डॉ. कौशल किशोर जायसवाल, जिन्हें “ट्री मैन ऑफ झारखंड” के नाम से जाना जाता है, ने 1966 के भयंकर अकाल से प्रेरित होकर अपना जीवन पर्यावरण संरक्षण को समर्पित कर दिया। मात्र 13 वर्ष की उम्र में उन्होंने यह संकल्प लिया कि जंगल कटने से पड़ने वाले अकाल को रोकने के लिए पेड़ लगाना ही एकमात्र रास्ता है।
1966-67 में 8 एकड़ भूमि पर पौधारोपण से शुरू हुआ उनका “जंगल लगाओ, जंगल बचाओ” अभियान आज अंतरराष्ट्रीय स्तर तक फैल चुका है। नेपाल, भूटान, म्यांमार, सिंगापुर, मलेशिया सहित कई देशों और भारत के 25 राज्यों के 171 जिलों में लगभग 55 लाख पौधों का रोपण और वितरण किया जा चुका है।
उन्होंने 1977 में “वन राखी आंदोलन” की शुरुआत कर लोगों को पेड़ों से भावनात्मक रूप से जोड़ने का कार्य किया। निजी संसाधनों से 22 एकड़ में विकसित पार्क और मंदिर में 250 से अधिक दुर्लभ और विदेशी पौधे लगाए गए हैं।
ग्लोबल वार्मिंग के इस दौर में उनका संदेश साफ है —
पेड़ लगाना जरूरी है, लेकिन उससे भी ज्यादा जरूरी है उसे बचाना।
#TreeManOfJharkhand
#DrKaushalKishorJaiswal
#JungleLagaoJungleBachao
#GreenWarrior
#EnvironmentalHero
#PlantTreesSaveEarth
#ClimateAction
#GoGreen
#JharkhandPride
#EcoRevolution
#VanRakhiMovement
#SaveNature
#SustainableFuture
#55LakhTrees
#AbuaNewsJharkhand



