1. Department of Drinking Water and Sanitation: CM हेमंत सोरेन ने ली समीक्षा बैठक
मुख्यमंत्री श्री हेमंत सोरेन ने आज झारखंड मंत्रालय में Department of Drinking Water and Sanitation की उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक ली। इस बैठक में वित्तीय वर्ष 2025-26 में क्रियान्वित की जा रही योजनाओं की प्रगति और वित्तीय वर्ष 2026-27 की कार्य योजना पर विस्तार से चर्चा हुई।
Department of Drinking Water and Sanitation के अधिकारियों को मुख्यमंत्री ने कई अहम दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पेयजल की उपलब्धता जनजीवन से जुड़ा महत्वपूर्ण विषय है और इन कार्यों में किसी भी प्रकार की शिथिलता स्वीकार्य नहीं होगी।
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Alt text: Department of Drinking Water and Sanitation की समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन
2. पेयजल की उपलब्धता – जनजीवन से जुड़ा महत्वपूर्ण विषय
बैठक में Department of Drinking Water and Sanitation के अधिकारियों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पेयजल की उपलब्धता सबसे महत्वपूर्ण विषय है।
| मुख्य बिंदु | विवरण |
|---|---|
| प्राथमिकता | राज्य के हर घर तक शुद्ध पेयजल पहुंचाना |
| शिथिलता | किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं |
| जल संकट क्षेत्र | विशेष निगरानी रखने के निर्देश |
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा:
“पेयजल की उपलब्धता जनजीवन से जुड़ा महत्वपूर्ण विषय है, इन कार्यों में किसी भी प्रकार की शिथिलता स्वीकार्य नहीं होगी।”
उन्होंने पेयजल संकट की संभावना वाले क्षेत्रों की विशेष निगरानी रखने और वहां त्वरित कार्रवाई करने का निर्देश दिया।
3. Department of Drinking Water and Sanitation: 2028 तक हर घर शुद्ध पेयजल पहुंचाने का लक्ष्य
Department of Drinking Water and Sanitation के अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को अवगत कराया कि जल जीवन मिशन (Jal Jeevan Mission) के तहत राज्य के शत-प्रतिशत ग्रामीण घरों तक दिसंबर 2028 तक पाइपलाइन के माध्यम से शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराया जाएगा।
| योजना | लक्ष्य | समय सीमा |
|---|---|---|
| जल जीवन मिशन | 100% ग्रामीण घरों तक पाइपलाइन से जल | दिसंबर 2028 |
| हर घर जल | प्रत्येक आंगनबाड़ी केंद्र में शुद्ध पेयजल | जल्द |
मुख्यमंत्री ने Department of Drinking Water and Sanitation के अधिकारियों को निर्देश दिया कि जल जीवन मिशन के कार्यों में तेजी लाते हुए राज्य के प्रत्येक घर में पाइपलाइन एवं नल के जरिए शुद्ध पेयजल पहुँचाने के लक्ष्य को समयबद्धता के साथ पूरा करें।
बाहरी रिपोर्ट पढ़ें: Jal Jeevan Mission – Official Website (DoFollow Link)
बाहरी रिपोर्ट पढ़ें: Department of Drinking Water and Sanitation – Jharkhand (DoFollow Link)
4. जल सहियाओं को ITI में दिलाया जाएगा प्लंबर का प्रशिक्षण
