फुकेट से दिल्ली आ रही एयर इंडिया की फ्लाइट भीषण टर्बुलेंस की चपेट में, 17 यात्री घायल

0
76
Share This Post
लैंडिंग से पहले विमान अचानक करीब 300 फीट नीचे आया। यात्रियों में मची अफरा-तफरी, सभी घायलों का दिल्ली एयरपोर्ट पर इलाज।

नई दिल्ली: थाईलैंड के फुकेट से दिल्ली आ रही एयर इंडिया की फ्लाइट AI-2379 मंगलवार को लैंडिंग से ठीक पहले भीषण टर्बुलेंस (हवा के दबाव में अचानक बदलाव) की चपेट में आ गई। तेज झटकों के कारण विमान कुछ ही सेकंड में लगभग 300 फीट नीचे आ गया, जिससे विमान के अंदर अफरा-तफरी मच गई और कई यात्री अपनी सीटों से उछल गए।फ्लाइट में कुल 134 यात्री सवार थे। हादसे में 13 यात्रियों और 4 केबिन क्रू सदस्यों समेत कुल 17 लोग घायल हो गए। तेज झटकों के दौरान कई यात्रियों का संतुलन बिगड़ गया और वे सीट, ओवरहेड बिन तथा सामान से टकरा गए। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार एक यात्री के कान का पर्दा फटने की भी खबर है, जबकि अन्य लोगों के गर्दन, कंधे और कान में चोटें आई हैं।

हालांकि पायलट ने स्थिति पर नियंत्रण बनाए रखा और विमान को सुरक्षित तरीके से दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर उतार लिया। एयर इंडिया के अनुसार, विमान के उतरते ही सभी घायलों को तुरंत प्राथमिक चिकित्सा और मेडिकल जांच उपलब्ध कराई गई। राहत की बात यह रही कि किसी भी यात्री की हालत गंभीर नहीं बताई गई है।

क्या होता है टर्बुलेंस?

टर्बुलेंस वायुमंडल में हवा की अनियमित और अस्थिर गति को कहा जाता है। यह तापमान, वायुदाब, जेट स्ट्रीम या पहाड़ी क्षेत्रों में बनने वाले एयर पॉकेट्स के कारण उत्पन्न होता है। ऐसी स्थिति में विमान अचानक ऊपर-नीचे या दाएं-बाएं झटके खाने लगता है।

क्या टर्बुलेंस से विमान दुर्घटनाग्रस्त हो सकता है?

विशेषज्ञों के अनुसार आधुनिक यात्री विमान गंभीर टर्बुलेंस को भी सहने के लिए डिज़ाइन किए जाते हैं। अधिकांश मामलों में टर्बुलेंस से विमान दुर्घटनाग्रस्त होने की संभावना बेहद कम होती है। हालांकि यदि यात्री सीट बेल्ट नहीं लगाए हों, तो अचानक लगने वाले झटकों से चोट लगने का खतरा बढ़ जाता है। खराब मौसम या अत्यधिक टर्बुलेंस की स्थिति में विमान की संरचना पर अतिरिक्त दबाव पड़ सकता है, लेकिन आधुनिक विमानों में सुरक्षा के उच्च मानक अपनाए जाते हैं।

    LEAVE A REPLY

    Please enter your comment!
    Please enter your name here