कृषि मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने परियोजना को दी मंजूरी; ग्रेडिंग, पैकेजिंग, भंडारण और वैज्ञानिक प्रसंस्करण की आधुनिक सुविधाएं होंगी उपलब्ध, राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंच बढ़ाने पर जोर

रांची: झारखंड में फल और सब्जी उत्पादक किसानों को बेहतर बाजार उपलब्ध कराने और कृषि उत्पादों की वैज्ञानिक पैकेजिंग, भंडारण एवं प्रसंस्करण को बढ़ावा देने की दिशा में बड़ी पहल की जा रही है। रांची के नगड़ी में मॉडल एकीकृत पैकहाउस एवं कृषि प्रसंस्करण केंद्र स्थापित किया जाएगा। कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने गुरुवार को नेपाल हाउस सचिवालय में उद्यानिकी विभाग की समीक्षा बैठक के दौरान इस परियोजना को मंजूरी देते हुए अधिकारियों को इसके क्रियान्वयन की दिशा में आगे बढ़ने का निर्देश दिया।
किसानों को मिलेंगी आधुनिक सुविधाएं
कृषि मंत्री ने कहा कि इस केंद्र के बनने से किसानों को अपने उत्पादों की ग्रेडिंग, पैकेजिंग, प्रसंस्करण और वैज्ञानिक भंडारण जैसी आधुनिक सुविधाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध हो सकेंगी। इससे कृषि उत्पादों की गुणवत्ता और बाजार क्षमता बढ़ाने में मदद मिलेगी। साथ ही किसानों को अपने उत्पाद राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंचाने में भी सुविधा होगी।
NHRDF को दी जाएगी संचालन की जिम्मेदारी
प्रस्तावित मॉडल पैकहाउस एवं कृषि प्रसंस्करण केंद्र के संचालन की जिम्मेदारी नगड़ी स्थित NHRDF को सौंपे जाने की योजना है। सरकार का उद्देश्य आधुनिक तकनीक और बेहतर मार्केटिंग व्यवस्था के माध्यम से किसानों को उत्पादन के बाद होने वाली चुनौतियों से राहत देना और उनकी उपज को बेहतर बाजार उपलब्ध कराना है।
मधुमक्खी पालन योजना के लिए बनेगी अलग वेबसाइट
समीक्षा बैठक के दौरान कृषि मंत्री ने मधुमक्खी पालन योजना के लिए समर्पित वेबसाइट विकसित करने का भी निर्देश दिया। इस वेबसाइट पर लाभुक किसानों की प्रोफाइल, सफलता की कहानियां और शहद उत्पादों के लिए मार्केट लिंकेज से जुड़ी जानकारी उपलब्ध कराने को कहा गया है। इससे मधुमक्खी पालन से जुड़े किसानों और उनके उत्पादों को बाजार से जोड़ने में मदद मिलेगी।
हाईटेक नर्सरी और उद्यानिकी पार्क की तैयारी
कृषि मंत्री ने हाईटेक नर्सरी सह उद्यानिकी पार्क की स्थापना की दिशा में भी तेजी से काम करने का निर्देश दिया। इसके लिए ICAR-IIHR, बेंगलुरु से DPR प्राप्त कर जल्द कार्रवाई करने को कहा गया है। इसके जरिए राज्य में आधुनिक उद्यानिकी तकनीकों को बढ़ावा देने और किसानों को बेहतर पौध सामग्री एवं तकनीकी सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में काम किया जाएगा।
योजनाओं में क्लस्टर आधारित मॉडल पर जोर
बैठक में मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने गौण उद्यान योजना के लिए विस्तृत कार्ययोजना तैयार करने, उद्यानिकी योजनाओं में क्लस्टर आधारित मॉडल अपनाने तथा प्रसंस्करण और वैल्यू एडिशन पर विशेष जोर देने का निर्देश दिया। इसका उद्देश्य केवल कृषि उत्पादन बढ़ाना नहीं, बल्कि उपज की प्रोसेसिंग और मूल्य संवर्धन के जरिए किसानों को बेहतर आर्थिक लाभ दिलाना भी है।
अधिकारियों को प्रमंडलवार जिम्मेदारी
उद्यान निदेशालय के पांच सहायक निदेशकों को अलग-अलग प्रमंडलों की जिम्मेदारी सौंपने का निर्देश दिया गया है। ये अधिकारी योजनाओं की नियमित मॉनिटरिंग करेंगे और क्षेत्र भ्रमण के जरिए जमीनी स्तर पर प्रगति की समीक्षा सुनिश्चित करेंगे।
उत्पादन से बाजार तक मजबूत व्यवस्था सरकार की प्राथमिकता
कृषि मंत्री ने कहा कि किसानों को उत्पादन से लेकर विपणन तक मजबूत व्यवस्था उपलब्ध कराना राज्य सरकार की प्राथमिकता है। इससे झारखंड के कृषि और उद्यानिकी उत्पादों को राष्ट्रीय और वैश्विक बाजार में अलग पहचान दिलाने में मदद मिल सकती है। बैठक में विभाग के सचिव अबूबकर सिद्दीख पी, विशेष सचिव गोपाल जी तिवारी, उद्यान निदेशक परवीन टोप्पो समेत विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

