SIR 2026: झारखंड में 50.60% मतदाताओं का डिजिटाइजेशन पूरा, शहरी वोटरों के लिए 18 और 20 जुलाई को विशेष शिविर

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96.68% मतदाताओं तक पहुंचे एन्यूमरेशन फॉर्म, ग्रामीण क्षेत्रों में अच्छी भागीदारी; शहरी युवाओं की कम सहभागिता पर निर्वाचन आयोग चिंतित।

रांची: झारखंड में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) 2026 अभियान तेजी से आगे बढ़ रहा है। राज्य के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार ने बताया कि मतदाता सूची को शुद्ध और त्रुटिरहित बनाने के उद्देश्य से चलाए जा रहे इस अभियान में बीएलओ, मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के बीएलए-2 और मतदाताओं के सहयोग से तेजी से कार्य किया जा रहा है। राज्य में अब तक 96.68 प्रतिशत मतदाताओं तक घर-घर जाकर एन्यूमरेशन फॉर्म पहुंचाए जा चुके हैं।

मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने बताया कि वर्तमान में केवल कुछ ही मतदाता ऐसे हैं, जिन्हें अब तक एन्यूमरेशन फॉर्म प्राप्त नहीं हुआ है। इनमें ASDD (Absent, Shifted, Dead, Duplicate) सूची में शामिल मतदाता भी हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि बड़ी संख्या में मतदाता अपने भरे हुए फॉर्म बीएलओ को वापस कर रहे हैं और उनका डिजिटाइजेशन भी तेज गति से किया जा रहा है। अब तक राज्य में 50.60 प्रतिशत मतदाताओं के फॉर्म का डिजिटाइजेशन पूरा हो चुका है। के. रवि कुमार ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में मतदाता समय पर अपने एन्यूमरेशन फॉर्म जमा कर रहे हैं और वहां अभियान को अच्छा सहयोग मिल रहा है। हालांकि, उन्होंने शहरी क्षेत्रों, विशेषकर युवा मतदाताओं की कम भागीदारी पर चिंता व्यक्त की। उनका कहना है कि बार-बार पलायन, घर-घर सत्यापन के दौरान बीएलओ से संपर्क न हो पाना और शिक्षा या रोजगार के लिए दूसरे शहरों में रहने वाले युवाओं की उदासीनता अभियान के सामने बड़ी चुनौती बनकर उभरी है।

इन्हीं चुनौतियों को देखते हुए निर्वाचन विभाग ने 18 और 20 जुलाई 2026 को राज्य के सभी शहरी मतदान केंद्रों पर विशेष शिविर आयोजित करने का निर्णय लिया है। ये शिविर सुबह 10:00 बजे से शाम 4:00 बजे तक चलेंगे। जिन शहरी मतदाताओं ने अभी तक अपना SIR गणना प्रपत्र प्राप्त या जमा नहीं किया है, वे इन शिविरों में पहुंचकर फॉर्म प्राप्त कर सकते हैं, उसे भरकर तुरंत जमा भी कर सकते हैं। निर्वाचन विभाग ने स्पष्ट किया है कि जिन मतदाताओं ने पहले ही अपना एन्यूमरेशन फॉर्म बीएलओ के पास जमा कर दिया है या ऑनलाइन आवेदन कर चुके हैं, उन्हें इन विशेष शिविरों में आने की आवश्यकता नहीं होगी।

मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने विदेशी नागरिकता प्राप्त कर चुके या भारतीय नागरिकता त्याग चुके व्यक्तियों के संबंध में भी महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे व्यक्तियों को बिना भरे और बिना हस्ताक्षर किए अपना एन्यूमरेशन फॉर्म तत्काल बीएलओ को वापस कर देना चाहिए। यदि कोई व्यक्ति गलत घोषणा करते हुए फॉर्म भरता है और हस्ताक्षर करता है, तो यह लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 की धारा 31 के तहत दंडनीय अपराध होगा। उन्होंने राज्य के सभी पात्र मतदाताओं से अपील की कि वे इस अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाएं और समय पर अपना एन्यूमरेशन फॉर्म जमा करें, ताकि एक शुद्ध, अद्यतन और त्रुटिरहित मतदाता सूची तैयार की जा सके। उन्होंने अभियान का मूल संदेश दोहराते हुए कहा, “कोई पात्र भारतीय नागरिक छूटे न, कोई अपात्र व्यक्ति जुड़े न।”

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