झारखंड में सरकारी भुगतान के नियम बदले, गेस्ट यूजर के जरिए सीधे पेमेंट पर रोक

0
58
Share This Post

वेतन घोटालों के बाद वित्त विभाग ने JGRAS पोर्टल की व्यवस्था में किया बदलाव; भुगतान से पहले दर्ज करनी होगी पूरी व्यक्तिगत जानकारी, सरकारी कर्मियों के वेतन-भत्तों में देरी पर भी विभाग सख्त

रांची: झारखंड में सरकारी राजस्व संग्रह और ऑनलाइन भुगतान की व्यवस्था को अधिक पारदर्शी और जवाबदेह बनाने के लिए वित्त विभाग ने बड़ा बदलाव किया है। राज्य के विभिन्न जिलों में सामने आए वेतन घोटालों के बाद विभाग ने झारखंड इलेक्ट्रॉनिक गवर्नमेंट अकाउंटिंग सिस्टम (JGRAS) पोर्टल के संचालन से जुड़े नियमों में संशोधन किया है। नई व्यवस्था के तहत अब बिना पूरी पहचान और व्यक्तिगत जानकारी दर्ज किए गेस्ट यूजर के रूप में सीधे भुगतान नहीं किया जा सकेगा। भुगतान करने वाले व्यक्ति को पहले पोर्टल पर अपनी विस्तृत जानकारी दर्ज करनी होगी। आवश्यक विवरण दर्ज होने के बाद ही लॉगिन कर भुगतान की प्रक्रिया पूरी करने की अनुमति मिलेगी।

25 जुलाई से लागू हुई नई व्यवस्था

वित्त विभाग की ओर से लागू की गई नई व्यवस्था 25 जुलाई से प्रभावी कर दी गई है। विभाग ने इंटीग्रेटेड फाइनेंशियल मैनेजमेंट सिस्टम (IFMS) के तहत JGRAS पोर्टल की समीक्षा के दौरान भुगतान व्यवस्था से जुड़ी एक महत्वपूर्ण खामी पाई थी। समीक्षा में सामने आया कि गेस्ट यूजर विकल्प से भुगतान करने वाले व्यक्तियों का पूरा विवरण सिस्टम में दर्ज नहीं हो रहा था। इससे भुगतानकर्ता की स्पष्ट पहचान सुनिश्चित करने में परेशानी हो रही थी।

कानूनी और प्रशासनिक दिक्कतों के बाद बदला नियम

स्पष्ट पहचान उपलब्ध नहीं होने के कारण विभाग को कई मामलों में कानूनी और प्रशासनिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा था। इसी समस्या को दूर करने के लिए गेस्ट यूजर के माध्यम से होने वाले भुगतान की प्रक्रिया में बदलाव किया गया है। अब किसी व्यक्ति को गेस्ट यूजर के रूप में भुगतान करने से पहले अपनी विस्तृत व्यक्तिगत जानकारी पोर्टल पर दर्ज करनी होगी। जरूरी विवरण दर्ज होने के बाद ही संबंधित व्यक्ति लॉगिन करके भुगतान प्रक्रिया आगे बढ़ा सकेगा।

सभी विभागों को नई व्यवस्था अपनाने का निर्देश

वित्त विभाग की संयुक्त सचिव ज्योति कुमारी झा ने इस संबंध में पत्र जारी कर सभी विभागों को नई व्यवस्था अपनाने का निर्देश दिया है। इसके साथ ही NIC और सॉफ्टवेयर डेवलपर्स को JGRAS पोर्टल में आवश्यक तकनीकी बदलाव तत्काल लागू करने के लिए कहा गया है। इसका उद्देश्य भुगतान करने वाले व्यक्ति की पहचान को स्पष्ट रखना और वित्तीय लेनदेन की जवाबदेही बढ़ाना है।

वेतन और भत्तों के भुगतान में देरी पर वित्त विभाग सख्त

इसी बीच झारखंड सरकार ने सरकारी कर्मचारियों के मासिक वेतन और नियमित भत्तों के भुगतान में हो रही देरी पर भी सख्त रुख अपनाया है। वित्त विभाग ने सभी अपर मुख्य सचिवों, प्रधान सचिवों, सचिवों, प्रमंडलीय आयुक्तों, उपायुक्तों और कोषागार अधिकारियों को निर्देश जारी किए हैं। अधिकारियों से झारखंड कोषागार संहिता, 2016 के नियम-139 का हर हाल में पालन सुनिश्चित करने को कहा गया है।

समय पर वेतन भुगतान सुनिश्चित करने का निर्देश

वित्त विभाग के सचिव प्रशांत कुमार की ओर से 30 जुलाई को जारी पत्र में कहा गया है कि कुछ विभागों और कार्यालयों में सरकारी सेवकों के मासिक वेतन और भत्तों का भुगतान निर्धारित समय पर नहीं किया जा रहा है। विभाग ने संबंधित अधिकारियों को नियमों का पालन करते हुए कर्मचारियों के वेतन और नियमित भत्तों का समय पर भुगतान सुनिश्चित करने को कहा है। एक तरफ सरकार ऑनलाइन भुगतान व्यवस्था में पहचान और पारदर्शिता बढ़ाने के लिए JGRAS प्रणाली में बदलाव कर रही है, वहीं दूसरी तरफ सरकारी कर्मचारियों के वेतन और भत्तों में होने वाली देरी को लेकर भी अधिकारियों की जवाबदेही तय करने पर जोर दिया जा रहा है।

    LEAVE A REPLY

    Please enter your comment!
    Please enter your name here