JPSC Exam Irregularities Case: दूसरे दिन भी CID के सामने पेश हुए पूर्व अध्यक्ष एल खियांग्ते, 8 घंटे से अधिक हुई पूछताछ

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JPSC Exam Irregularities Case झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) की 14वीं संयुक्त सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा में कथित गड़बड़ियों की जांच के सिलसिले में आयोग के पूर्व अध्यक्ष एल खियांग्ते लगातार दूसरे दिन CID कार्यालय पहुंचे और जांच एजेंसी के सामने पेश हुए। पहले दिन उनसे 8 घंटे से अधिक समय तक पूछताछ की गई । इस JPSC परीक्षा अनियमितता मामले में अब तक कुल 10 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है 

JPSC परीक्षा अनियमितता मामला: एल खियांग्ते से 8 घंटे से अधिक पूछताछ

सूत्रों के अनुसार, सीआईडी अधिकारियों ने पूर्व अध्यक्ष एल खियांग्ते से परीक्षा एजेंसी के चयन, शिकायतों के निवारण और उनकी विदेश यात्राओं सहित कई बिंदुओं पर सवाल किए । खियांग्ते मंगलवार सुबह करीब 11 बजे एक किराए की कार में सीआईडी कार्यालय पहुंचे, ताकि मीडिया का ध्यान आकर्षित न हो 

इस JPSC परीक्षा अनियमितता मामले में जांच एजेंसी ने आयोग के कार्यालय सहित कई स्थानों पर छापेमारी की है और महत्वपूर्ण दस्तावेज, ओएमआर शीट और डिजिटल साक्ष्य जब्त किए हैं 

JPSC परीक्षा अनियमितता मामला: पूर्व अध्यक्ष ने निष्पक्ष जांच का किया समर्थन

एल खियांग्ते ने अपने इस्तीफे के बाद पहली बार सार्वजनिक रूप से कहा कि उन्होंने निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने के लिए स्वेच्छा से पद छोड़ा है । उन्होंने कहा, “अगर मैं पद पर बना रहता तो साक्ष्यों में हेरफेर की कोशिशों पर सवाल उठ सकते थे। इसलिए मैंने स्वेच्छा से पद छोड़ने का फैसला किया” 

हालांकि, खियांग्ते ने यह भी कहा कि परीक्षा नियमावली के अनुसार ही ली गई थी और उन्होंने 2002 के प्रक्रिया नियमों का पालन किया । उन्होंने उन आरोपों को भी खारिज किया कि परीक्षा परिणाम में आयोग के सदस्यों के हस्ताक्षर नहीं थे, यह कहते हुए कि नियमों के अनुसार अंतिम मेरिट सूची में ही सदस्यों की भूमिका होती है 

JPSC परीक्षा अनियमितता मामला: 9 परीक्षाएं स्थगित, 10 गिरफ्तार

इस JPSC परीक्षा अनियमितता मामले में सीआईडी ने अब तक 10 लोगों को गिरफ्तार किया है । गिरफ्तार किए गए लोगों में जेपीएससी की पूर्व उप परीक्षा नियंत्रक श्वेता गुप्ता, टीडीपीएल के निदेशक रामवीर सिंह, मार्केटिंग मैनेजर अभय तिवारी और कंपनी के अन्य कर्मचारी शामिल हैं 

इस JPSC परीक्षा अनियमितता मामले में ब्लॉक सप्लाई ऑफिसर (बीएसओ) अभय तिवारी की गिरफ्तारी एक बड़ा खुलासा रहा है। तिवारी गोड्डा जिले में बीएसओ के पद पर कार्यरत थे और साथ ही टीडीपीएल (टीएसआर डेटा प्रोसेसिंग प्राइवेट लिमिटेड) के मार्केटिंग मैनेजर भी थे । उक्त एजेंसी को पहले उत्तर प्रदेश और झारखंड में ब्लैकलिस्ट किया जा चुका था 

विवाद बढ़ने के बाद जेपीएससी ने 25 से 27 जुलाई तक प्रस्तावित मुख्य परीक्षा सहित कुल 9 भर्ती परीक्षाओं को अगले आदेश तक स्थगित कर दिया 

JPSC परीक्षा अनियमितता मामला: मुख्य आरोप क्या हैं?

इस JPSC परीक्षा अनियमितता मामले में अभ्यर्थियों ने कई गंभीर आरोप लगाए हैं :

  • श्रेणीवार कट-ऑफ अंक प्रकाशित नहीं किए गए
  • मेरिट लिस्ट में आयोग के संवैधानिक सदस्यों के हस्ताक्षर नहीं थे
  • सोशल मीडिया पर ओएमआर शीट वायरल हुईं, जिनमें कुछ अभ्यर्थियों ने 144 अंकों के क्वालीफाइंग मार्क्स से बहुत कम प्रश्नों का उत्तर देने के बावजूद क्वालीफाई किया
  • परीक्षा आयोजित करने वाली एजेंसी (टीडीपीएल) पहले से ब्लैकलिस्टेड थी

JPSC परीक्षा अनियमितता मामला: विपक्ष ने की CBI जांच की मांग

जेपीएससी के इस विवाद के बीच विपक्ष के नेता बाबूलाल मरांडी ने सीबीआई जांच की मांग की है । उन्होंने आरोप लगाया कि सीआईडी जांच केवल दिखावा है और इससे दोषियों को बचाने की कोशिश की जा रही है 

वहीं, कांग्रेस नेता राकेश सिन्हा ने कहा कि राज्य सरकार ने जेपीएससी अध्यक्ष का इस्तीफा लेकर और 10 लोगों को गिरफ्तार करके जवाबदेही तय की है 

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