NEET-2026 परीक्षा में कथित अनियमितताओं, छात्र आंदोलन और केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर कांग्रेस और झामुमो ने राज्यभर में प्रदर्शन, पुतला दहन और ज्ञापन सौंपकर निष्पक्ष जांच की मांग की।

रांची: NEET-2026 परीक्षा में कथित पेपर लीक, परीक्षा प्रक्रिया में अनियमितताओं, छात्र आंदोलन और दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर कथित पुलिस कार्रवाई के विरोध में झारखंड में गुरुवार को कांग्रेस और झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) ने राज्यव्यापी विरोध-प्रदर्शन किया। कई जिलों में रैलियां निकाली गईं, केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी हुई, पुतला दहन किया गया और राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपकर निष्पक्ष जांच की मांग उठाई गई।
कोडरमा में पुतला दहन
कोडरमा के तिलैया स्थित झंडा चौक पर झामुमो कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन करते हुए प्रधानमंत्री का पुतला दहन किया। प्रदर्शनकारियों ने बेरोजगारी, प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित पेपर लीक और छात्रों के भविष्य से जुड़े मुद्दों को लेकर केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।
रामगढ़ में राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन
रामगढ़ में कांग्रेस की जिला अध्यक्ष एवं विधायक ममता देवी के नेतृत्व में उपायुक्त के माध्यम से राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन में परीक्षा प्रणाली में कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की गई।
पाकुड़ में आक्रोश मार्च
पाकुड़ में झामुमो जिलाध्यक्ष अजीजुल इस्लाम के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने आक्रोश मार्च निकालकर केंद्र सरकार का पुतला दहन किया। सभा में नेताओं ने आरोप लगाया कि छात्रों की लोकतांत्रिक आवाज को दबाने की कोशिश की जा रही है।
जमशेदपुर में कांग्रेस का प्रदर्शन
पूर्वी सिंहभूम जिला कांग्रेस कमेटी ने उपायुक्त कार्यालय के समक्ष विरोध प्रदर्शन किया। जिला अध्यक्ष परविंदर सिंह ने आरोप लगाया कि छात्र आंदोलन के दौरान बल प्रयोग किया गया और परीक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग दोहराई। कांग्रेस ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री से इस्तीफे की मांग भी उठाई।
गिरिडीह, साहिबगंज और हजारीबाग में भी विरोध
गिरिडीह में कांग्रेस और झामुमो दोनों ने अलग-अलग प्रदर्शन किए। वहीं साहिबगंज में कांग्रेस ने धरना देकर राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन भेजा। हजारीबाग में झामुमो ने विरोध जुलूस निकालकर प्रधानमंत्री और केंद्रीय शिक्षा मंत्री का पुतला दहन किया।
राजनीतिक माहौल हुआ गर्म
राज्यभर में हुए प्रदर्शनों के दौरान दोनों दलों ने आरोप लगाया कि प्रतियोगी परीक्षाओं में लगातार सामने आ रही कथित अनियमितताओं से युवाओं का भरोसा कमजोर हो रहा है। प्रदर्शनकारियों ने परीक्षा प्रणाली को अधिक पारदर्शी बनाने, कथित पेपर लीक मामलों की निष्पक्ष जांच कराने और छात्र आंदोलनों के दौरान हुई कथित पुलिस कार्रवाई की जांच की मांग की।
इन विरोध-प्रदर्शनों के बाद झारखंड में शिक्षा व्यवस्था, प्रतियोगी परीक्षाओं और छात्र आंदोलन को लेकर राजनीतिक माहौल और अधिक गर्म हो गया है।

