Ranchi Rooftop Bar Raid: धुनकी रूफटॉप बार पर आधी रात छापा, पुलिस देख भागे युवक-युवतियां, नाबालिग मौजूद

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Rooftop Bar
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Ranchi Rooftop Bar पर आधी रात छापा

राजधानी रांची के लालपुर थाना क्षेत्र स्थित धुनकी रूफटॉप बार पर शनिवार देर रात पुलिस ने छापा मारा और बार को बंद करा दिया। यह कार्रवाई निर्धारित समय सीमा के बाद बार के संचालन को लेकर की गई। पुलिस टीम रात करीब 12:30 बजे मौके पर पहुंची। 

क्यों हुआ Ranchi Rooftop Bar पर छापा?

इस Ranchi rooftop bar के खिलाफ लंबे समय से शिकायतें आ रही थीं। आरोप है कि बार प्रबंधन देर रात तक बार का संचालन कर रहा था, जिससे इलाके में ध्वनि प्रदूषण और अव्यवस्था फैल रही थी। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस Ranchi rooftop bar के खिलाफ पहले भी कई शिकायतें दर्ज कराई गई हैं। इससे पहले भी इस बार प्रबंधन के खिलाफ कोटपा अधिनियम के तहत कार्रवाई की जा चुकी है। 

Ranchi Rooftop Bar पर क्या-क्या मिला?

इस Ranchi rooftop bar पर पुलिस की छापेमारी के दौरान बड़ी संख्या में युवक-युवतियां मौजूद थीं। बार में तेज आवाज में डीजे भी बज रहा था। 

सबसे चिंताजनक बात यह थी कि इस Ranchi rooftop bar पर कुछ नाबालिग भी मौजूद थे, जिसकी भी जांच की जा रही है। पुलिस को देखते ही बार में अफरा-तफरी मच गई और लोग जल्दी-जल्दी बार से बाहर निकलने लगे। इससे बाहर वाहनों की लंबी कतार लग गई। 

Ranchi Rooftop Bar: पहले भी लग चुके हैं आरोप

यह पहली बार नहीं है जब किसी Ranchi rooftop bar पर इस तरह के आरोप लगे हैं। इससे पहले भी रांची शहर और आसपास के इलाकों में अवैध रूप से चल रहे रूफटॉप बार और हुक्का बार के खिलाफ झारखंड उच्च न्यायालय में जनहित याचिका (PIL) दायर की गई थी। उस याचिका में कहा गया था कि इन बारों में 25 साल से कम उम्र के युवाओं को शराब और हुक्का परोसा जा रहा है

झारखंड हाईकोर्ट के सख्त आदेश की अनदेखी

इस Ranchi rooftop bar पर छापेमारी ऐसे समय हुई है, जब ध्वनि प्रदूषण को लेकर झारखंड हाईकोर्ट ने सख्त आदेश जारी किए हैं। कोर्ट ने स्पष्ट निर्देश दिया है कि रात 10 बजे से सुबह 6 बजे तक लाउडस्पीकर, डीजे या किसी भी तरह के ध्वनि एम्प्लीफायर का उपयोग पूरी तरह से प्रतिबंधित है। इसके बावजूद, इस रूफटॉप बार में देर रात तक तेज आवाज में डीजे बज रहा था।

झारखंड हाईकोर्ट ने हाल ही में ध्वनि प्रदूषण के मामले में कड़ी नाराजगी जाहिर करते हुए कहा था कि कोर्ट के आदेशों का अपेक्षित पालन नहीं हो रहा है और अधिकारी भी उल्लंघन के मामलों में पर्याप्त कार्रवाई नहीं कर रहे हैं। कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया था कि आदेशों का पालन सुनिश्चित नहीं करने वाले अधिकारियों के खिलाफ भी कार्रवाई की जा सकती है

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