झारखंड स्वास्थ्य लिपिकीय संघ की बैठक में क्षेत्रीय लिपिक संवर्ग नियमावली में संशोधन, कर्मचारियों की समस्याओं के समाधान, संगठनात्मक मजबूती और विभागीय समन्वय को लेकर विस्तृत चर्चा की गई।

रांची: झारखंड स्वास्थ्य विभाग के लिपिकीय संवर्ग की सेवा नियमावली में सुधार और कर्मचारियों से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर विचार-विमर्श के लिए रांची स्थित स्वास्थ्य निदेशालय में एक महत्वपूर्ण संगठनात्मक बैठक आयोजित की गई। बैठक का नेतृत्व झारखंड स्वास्थ्य लिपिकीय संघ के राज्य सचिव मनोज कुमार ने किया।
बैठक में झारखंड अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ के राज्य महामंत्री बीरेंद्र कुमार यादव, झारखंड चिकित्सा एवं जन स्वास्थ्य कर्मचारी संघ के प्रदेश महामंत्री शैलेन्द्र तिवारी, अखिल भारतीय राज्य सरकारी कर्मचारी महासंघ की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष शर्मीला ठाकुर तथा चतुर्थ वर्गीय स्वास्थ्य विभाग कर्मचारी संघ के संघर्ष मंत्री संत कुमार झा सहित कई पदाधिकारी शामिल हुए।
बैठक के दौरान क्षेत्रीय लिपिक संवर्ग नियमावली में आवश्यक सुधार, कर्मचारियों की सेवा संबंधी समस्याओं और संगठनात्मक मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई। प्रतिनिधिमंडल ने स्वास्थ्य विभाग के अपर सचिव एवं अन्य अधिकारियों से मुलाकात कर कर्मचारियों की समस्याओं और नियमावली में अपेक्षित बदलावों पर अपने सुझाव भी प्रस्तुत किए। बैठक में इस बात पर विशेष जोर दिया गया कि कर्मचारियों के हितों की रक्षा के लिए विभाग और संगठन के बीच बेहतर समन्वय, नियमित संवाद और सकारात्मक सहयोग को आगे बढ़ाया जाए। उपस्थित पदाधिकारियों ने लिपिकीय संवर्ग से जुड़े मुद्दों पर एकजुट होकर कार्य करने की आवश्यकता पर बल दिया।
बैठक में संगठन को और अधिक मजबूत, सक्रिय और प्रभावी बनाने की रणनीति पर भी चर्चा हुई। वक्ताओं ने कहा कि कर्मचारियों के अधिकारों और साझा हितों की रक्षा के लिए संगठनात्मक एकता सबसे बड़ी ताकत है। इस अवसर पर शम्भू सिंह, प्रदीप सेन, रमेश कुमार, भूपेश कुमार, संतोष कुमार गुप्ता, अजय कुमार सहित कई कर्मचारी एवं संगठन के सदस्य उपस्थित रहे। सभी ने कर्मचारियों के हितों की रक्षा, संगठनात्मक गतिविधियों को मजबूत बनाने और भविष्य में भी साझा प्रयास जारी रखने का संकल्प व्यक्त किया।

