Supreme Leader Ayatollah Ali Khamenei: ईरान में शोक की लहर, इतिहास के सबसे बड़े अंतिम संस्कार की तैयारियां पूरी
तेहरान: ईरान के सुप्रीम लीडर Supreme Leader Ayatollah Ali Khamenei के अंतिम संस्कार की तैयारियां लगभग पूरी कर ली गई हैं। यह समारोह ईरान के इतिहास के सबसे बड़े सार्वजनिक आयोजनों में से एक होगा। अनुमान है कि अंतिम विदाई में 12 से 20 मिलियन (1.2 से 2 करोड़) से अधिक लोग शामिल हो सकते हैं , जबकि 100 से ज्यादा देशों के प्रतिनिधियों के इस समारोह में पहुंचने की संभावना है ।
Supreme Leader Ayatollah Ali Khamenei के अंतिम संस्कार की पूरी प्रक्रिया
Supreme Leader Ayatollah Ali Khamenei की मृत्यु 28 फरवरी 2026 को अमेरिका-इज़राइल के संयुक्त हवाई हमले में हुई थी, जो चार महीने के युद्ध की शुरुआत थी । इस्लामी परंपरा के अनुसार मृत्यु के 24 घंटे के भीतर दफनाना चाहिए, लेकिन युद्ध के दौरान बड़े समारोह के जोखिम के कारण इसे स्थगित कर दिया गया था । जून 2026 में अमेरिका के साथ संघर्ष विराम समझौते के बाद अब अंतिम संस्कार किया जा रहा है ।
Supreme Leader Ayatollah Ali Khamenei के अंतिम संस्कार का कार्यक्रम
Supreme Leader Ayatollah Ali Khamenei के अंतिम संस्कार में वैश्विक भागीदारी
Supreme Leader Ayatollah Ali Khamenei के अंतिम संस्कार में 100 से अधिक देशों के प्रतिनिधि शामिल होंगे । इनमें प्रमुख नेता और उच्च-स्तरीय प्रतिनिधिमंडल शामिल हैं:
- रूस: रूसी संघ की सुरक्षा परिषद के उपाध्यक्ष दिमित्री मेदवेदेव
- चीन: राष्ट्रीय पीपुल्स कांग्रेस की स्थायी समिति के उपाध्यक्ष हे वी
- पाकिस्तान: प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ
- इराक: राष्ट्रपति अब्दुल लतीफ रशीद
- अफगानिस्तान: तालिबान सरकार के दो वरिष्ठ अधिकारी
अमेरिका और इज़राइल के साथ युद्ध के कारण पश्चिमी देशों को आधिकारिक आमंत्रण नहीं भेजा गया है ।
Supreme Leader Ayatollah Ali Khamenei और Mojtaba Khamenei
इस Supreme Leader Ayatollah Ali Khamenei के अंतिम संस्कार की सबसे बड़ी उत्सुकता यह है कि क्या उनके बेटे और नए सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई इस समारोह में शामिल होंगे । वह उसी हमले में घायल हुए थे जिसमें उनके पिता मारे गए थे और तब से वे सार्वजनिक रूप से नहीं दिखे हैं ।
यह बातचीत का सबसे बड़ा विषय है। उनका सार्वजनिक रूप से सामने आना पहली बार होगा और नई सरकार की वैधता को मजबूत करेगा। अनुपस्थिति से उनके स्वास्थ्य और देश के वास्तविक नियंत्रण को लेकर संदेह पैदा हो सकता है ।


