रांची: झारखंड सरकार ने बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर आवास योजना के तहत चालू वित्तीय वर्ष 2026-27 में राज्यभर में 2,400 आवासों के निर्माण का फैसला लिया है। योजना के तहत हर जिले में 100-100 मकान बनाए जाएंगे।

कैबिनेट की मंजूरी के बाद योजना को लागू कर दिया गया है। चयनित लाभुकों को अब प्रति आवास ₹2 लाख की वित्तीय सहायता दी जाएगी। इससे पहले सामान्य क्षेत्रों में प्रति आवास ₹1.20 लाख और उग्रवाद प्रभावित क्षेत्रों में ₹1.30 लाख देने का प्रावधान था।
लाभुक लंबे समय से सहायता राशि बढ़ाने की मांग कर रहे थे। उनका कहना था कि महंगाई और निर्माण सामग्री की बढ़ती कीमतों के कारण पुरानी राशि में मकान बनाना मुश्किल हो रहा था। राशि बढ़ाकर ₹2 लाख किए जाने से अब योजना के प्रति लोगों की रुचि बढ़ने की उम्मीद है।
उपायुक्त स्तर पर होगा चयन
योजना के लाभार्थियों का चयन उपायुक्त के स्तर पर किया जाएगा। यह योजना विशेष परिस्थितियों में जरूरतमंद परिवारों को आवास उपलब्ध कराने के उद्देश्य से चलाई जा रही है।
किन लोगों को मिलेगा लाभ?
योजना के तहत प्राथमिकता उन परिवारों को दी जाएगी:
- जो प्राकृतिक आपदा से प्रभावित हों
- जिनका घर हाथियों के हमले में क्षतिग्रस्त हुआ हो
- जिन्हें दूसरी सरकारी आवास योजनाओं का लाभ नहीं मिला हो
- जो एकल या परित्यक्ता महिलाएं हों
फिलहाल प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के तहत सामान्य क्षेत्रों में ₹1.20 लाख और उग्रवाद प्रभावित क्षेत्रों में ₹1.30 लाख की सहायता का प्रावधान है। वहीं, अंबेडकर आवास योजना में राशि बढ़ाकर ₹2 लाख कर दी गई है।
सरकार का उद्देश्य जरूरतमंद और वंचित परिवारों को सुरक्षित आवास उपलब्ध कराना तथा बढ़ती निर्माण लागत के बीच उन्हें आर्थिक राहत देना है।

