रांची की जलापूर्ति योजना में नई अड़चन: NHAI ने NOC के लिए मांगे ₹32 करोड़, सरकार ने राशि माफ करने को कहा

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तिलता चौक से पिस्का मोड़ तक 10.8 किमी राइजिंग पाइपलाइन का काम अटका; पाइपलाइन बिछी तो रुक्का डैम से करीब 1.50 लाख घरों तक पहुंचेगा पानी, पांच लाख से अधिक लोगों को मिलेगा लाभ

रांची: राजधानी रांची की बहुप्रतीक्षित शहरी जलापूर्ति योजना एक बार फिर प्रशासनिक और वित्तीय अड़चन में फंस गई है। रुक्का डैम से शहर की जलमीनारों तक पानी पहुंचाने के लिए तिलता चौक से पिस्का मोड़ तक 10.8 किलोमीटर लंबी राइजिंग पाइपलाइन बिछाई जानी है। इसके लिए राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने अनापत्ति प्रमाण पत्र यानी NOC देने पर सहमति तो जताई है, लेकिन इसके बदले ₹32 करोड़ जमा करने की शर्त रखी है। इस शर्त के बाद राज्य सरकार ने NHAI को पत्र लिखकर राशि माफ करने का आग्रह किया है। सरकार का तर्क है कि यह परियोजना पूरी तरह जनहित और पेयजल आपूर्ति से जुड़ी है, इसलिए इस पर अतिरिक्त वित्तीय बोझ नहीं डाला जाना चाहिए।

करीब ₹1100 करोड़ की है पूरी परियोजना

रांची शहरी जलापूर्ति योजना की कुल लागत करीब ₹1100 करोड़ बताई गई है। परियोजना के तहत राजधानी में अब तक 450 किलोमीटर से अधिक वितरण पाइपलाइन बिछाई जा चुकी है। इसके साथ ही शहर के अलग-अलग इलाकों में 10 से अधिक जलमीनारों का निर्माण भी पूरा हो चुका है। इतना काम होने के बावजूद योजना का महत्वपूर्ण हिस्सा अब भी अधूरा है।

10.8 किमी पाइपलाइन ने रोक रखा है रुक्का का पानी

परियोजना की सबसे बड़ी अड़चन तिलता चौक से पिस्का मोड़ के बीच का 10.8 किलोमीटर लंबा हिस्सा है। यहां राइजिंग पाइपलाइन नहीं बिछ पाने के कारण रुक्का डैम से आने वाला पानी तैयार जलमीनारों तक नहीं पहुंच पा रहा है। यही वजह है कि वितरण पाइपलाइन और जलमीनारों का बड़ा हिस्सा तैयार होने के बावजूद नई जलापूर्ति व्यवस्था का पूरा लाभ शहर के लोगों को नहीं मिल पाया है।

2019 से NOC का इंतजार

इस पाइपलाइन के लिए NOC का मामला नया नहीं है। जुडको वर्ष 2019 से NHAI से अनुमति मांग रहा है। 2019 से 2025 के बीच NOC के लिए 11 बार पत्राचार किया गया। इस दौरान कई संयुक्त बैठकें भी हुईं, लेकिन पाइपलाइन बिछाने की अनुमति नहीं मिल सकी। अब लंबे इंतजार के बाद 2026 में NHAI ने NOC देने पर सहमति जताई है, लेकिन इसके साथ ₹32 करोड़ जमा करने की शर्त सामने आने से परियोजना के लिए नई चुनौती खड़ी हो गई है।

सरकार बोली, जनहित की योजना पर अतिरिक्त बोझ न डालें

राज्य सरकार ने NHAI के सामने अपना पक्ष रखते हुए कहा है कि रांची शहरी जलापूर्ति योजना का सीधा संबंध आम लोगों को शुद्ध और नियमित पेयजल उपलब्ध कराने से है। इसी आधार पर सरकार ने NHAI से ₹32 करोड़ की राशि माफ करने का अनुरोध किया है। अब आगे की कार्रवाई NHAI के निर्णय पर निर्भर करेगी।

पाइपलाइन पूरी हुई तो 1.50 लाख घरों को मिलेगा पानी

तिलता चौक से पिस्का मोड़ तक राइजिंग पाइपलाइन बिछाने का काम पूरा होने पर रुक्का डैम से शहर की जलमीनारों तक पानी पहुंचाया जा सकेगा।इससे रांची के करीब 1.50 लाख घरों और पांच लाख से अधिक लोगों को नियमित शुद्ध पेयजल मिलने की उम्मीद है।

गर्मी में पानी की किल्लत से मिल सकती है राहत

नई व्यवस्था शुरू होने से खास तौर पर गर्मियों में राजधानी के कई इलाकों में होने वाली पानी की किल्लत कम करने में मदद मिल सकती है। साथ ही पानी के लिए टैंकरों पर निर्भरता भी घटने की उम्मीद है। शहर में वितरण नेटवर्क और जलमीनारों का बड़ा हिस्सा पहले ही तैयार हो चुका है। ऐसे में 10.8 किलोमीटर की राइजिंग पाइपलाइन पूरी परियोजना की अहम कड़ी बन गई है।

2019 से 2026 तक ऐसे चला मामला

2019 में जुडको ने तिलता चौक से पिस्का मोड़ तक पाइपलाइन बिछाने के लिए NHAI से पहली बार NOC मांगी थी। इसके बाद 2019 से 2025 के बीच 11 बार पत्राचार और कई संयुक्त बैठकें हुईं। अब 2026 में NHAI ने NOC देने पर सहमति जताई है, लेकिन ₹32 करोड़ जमा करने की शर्त रखी है। राज्य सरकार इस राशि को माफ कराने की कोशिश कर रही है।

फिलहाल रांची की इस बड़ी पेयजल परियोजना की निगाहें NHAI और राज्य सरकार के बीच इस मुद्दे के समाधान पर टिकी हैं। ₹32 करोड़ की शर्त का समाधान होते ही 10.8 किलोमीटर राइजिंग पाइपलाइन का रास्ता साफ हो सकता है और रुक्का का पानी लाखों लोगों तक पहुंचाने की योजना आगे बढ़ सकती है।

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