Organ & Tissue Donation: मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा- अंगदान है मानवता का प्रतीक, जानें क्यों जरूरी है जागरूकता

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Organ & Tissue Donation: मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कार्यशाला में कही ये बात

झारखंड के मुख्यमंत्री श्री हेमंत सोरेन ने Organ & Tissue Donation के विषय पर आयोजित एक महत्वपूर्ण कार्यशाला में भाग लिया और इस पुनीत कार्य के प्रति लोगों में जागरूकता बढ़ाने पर जोर दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि Organ & Tissue Donation कई व्यक्तियों के जीवन की नई शुरुआत बन सकती है और लोगों के जीवन में नई उम्मीद और खुशियाँ ला सकती है 

यह कार्यशाला बारियातू रोड, रांची स्थित एक होटल में मोहन फाउंडेशन की ओर से ‘Best Practices in Organ & Tissue Donation’ विषय पर आयोजित की गई थी। मुख्यमंत्री ने इस आयोजन को एक अच्छी पहल बताते हुए कहा कि स्वस्थ समाज के निर्माण को लेकर राज्य सरकार भी गंभीरता से कार्य कर रही है 

Organ & Tissue Donation क्यों है जरूरी? जानें आंकड़े

भारत में Organ & Tissue Donation की स्थिति चिंताजनक है। देश में अंगदान दर दुनिया में सबसे कम है। हर साल 5 लाख लोग अंग प्रत्यारोपण की प्रतीक्षा करते हैं, लेकिन उनमें से अधिकांश को अंग नहीं मिल पाता । एक अंगदाता 8 लोगों को नया जीवन दे सकता है, फिर भी हर दिन कम से कम 15 मरीज अंगों की कमी के कारण जान गंवा देते हैं 

भारत में अंग प्रत्यारोपण की मांग और आपूर्ति के बीच भारी अंतर है। लगभग 2 लाख किडनी प्रत्यारोपण की सालाना आवश्यकता है, जबकि केवल 11,243 किडनी प्रत्यारोपण ही हो पाते हैं। 50 हजार हृदय प्रत्यारोपण की आवश्यकता के मुकाबले मात्र 339 हृदय उपलब्ध होते हैं । यही कारण है कि Organ & Tissue Donation को बढ़ावा देना अत्यंत आवश्यक है।

मुख्यमंत्री ने क्या कहा? अंगदान है मानवता, करुणा और सामाजिक उत्तरदायित्व का प्रतीक

मुख्यमंत्री श्री हेमंत सोरेन ने Organ & Tissue Donation कार्यशाला को संबोधित करते हुए कहा कि अंगदान मानवता, संवेदनशीलता, करुणा और सामाजिक उत्तरदायित्व का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि इस विषय पर लोगों में जागरूकता की आवश्यकता है और इसके कानूनी पहलुओं को भी जानना होगा 

मुख्यमंत्री ने कहा कि अस्पतालों में किसी व्यक्ति की मृत्यु उपरांत उनके परिवारवालों से अंगदान के बारे में बातचीत की जानी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि Organ & Tissue Donation के लिए राज्य सरकार भी पहल कर रही है और इसके प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए सरकार, स्वास्थ्य संस्थानों, सामाजिक संगठनों तथा आम लोगों को मिलकर कार्य करनी चाहिए।

मुख्यमंत्री ने चिकित्सा क्षेत्र में तकनीकी प्रगति का जिक्र करते हुए कहा कि वर्तमान समय में तकनीक आधारित चिकित्सा प्रणाली है। रोबोटिक ऑपरेशन हो रहे हैं और लिवर, किडनी का प्रत्यारोपण संभव हो गया है। झारखंड सरकार भी स्वस्थ झारखंड निर्माण की दिशा में सकारात्मक कार्य कर रही है।

भारत में Organ & Tissue Donation का कानूनी ढांचा

भारत में Organ & Tissue Donation को ट्रांसप्लांटेशन ऑफ ह्यूमन ऑर्गन्स एंड टिशूज एक्ट (THOTA), 1994 (2011 में संशोधित) द्वारा नियंत्रित किया जाता है । इस अधिनियम के तहत:

