प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि युवाओं का भविष्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। पेपर लीक मामलों में दोषियों को जल्द सजा दिलाने के लिए फास्ट-ट्रैक कोर्ट स्थापित किए जाएंगे।

नई दिल्ली: देशभर में प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक की घटनाओं को लेकर बढ़ती चिंता के बीच केंद्र सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने घोषणा की है कि पेपर लीक मामलों की त्वरित सुनवाई के लिए फास्ट-ट्रैक कोर्ट स्थापित किए जाएंगे, ताकि दोषियों को जल्द सजा मिल सके।
प्रधानमंत्री ने कहा कि युवाओं का भविष्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए हर आवश्यक कदम उठाया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।
सख्त कानून के बाद अब तेज सुनवाई
सरकार पहले ही पब्लिक एग्जामिनेशन (प्रिवेंशन ऑफ अनफेयर मीन्स) एक्ट, 2024 लागू कर चुकी है। अब फास्ट-ट्रैक कोर्ट के गठन से पेपर लीक और संगठित परीक्षा घोटालों से जुड़े मामलों का तेजी से निपटारा किया जाएगा।
युवाओं का भरोसा बहाल करने की कोशिश
प्रधानमंत्री ने कहा कि परीक्षा व्यवस्था को निष्पक्ष और पारदर्शी बनाना सरकार की जिम्मेदारी है। उन्होंने सभी राज्यों से भी इस दिशा में समन्वय के साथ काम करने की अपील की।
केंद्रीय नेताओं ने फैसले का किया स्वागत
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह सहित कई केंद्रीय नेताओं ने इस निर्णय का स्वागत करते हुए कहा कि इससे परीक्षा घोटालों पर प्रभावी रोक लगेगी और युवाओं का भरोसा मजबूत होगा। उनका कहना है कि त्वरित न्याय व्यवस्था से दोषियों पर सख्त कार्रवाई सुनिश्चित होगी।
परीक्षा प्रणाली में सुधार की दिशा में बड़ा कदम
सरकार का मानना है कि फास्ट-ट्रैक कोर्ट और सख्त कानून के संयुक्त प्रभाव से पेपर लीक जैसी घटनाओं पर अंकुश लगेगा तथा प्रतियोगी परीक्षाओं की विश्वसनीयता और पारदर्शिता को नई मजबूती मिलेगी।

