भारत निर्वाचन आयोग द्वारा झारखंड में घोषित मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम (Special Intensive Revision – SIR) को लेकर मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय, निर्वाचन सदन, धुर्वा, रांची में आज 30 जून 2026 को अपराह्न 4 बजे एक प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की गई। इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी श्री के. रवि कुमार ने SIR से संबंधित विस्तृत जानकारी मीडिया के प्रतिनिधियों के साथ साझा की ।
Special Intensive Revision (SIR) क्या है?
विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) निर्वाचन आयोग द्वारा मतदाता सूची को अद्यतन, शुद्ध और समावेशी बनाने के लिए चलाया जाने वाला एक व्यापक अभियान है। झारखंड में पिछले 23 वर्षों में यह पहला SIR है । इस अभियान का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी पात्र भारतीय नागरिक मतदाता सूची से वंचित न रहे और कोई अयोग्य व्यक्ति सूची में शामिल न हो ।
SIR अभियान 30 जून से 29 जुलाई 2026 तक चलेगा, जिसमें बूथ स्तरीय अधिकारी (BLO) घर-घर जाकर मतदाताओं से मिलेंगे और गणना प्रपत्र (Enumeration Form) वितरित करेंगे ।
प्रेस कॉन्फ्रेंस की मुख्य बातें
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी श्री के. रवि कुमार ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में SIR प्रक्रिया की पूरी रूपरेखा साझा की। उन्होंने बताया कि BLO 30 जून से घर-घर जाकर मतदाताओं को दो प्रतियों में आंशिक रूप से भरे हुए गणना प्रपत्र देंगे। एक प्रति भरकर BLO को वापस करनी होगी, जबकि दूसरी प्रति मतदाता के पास रसीद के रूप में रहेगी ।
CEO ने स्पष्ट किया कि जिन मतदाताओं की 2003 की मतदाता सूची के साथ मैपिंग पहले ही हो चुकी है, उन्हें अतिरिक्त दस्तावेज जमा करने की आवश्यकता नहीं है। केवल उन मामलों में जहां मतदाता का रिकॉर्ड उपलब्ध आंकड़ों से मेल नहीं खाता, वहां नोटिस जारी कर दस्तावेज मांगे जाएंगे ।
SIR की समयसीमा
- 30 जून – 29 जुलाई 2026: BLO द्वारा घर-घर जाकर मतदाता सत्यापन और गणना प्रपत्रों का वितरण
- 5 अगस्त 2026: ड्राफ्ट मतदाता सूची का प्रकाशन
- 5 अगस्त – 4 सितंबर 2026: दावे और आपत्ति दर्ज करने की अवधि
- 5 अगस्त – 3 अक्टूबर 2026: आपत्तियों के निपटान की प्रक्रिया
- 7 अक्टूबर 2026: अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन
CEO ने बताया कि लगभग 32,000 BLO इस अभियान में तैनात किए गए हैं और राज्य के लगभग 2.64 करोड़ मतदाताओं को इस प्रक्रिया में शामिल किया जाएगा ।
किन मतदाताओं को दस्तावेज देने होंगे?
- 1 जुलाई 1987 से पहले जन्मे मतदाता: 2003 की मतदाता सूची की कॉपी या 11 निर्धारित दस्तावेजों में से कोई एक
- 1 जुलाई 1987 से 2 दिसंबर 2004 के बीच जन्मे मतदाता: अपना एक दस्तावेज और माता-पिता में से किसी एक का दस्तावेज
- 2004 के बाद जन्मे मतदाता: अपना, माता और पिता का एक-एक दस्तावेज
इस अवसर पर मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने आम जनता से अपील की कि वे केवल आधिकारिक स्रोतों पर भरोसा करें और अफवाहों या भ्रामक सामग्री पर ध्यान न दें। SIR प्रक्रिया से संबंधित वीडियो और अन्य जानकारी विभाग के आधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध कराई गई है ।
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