21वीं सदी के अनुरूप बने परीक्षा व्यवस्था, छात्र-केंद्रित शिक्षा की जरूरत: राहुल गांधी

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देहरादून में छात्रों को संबोधित करते हुए राहुल गांधी ने कहा कि मौजूदा परीक्षा प्रणाली पुरानी हो चुकी है और इसमें व्यापक सुधार की आवश्यकता है।

देहरादून। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने देश की मौजूदा परीक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि भारत को 21वीं सदी की जरूरतों के अनुरूप नई परीक्षा प्रणाली विकसित करनी होगी। देहरादून में आयोजित छात्रों की एक रैली को संबोधित करते हुए राहुल गांधी ने कहा कि वर्तमान परीक्षा व्यवस्था 19वीं सदी की सोच पर आधारित है, जबकि आज की चुनौतियों के अनुसार इसे आधुनिक और छात्र-केंद्रित बनाया जाना चाहिए।

उन्होंने कहा कि देश को ऐसी परीक्षा प्रणाली की जरूरत है, जिसमें छात्र केंद्र में हों, सुरक्षित प्रश्न बैंक की व्यवस्था हो और रैंडम प्रश्नपत्र तैयार किए जाएं, ताकि परीक्षा प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और निष्पक्ष बन सके। राहुल गांधी ने कहा कि आज देश की शिक्षा व्यवस्था ऐसी स्थिति में पहुंच गई है, जहां पेपर लीक जैसी घटनाएं आम होती जा रही हैं, जिससे छात्रों का भविष्य प्रभावित होता है। उन्होंने परीक्षा प्रणाली को अधिक विश्वसनीय और तकनीक आधारित बनाने की आवश्यकता पर बल दिया।

कांग्रेस नेता ने यह भी कहा कि किसी भी शैक्षणिक संस्थान पर किसी राजनीतिक दल या संगठन का प्रभाव नहीं होना चाहिए। शिक्षा संस्थानों को स्वतंत्र और निष्पक्ष वातावरण में कार्य करना चाहिए, ताकि छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल सके। राहुल गांधी ने कहा कि समय की मांग है कि शिक्षा और परीक्षा प्रणाली में ऐसे सुधार किए जाएं, जो छात्रों की क्षमता, रचनात्मकता और भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप हों।

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