30 जुलाई से शुरू होने वाले श्रावणी मेले को लेकर व्यापक स्वास्थ्य इंतजाम, 35 अस्थायी स्वास्थ्य केंद्र और अतिरिक्त मेडिकल टीमों की भी तैनाती

देवघर: 30 जुलाई से शुरू होने वाले विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेले को लेकर झारखंड सरकार ने स्वास्थ्य और आपातकालीन सेवाओं की व्यापक तैयारी पूरी कर ली है। स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने सोमवार को देवघर में आयोजित समीक्षा बैठक में स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन की तैयारियों का जायजा लिया तथा अधिकारियों को श्रद्धालुओं को बेहतर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। बैठक में निर्णय लिया गया कि पूरे मेले के दौरान 35 अस्थायी स्वास्थ्य केंद्र संचालित किए जाएंगे। इनमें से 32 केंद्र 24 घंटे डॉक्टरों, पैरामेडिकल स्टाफ, ऑक्सीजन सिलेंडर, आवश्यक दवाइयों और एंबुलेंस सुविधा के साथ कार्य करेंगे।
श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए तपोवन, खरगडीहा और त्रिकूट पहाड़ में तीन अतिरिक्त चिकित्सा शिविर भी लगाए जाएंगे, जो प्रतिदिन सुबह 6 बजे से शाम 6 बजे तक संचालित होंगे। प्रशासन ने मेले के लिए दो विशेष मेला अस्पताल भी तैयार किए हैं। इनमें पुराने सदर अस्पताल परिसर में 50 बेड का अस्थायी अस्पताल तथा नए सदर अस्पताल में 100 बेड का अस्पताल शामिल है। इसके अलावा दुम्मा बॉर्डर, बीएड कॉलेज, कुमैठा और नेहरू पार्क में 10-10 बेड की अस्थायी स्वास्थ्य इकाइयां स्थापित की जाएंगी। इस तरह मेले के दौरान कुल 190 अस्पताल बेड उपलब्ध रहेंगे।
स्वास्थ्य विभाग ने निजी अस्पतालों, नर्सिंग होम और इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) के साथ भी समन्वय स्थापित किया है, ताकि आवश्यकता पड़ने पर 100 अतिरिक्त बैकअप बेड उपलब्ध कराए जा सकें। वहीं डायरिया जैसी बीमारियों से निपटने के लिए 20 बेड का अलग वार्ड भी तैयार किया गया है। आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने के लिए पूरे मेला क्षेत्र और प्रमुख मार्गों पर 41 एंबुलेंस, जिनमें रूट लाइन टोटो एंबुलेंस और मोबाइल रिस्पॉन्स यूनिट भी शामिल हैं, तैनात रहेंगी। स्वास्थ्य विभाग ने बताया कि पूरे मेले के दौरान नियमित स्वच्छता अभियान, खाद्य सुरक्षा निरीक्षण और दवाओं की गुणवत्ता की जांच भी की जाएगी, ताकि लाखों श्रद्धालुओं को सुरक्षित और बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जा सकें।

