देवघर-बासुकीनाथ समेत प्रमुख धार्मिक स्थलों की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा, डीजीपी ने सभी जिलों के एसपी को दिए विशेष निर्देश।

धनबाद: विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेला 2026 को सुरक्षित और सुव्यवस्थित बनाने के लिए झारखंड पुलिस ने व्यापक तैयारी शुरू कर दी है। इस बार मेले की सुरक्षा में पहली बार आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित निगरानी प्रणाली का उपयोग किया जाएगा, जिससे भीड़ की गतिविधियों पर रियल टाइम नजर रखी जा सकेगी।
झारखंड के पुलिस महानिदेशक (DGP) अनिल पाल्टा ने धनबाद में आयोजित उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में देवघर, बासुकीनाथ और अन्य प्रमुख धार्मिक स्थलों की सुरक्षा व्यवस्था की विस्तार से समीक्षा की। बैठक में संताल परगना प्रमंडल के सभी जिलों के पुलिस अधीक्षक शामिल हुए। डीजीपी ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि मेले के दौरान सुरक्षा व्यवस्था में किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए। उन्होंने कहा कि AI आधारित निगरानी प्रणाली से संदिग्ध गतिविधियों की पहचान, भीड़ नियंत्रण और आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
बैठक में कानून-व्यवस्था, ट्रैफिक प्रबंधन, साइबर अपराध की रोकथाम, लंबित वारंटों के निष्पादन, फरार अपराधियों की गिरफ्तारी और गंभीर मामलों की समीक्षा भी की गई। अधिकारियों को सभी आवश्यक तैयारियां समय से पहले पूरी करने के निर्देश दिए गए। nडीजीपी ने कहा कि श्रावणी मेले में आने वाले लाखों श्रद्धालुओं की सुरक्षा झारखंड पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसके लिए पर्याप्त पुलिस बल, आधुनिक संसाधन और तकनीकी सहायता उपलब्ध कराई जाएगी, ताकि श्रद्धालुओं को सुरक्षित, व्यवस्थित और सुगम यात्रा का अनुभव मिल सके।