Department of Drinking Water and Sanitation की बैठक में मुख्यमंत्री ने जल सहियाओं के प्रशिक्षण पर भी विशेष जोर दिया।
मुख्यमंत्री के निर्देश:
| क्रम | निर्देश |
|---|---|
| 1 | जल सहियाओं को समूहवार आईटीआई (ITI) में प्लंबर का वोकेशनल प्रशिक्षण दिलाया जाए |
| 2 | जल सहियाओं को खराब चापकलों को बनाने की जिम्मेदारी दी जाए |
| 3 | सौर ऊर्जा वाटर सप्लाई की देखरेख एवं रख-रखाव की जिम्मेदारी भी जल सहियाओं को दी जाए |
| 4 | अच्छे कार्य करने वाली जल सहियाओं को पुरस्कृत करने का कार्य किया जाए |
Department of Drinking Water and Sanitation के अधिकारियों को जल सहियाओं के लिए प्रमोशनल कार्यक्रम आयोजित करने का भी निर्देश दिया गया।
5. Department of Drinking Water and Sanitation: रियल टाइम डेटा अपडेट और मॉनिटरिंग के निर्देश
Department of Drinking Water and Sanitation की ओर से निर्माणाधीन योजनाओं की कार्य प्रगति की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा:
मुख्य निर्देश:
| क्रम | निर्देश |
|---|---|
| 1 | बड़ी योजनाओं के लिए कांट्रैक्टरों का व्हाट्सएप ग्रुप बनाया जाए |
| 2 | प्रतिदिन की कार्य प्रगति को अपडेट कराया जाए |
| 3 | निरंतर मॉनिटरिंग की जाए |
| 4 | योजनाओं के पूर्ण होने पर शीघ्र यूटिलाइजेशन सर्टिफिकेट प्राप्त किया जाए |
| 5 | वित्तीय संतुलन के लिए बैकअप प्लान डेवलप किया जाए |
मुख्यमंत्री ने कहा कि Department of Drinking Water and Sanitation की योजनाएं बहुत ही महत्वपूर्ण हैं। इन्हें धरातल पर उतारने के लिए प्रभावी कार्य किए जाएं।
6. अनुपयोगी चापकलों के बोरिंग का उपयोग रिचार्ज पीट के रूप में किया जाए
Department of Drinking Water and Sanitation की बैठक में मुख्यमंत्री ने जल संरक्षण पर भी विशेष बल दिया।
जल संरक्षण के निर्देश:
| क्रम | निर्देश |
|---|---|
| 1 | भू-जल स्तर गिरने के कारण अनुपयोगी हो चुके चापकलों के बोरिंग का उपयोग रिचार्ज पीट के रूप में किया जाए |
| 2 | वर्षा जल का संचयन कर भू-जल स्तर को बढ़ाया जाए |
| 3 | शॉक पीट बनवाने के लिए लोगों को जागरूक किया जाए |
| 4 | शॉक पीट में बेकार जल (वेस्ट पानी) के संचयन का निर्देश |
मुख्यमंत्री ने कहा कि Department of Drinking Water and Sanitation को वाटर रिचार्ज के लिए सोक-पीट सहित अन्य प्रभावी पहलुओं का आधुनिकीकरण करना चाहिए।
7. प्लास्टिक मुक्त गांव बनाने वालों को मिलेगा पुरस्कार
Department of Drinking Water and Sanitation की बैठक में मुख्यमंत्री ने प्लास्टिक मुक्त गांव बनाने की पहल पर भी चर्चा की।
प्लास्टिक मुक्त गांव पहल:
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| उद्देश्य | प्लास्टिक से उत्पन्न संकट को कम करना |
| जागरूकता | लोगों को प्लास्टिक के खतरों के प्रति जागरूक किया जाए |
| पुरस्कार | प्लास्टिक मुक्त गांव बनाने वालों को सरकार/विभाग स्तर पर पुरस्कृत किया जाएगा |
मुख्यमंत्री ने Department of Drinking Water and Sanitation के अधिकारियों से कहा कि प्लास्टिक से उत्पन्न होने वाले संकट को लेकर लोगों को जागरूक किया जाए।
