झारखंड के 100 CM School of Excellence में अगले सत्र से शुरू होगा नामांकन, सुविधाओं पर खर्च होंगे ₹721 करोड़

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59 प्रखंड और 41 पंचायत स्तरीय स्कूलों का होगा विकास; ICT और लैंग्वेज लैब के साथ फिजिक्स, केमिस्ट्री व बायोलॉजी की अलग प्रयोगशालाएं बनेंगी, इंडोर-आउटडोर खेल सुविधाओं पर भी जोर

रांची: झारखंड में स्कूली शिक्षा की गुणवत्ता और सरकारी विद्यालयों में आधुनिक सुविधाओं का विस्तार करने की दिशा में बड़ी पहल की जा रही है। राज्य के 100 CM School of Excellence में अगले शैक्षणिक सत्र से नामांकन शुरू करने की तैयारी है। स्कूलों के संचालन से जुड़े प्रस्ताव को कैबिनेट की स्वीकृति मिलने के बाद स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग ने आवश्यक तैयारियां शुरू कर दी हैं। इन स्कूलों में विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक माहौल देने के साथ आधुनिक लैब, खेल सुविधाएं और जरूरत के मुताबिक अतिरिक्त कक्षाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।

59 प्रखंड और 41 पंचायत स्तरीय स्कूल शामिल

शिक्षा विभाग की ओर से चयनित विद्यालयों में आवश्यक संसाधनों का आकलन कराया गया है। इन 100 स्कूलों में 59 प्रखंड स्तरीय और 41 पंचायत स्तरीय स्कूल शामिल हैं। स्कूलों में विद्यार्थियों की संख्या और आवश्यकता के अनुसार अतिरिक्त वर्ग कक्षों का निर्माण भी किया जाएगा।

अलग-अलग स्कूलों में अलग कक्षाओं तक होगी पढ़ाई

चयनित 100 स्कूलों में से 48 स्कूलों में कक्षा 1 से 12वीं तक की पढ़ाई होगी। इसके अलावा 6 विद्यालयों में कक्षा 6 से 12वीं तक और 24 विद्यालयों में कक्षा 9 से 12वीं तक पढ़ाई कराने की व्यवस्था होगी।

पर्याप्त जमीन वाले स्कूलों में बनेगा मल्टीपर्पज हॉल

जिन विद्यालयों के पास पर्याप्त जमीन उपलब्ध है, वहां मल्टीपर्पज हॉल का निर्माण किया जाएगा। इन हॉल का उपयोग स्कूल की विभिन्न शैक्षणिक, सांस्कृतिक और अन्य गतिविधियों के लिए किया जा सकेगा।

ICT और लैंग्वेज लैब की मिलेगी सुविधा

CM School of Excellence को आधुनिक तकनीक से जोड़ने की भी तैयारी है। चयनित स्कूलों में ICT लैब और लैंग्वेज लैब स्थापित की जाएंगी। इससे विद्यार्थियों को डिजिटल शिक्षा के साथ भाषा संबंधी कौशल विकसित करने के लिए बेहतर संसाधन उपलब्ध हो सकेंगे।

फिजिक्स, केमिस्ट्री और बायोलॉजी की अलग लैब

विज्ञान की पढ़ाई को बेहतर बनाने के लिए विद्यालयों में भौतिकी, रसायन विज्ञान और जीव विज्ञान की अलग-अलग प्रयोगशालाएं स्थापित की जाएंगी। इससे विद्यार्थियों को केवल किताबों तक सीमित रहने के बजाय प्रयोग आधारित शिक्षा का अवसर भी मिलेगा।

इंडोर और आउटडोर खेल सुविधाएं होंगी विकसित

पढ़ाई के साथ विद्यार्थियों के शारीरिक और खेल कौशल के विकास पर भी ध्यान दिया जाएगा। इन स्कूलों में आउटडोर और इंडोर खेल की सुविधाएं विकसित की जाएंगी। इससे स्कूलों में शैक्षणिक गतिविधियों के साथ खेलकूद के लिए भी बेहतर आधारभूत संरचना तैयार होगी।

₹721 करोड़ होंगे खर्च

राज्य सरकार इन 100 CM School of Excellence पर कुल ₹721 करोड़ खर्च करेगी। इस राशि से अतिरिक्त कक्षाओं, प्रयोगशालाओं, ICT और लैंग्वेज लैब, मल्टीपर्पज हॉल तथा खेल सुविधाओं समेत जरूरी आधारभूत संरचना विकसित की जाएगी।

सरकार की यह पहल सरकारी विद्यालयों को आधुनिक संसाधनों से लैस करने और विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

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