
Abua News Jharkhand Special Report
8 जून को पूरी दुनिया विश्व महासागर दिवस (World Ocean Day) मना रही है। इस वर्ष का वैश्विक विषय है “Strong Marine Protected Areas for Our Blue Planet”, जिसका मुख्य उद्देश्य समुद्री जैव विविधता की रक्षा करना और दुनिया के महासागरों को भविष्य के लिए सुरक्षित बनाना है।
महासागर केवल पानी का विशाल भंडार नहीं हैं। ये पृथ्वी की जलवायु को नियंत्रित करते हैं, करोड़ों लोगों को रोजगार देते हैं और दुनिया की आधी से अधिक ऑक्सीजन के उत्पादन में योगदान करते हैं।
दुनिया क्या कर रही है?
1. 2030 तक 30% महासागरों को संरक्षित करने का लक्ष्य
दुनिया के कई देश मिलकर “30×30” लक्ष्य पर काम कर रहे हैं, जिसके तहत वर्ष 2030 तक पृथ्वी के 30% समुद्री क्षेत्रों को संरक्षित क्षेत्र (Marine Protected Areas) घोषित करने का लक्ष्य रखा गया है।
2. हाई सीज़ (High Seas) संधि
संयुक्त राष्ट्र की ऐतिहासिक BBNJ (High Seas Treaty) संधि लागू हो चुकी है। इसका उद्देश्य अंतरराष्ट्रीय समुद्री क्षेत्रों में जैव विविधता की रक्षा करना और अत्यधिक दोहन को रोकना है।
3. प्लास्टिक प्रदूषण के खिलाफ अभियान
दुनिया भर में समुद्री प्लास्टिक कचरे को कम करने, तटीय सफाई अभियान चलाने और सिंगल-यूज प्लास्टिक पर रोक लगाने की दिशा में प्रयास किए जा रहे हैं।
4. समुद्री संरक्षित क्षेत्रों का विस्तार
यूरोप, इंडोनेशिया, फिलीपींस, मेक्सिको सहित कई देशों में नए Marine Protected Areas बनाए जा रहे हैं ताकि मछलियों की प्रजातियों और समुद्री पारिस्थितिकी तंत्र को बचाया जा सके।
भारत क्या कर रहा है?
1. डीप ओशन मिशन
भारत का Deep Ocean Mission समुद्र की गहराइयों में वैज्ञानिक अनुसंधान, खनिज संसाधनों की खोज, जैव विविधता संरक्षण और समुद्री तकनीक विकास पर केंद्रित है।
2. ब्लू इकोनॉमी को बढ़ावा
भारत समुद्री संसाधनों का सतत उपयोग करते हुए आर्थिक विकास को बढ़ावा देने के लिए Blue Economy पर जोर दे रहा है। इसका उद्देश्य रोजगार सृजन, मत्स्य पालन, समुद्री पर्यटन और समुद्री व्यापार को मजबूत करना है।
3. मैंग्रोव और कोरल रीफ संरक्षण
सुंदरबन, लक्षद्वीप और अंडमान-निकोबार जैसे क्षेत्रों में मैंग्रोव वन और कोरल रीफ के संरक्षण के लिए विशेष परियोजनाएं चलाई जा रही हैं, जो समुद्री जीवन के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं।
4. स्वच्छ सागर अभियान
भारत सरकार और विभिन्न संस्थाएं समुद्र तटों पर सफाई अभियान चलाकर प्लास्टिक प्रदूषण कम करने का प्रयास कर रही हैं।
5. समुद्री विज्ञान में निवेश
भारत 2047 तक हिंद महासागर में उन्नत समुद्री अनुसंधान क्षमताओं के विकास और गहरे समुद्र में वैज्ञानिक अध्ययन को बढ़ाने की दिशा में कार्य कर रहा है।
निष्कर्ष
आज महासागर प्रदूषण, जलवायु परिवर्तन और अत्यधिक मछली पकड़ने जैसी चुनौतियों का सामना कर रहे हैं। ऐसे समय में दुनिया समुद्री संरक्षित क्षेत्रों का विस्तार कर रही है, जबकि भारत विज्ञान, अनुसंधान और ब्लू इकोनॉमी के माध्यम से महासागरों के संरक्षण में अपनी भूमिका मजबूत कर रहा है। महासागरों की सुरक्षा केवल पर्यावरण का नहीं, बल्कि मानवता के भविष्य का भी सवाल है।