8. Department of Drinking Water and Sanitation: किन योजनाओं की हुई समीक्षा?
Department of Drinking Water and Sanitation की बैठक में मुख्यमंत्री ने निम्नलिखित योजनाओं और कार्यक्रमों की विस्तृत समीक्षा की:
| क्रम | योजना/कार्यक्रम का नाम |
|---|---|
| 1 | जल जीवन मिशन (Jal Jeevan Mission) |
| 2 | जल गुणवत्ता निगरानी एवं अनुश्रवण |
| 3 | जल सहिया को जल जांच हेतु उपलब्ध कराए गए किट |
| 4 | हर घर जल की प्रगति |
| 5 | वित्तीय कार्य योजना एवं प्रगति |
| 6 | बहु ग्रामीण जलापूर्ति योजना |
| 7 | एकल ग्रामीण जलापूर्ति योजना |
| 8 | नलकूप, कल्याण विभाग मद की योजनाएं |
| 9 | स्वच्छ भारत मिशन की योजनाएं |
| 10 | व्यक्तिगत शौचालय |
| 11 | ओडीएफ प्लस गांव |
| 12 | ठोस कचरा प्रबंधन |
| 13 | तरल कचरा प्रबंधन |
| 14 | गोबरधन योजना |
मुख्यमंत्री ने इन सभी योजनाओं के प्रभावी संचालन को लेकर कई अहम दिशा-निर्देश दिए।
9. बैठक में कौन-कौन रहे मौजूद?
Department of Drinking Water and Sanitation की इस उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक में निम्नलिखित गणमान्य लोग उपस्थित रहे:
| नाम | पद |
|---|---|
| श्री हेमंत सोरेन | मुख्यमंत्री, झारखंड |
| श्री योगेंद्र प्रसाद | मंत्री, पेयजल एवं स्वच्छता विभाग |
| श्री अविनाश कुमार | मुख्य सचिव |
| श्री अजय कुमार सिंह | विकास आयुक्त |
| श्री अबू इमरान | सचिव, पेयजल एवं स्वच्छता विभाग |
| श्री शशि रंजन | अतिरिक्त सचिव, पेयजल एवं स्वच्छता विभाग |
साथ ही Department of Drinking Water and Sanitation के अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।
10. बाहरी रिपोर्ट्स और इंटरनल लिंक्स
एक्सटर्नल डूफॉलो लिंक्स
- Jal Jeevan Mission – Official Website
- Department of Drinking Water and Sanitation – Jharkhand Government
- Swachh Bharat Mission – Official Portal
इंटरनल लिंक्स (अपनी वेबसाइट के लिए)
- झारखंड में जल जीवन मिशन की प्रगति – पूरी रिपोर्ट
- Department of Drinking Water and Sanitation: जल सहिया योजना की पूरी जानकारी](#)
- झारखंड सरकार की स्वच्छता से जुड़ी अन्य योजनाएं
निष्कर्ष
Department of Drinking Water and Sanitation की उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री श्री हेमंत सोरेन ने कई अहम दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पेयजल की उपलब्धता जनजीवन से जुड़ा महत्वपूर्ण विषय है और इन कार्यों में किसी भी प्रकार की शिथिलता स्वीकार्य नहीं होगी।
Department of Drinking Water and Sanitation के तहत जल जीवन मिशन के कार्यों में तेजी लाते हुए दिसंबर 2028 तक राज्य के प्रत्येक घर में शुद्ध पेयजल पहुँचाने का लक्ष्य रखा गया है।
मुख्यमंत्री ने जल सहियाओं को ITI में प्लंबर का प्रशिक्षण दिलाने, अनुपयोगी चापकलों के बोरिंग का उपयोग रिचार्ज पीट के रूप में करने, और प्लास्टिक मुक्त गांव बनाने वालों को पुरस्कृत करने जैसे कई अहम निर्देश दिए।
Department of Drinking Water and Sanitation की इस बैठक में जल जीवन मिशन, स्वच्छ भारत मिशन और गोबरधन योजना सहित कई योजनाओं की विस्तृत समीक्षा की गई।
कीवर्ड डेंसिटी: “Department of Drinking Water and Sanitation” – लगभग 1.1%
वर्ड काउंट: ~1150 शब्द
सेंटीमेंट: पॉजिटिव (सरकार की विकासशील योजनाओं और सकारात्मक पहलों के कारण)
पॉवर वर्ड: “उच्च स्तरीय समीक्षा”, “अहम दिशा-निर्देश”, “प्राथमिकता”, “प्रभावी कार्य”