  • अंगों और ऊतकों के निष्कासन, भंडारण और प्रत्यारोपण को विनियमित किया जाता है
  • अंगों के व्यावसायिक लेन-देन पर रोक लगाई गई है
  • ब्रेन स्टेम डेथ (मस्तिष्क मृत्यु) को कानूनी मान्यता दी गई है
  • जीवित और मृतक दोनों प्रकार के अंगदान के लिए प्रक्रिया निर्धारित है 

भारत सरकार ने राष्ट्रीय अंग एवं ऊतक प्रत्यारोपण संगठन (NOTTO) की स्थापना की है, जो राष्ट्रीय अंग प्रत्यारोपण कार्यक्रम (NOTP) को लागू करता है । NOTTO अंग प्राप्ति और वितरण की एक कुशल प्रणाली प्रदान करता है और अंगदाताओं तथा प्राप्तकर्ताओं का राष्ट्रीय रजिस्टर बनाए रखता है । इसके अलावा, 5 क्षेत्रीय संगठन (ROTTO) और 21 राज्य स्तरीय संगठन (SOTTO) भी कार्यरत हैं 

Organ & Tissue Donation में रुकावटें: जागरूकता की कमी और भ्रांतियां

भारत में Organ & Tissue Donation दर कम होने के कई कारण हैं:

  1. जागरूकता की कमी: अधिकांश लोग अंगदान की प्रक्रिया और महत्व से अनभिज्ञ हैं 
  2. मिथक और भ्रांतियां: लोगों में यह गलत धारणा है कि अंगदान से शरीर विकृत हो जाता है या यह उनके धर्म के खिलाफ है, जबकि सभी प्रमुख धर्म अंगदान का समर्थन करते हैं 
  3. परिवार की सहमति: भारतीय कानून के तहत अंगदान के लिए परिवार की लिखित सहमति आवश्यक है । यदि व्यक्ति ने जीवन में अंगदान का वादा किया है, तो भी परिवार को इस बारे में जानकारी होनी चाहिए 
  4. ब्रेन डेथ की पहचान: ब्रेन डेथ (मस्तिष्क मृत्यु) की स्थिति को अक्सर कोमा समझ लिया जाता है, जिससे अंगदान का सुनहरा अवसर चूक जाता है 

कैसे करें Organ & Tissue Donation के लिए पंजीकरण?

यदि आप Organ & Tissue Donation के लिए पंजीकरण कराना चाहते हैं, तो निम्नलिखित कदम उठाएं:

  1. ऑनलाइन पंजीकरण: NOTTO की आधिकारिक वेबसाइट notto.abdm.gov.in पर जाकर ऑनलाइन अंगदान प्रतिज्ञा पंजीकरण करें । अब तक 4.75 लाख से अधिक नागरिक इस पोर्टल पर पंजीकरण कर चुके हैं 
  2. टोल-फ्री हेल्पलाइन: अधिक जानकारी के लिए NOTTO की टोल-फ्री हेल्पलाइन 1800-11-4770 पर संपर्क करें 
  3. परिवार को सूचित करें: अंगदान के लिए परिवार की सहमति अनिवार्य है, इसलिए अपने परिवार को अपने निर्णय के बारे में बताएं 
  4. डोनर कार्ड: पंजीकरण के बाद आपको एक डोनर कार्ड मिलेगा, जो आपकी इच्छा को दर्शाता है 

कार्यक्रम में स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. इरफान अंसारी, अपर मुख्य सचिव श्री अजय कुमार सिंह, मणिपाल ऑर्गन शेयरिंग के कंट्री हेड कर्नल अवनीश, मोहन फाउंडेशन के कंट्री हेड श्रीमती ललिता रघुराम, क्रिटिकल केयर मणिपाल के अध्यक्ष डॉ. विजय कुमार मिश्रा, कश्यप मेमोरियल आई हॉस्पिटल के संस्थापक निदेशक डॉ. बी. कश्यप सहित गणमान्य अतिथिगण उपस्थित थे।

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