Jharkhand Nature’s पालकोट गोबर सिल्ली: झारखंड Nature’s की अनोखी रचना
झारखंड के गुमला जिले के पालकोट ब्लॉक में स्थित गोबर सिल्ली (Gobar Silli) प्रकृति का एक अद्भुत करिश्मा है। यहां पांच विशाल चट्टानें एक अजीब संतुलन में एक-दूसरे के ऊपर जमी हुई हैं, जैसे कोई अदृश्य शक्ति उन्हें बांधे रखती है । Jharkhand nature’s इस अद्भुत रचना को देखने के लिए दूर-दूर से लोग आते हैं।
इस जगह का नाम ‘गोबर सिल्ली’ (गोबर पहाड़ी) एक स्थानीय किंवदंती से जुड़ा है। कहानी के अनुसार, एक बुजुर्ग महिला रोजाना गोबर की टोकरी लेकर पहाड़ी के पास जाती थी। एक दिन जब वह वापस नहीं लौटी, तो ग्रामीणों ने उसे ढूंढा और वहां चट्टानों का यह अजूबा देखा। निचली चट्टान महिला को, बीच वाली टोकरी को और ऊपर की तीन छोटी चट्टानें गोबर को दर्शाती हैं ।
गोबर सिल्ली की खासियत: संतुलन का चमत्कार
ये विशाल चट्टानें सदियों से भूकंप, तूफान और मौसम के हर प्रहार को झेलते हुए अपनी जगह पर टिकी हुई हैं । Jharkhand nature’s इस रहस्य को देखने के लिए पर्यटक यहां आते हैं। यहां की एक मान्यता है – अगर आप चट्टान पर एक कंकड़ फेंकते हैं और वह दूसरी तरफ पार हो जाता है, तो आपको सौभाग्य की प्राप्ति होती है ।
क्या देखें और क्या करें
| गतिविधि | विवरण |
|---|---|
| संतुलित चट्टानें | 5 विशाल चट्टानों की अद्भुत संरचना |
| कंकड़ फेंकने की परंपरा | सौभाग्य के लिए कंकड़ फेंकें |
| फोटोग्राफी | अद्वितीय प्राकृतिक दृश्यों की फोटो खींचें |
| शीतलपुर और मलमलपुर गुफाएं | यहां गर्मियों में भी ठंडी हवा बहती है |
| घोरलाटा | रामायण काल से जुड़ा ऐतिहासिक स्थल |
Jharkhand nature’s के इस अजूबे के आसपास शीतलपुर और मलमलपुर गुफाएं भी हैं, जहां गर्मियों में भी ठंडी हवा बहती है और अंदर पीने का पानी भी मिलता है । पालकोट कांस्य बर्तनों के लिए भी प्रसिद्ध है ।
कैसे पहुंचें पालकोट गोबर सिल्ली?
Jharkhand nature’s इस खूबसूरत जगह तक पहुंचना आसान है:
- नजदीकी शहर: गुमला (पालकोट से लगभग 26 किमी)
- नजदीकी रेलवे स्टेशन: लोहरदगा (लगभग 60 किमी)
- नजदीकी एयरपोर्ट: बिरसा मुंडा एयरपोर्ट, रांची (लगभग 100 किमी)
रांची, गुमला और पालकोट से नियमित बसें चलती हैं ।
घूमने का सबसे अच्छा समय
Jharkhand nature’s के इस अजूबे को देखने का सबसे अच्छा समय नवंबर से फरवरी के बीच का है, जब मौसम ठंडा और सुहावना होता है ।
सुरक्षा सुझाव
- सुबह 6 बजे से शाम 4 बजे के बीच ही जाएं
- अकेले न जाएं, हमेशा समूह में रहें
- पानी, नाश्ता और दवाएं साथ रखें
पास में और क्या देखें?
Jharkhand nature’s के इस अजूबे के आसपास और भी खूबसूरत जगहें हैं:
- पालकोट वन्यजीव अभ्यारण्य – 47 स्तनपायी प्रजातियों का घर
- बेतला नेशनल पार्क – झारखंड का एकमात्र नेशनल पार्क
- नेतरहाट – प्रसिद्ध सूर्योदय स्थल
- देवघर – प्रसिद्ध बैद्यनाथ धाम
जैसा कि उद्योगपति आनंद महिंद्रा ने कहा है, “झारखंड में पर्यटकों के लिए बहुत कुछ है, बस उसने इसके बारे में अभी तक शोर नहीं मचाया है” । Jharkhand nature’s की यह अनदेखी खूबसूरती आपको जरूर मोहित करेगी।
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