रांची की प्यास बुझाने वाली पाइपलाइन में बड़ा रिसाव, रोज़ बर्बाद हो रहा लाखों लीटर पानी

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दीपाटोली के पास 50 साल पुरानी गेतलसूद पाइपलाइन में लगातार लीकेज, 60 हजार से अधिक घरों की जलापूर्ति पर पड़ रहा असर।

रांची। राजधानी रांची की पेयजल व्यवस्था इन दिनों गंभीर चुनौती का सामना कर रही है। गेतलसूद डैम से शहर तक पानी पहुंचाने वाली मुख्य पाइपलाइन में दीपाटोली के पास लगातार रिसाव हो रहा है। इस वजह से हर दिन लाखों लीटर पेयजल व्यर्थ बह रहा है, जबकि शहर के कई इलाकों में जलापूर्ति प्रभावित होने की शिकायतें भी सामने आ रही हैं। यह पाइपलाइन प्रतिदिन करीब 33 करोड़ लीटर पानी रांची तक पहुंचाती है और 60 हजार से अधिक घरों को हाउसहोल्ड कनेक्शन के माध्यम से पेयजल उपलब्ध कराती है। अनुमान है कि राजधानी की लगभग 80 प्रतिशत आबादी इसी जलापूर्ति प्रणाली पर निर्भर है।

50 साल पुरानी पाइपलाइन बनी चिंता का कारण

जानकारी के अनुसार, जिस पाइपलाइन से पानी का रिसाव हो रहा है, वह करीब 50 वर्ष पुरानी है। लंबे समय से उपयोग के कारण पाइप कई जगह कमजोर हो चुकी है। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसी पुरानी पाइपलाइन की नियमित तकनीकी जांच और समय पर बदलाव जरूरी है, ताकि भविष्य में बड़े नुकसान से बचा जा सके।

जलापूर्ति भी हो रही प्रभावित

स्थानीय लोगों का कहना है कि लगातार हो रहे रिसाव के कारण कई क्षेत्रों में पानी का दबाव कम हो जाता है। इसका सीधा असर नियमित जलापूर्ति पर पड़ रहा है। एक ओर लोग पानी के लिए इंतजार करते हैं, वहीं दूसरी ओर बहुमूल्य पेयजल नालों में बहकर बर्बाद हो रहा है।

स्थायी समाधान की जगह अस्थायी मरम्मत

सबसे चिंताजनक बात यह है कि लीकेज रोकने के लिए विभाग ने स्थायी मरम्मत के बजाय प्लास्टिक की पन्नी का सहारा लिया है। इसके बावजूद पानी का रिसाव बंद नहीं हुआ। पाइपलाइन से बहता पानी खेलगांव स्टेडियम और गाड़ी गांव के बीच स्थित नाले में लगातार गिर रहा है। स्थानीय लोगों ने जलापूर्ति विभाग से जल्द स्थायी मरम्मत और पुरानी पाइपलाइन बदलने की मांग की है। उनका कहना है कि राजधानी की प्यास बुझाने वाली इस महत्वपूर्ण पाइपलाइन की अनदेखी भविष्य में बड़े जल संकट का कारण बन सकती है।

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