आधार पर जांच में नए खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।

