अमेरिका में बर्थराइट सिटिजनशिप पर ट्रंप का बड़ा फैसला, विदेशियों के बच्चों की नागरिकता पर लगेगी रोक

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ट्रंप प्रशासन ने जन्म के आधार पर मिलने वाली नागरिकता के नियमों को सख्त करने के लिए जारी किए नए आदेश, विदेशी माता-पिता से जन्मे बच्चों की कुछ श्रेणियां होंगी प्रभावित

वॉशिंगटन: अमेरिका में जन्म के आधार पर मिलने वाली नागरिकता यानी बर्थराइट सिटिजनशिप को लेकर एक बार फिर राजनीतिक और कानूनी बहस तेज हो गई है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने नए कार्यकारी आदेशों के जरिए जन्मसिद्ध नागरिकता के नियमों को सख्त करने की दिशा में कदम बढ़ाया है।

रिपोर्ट के मुताबिक, नए प्रावधानों का असर खास तौर पर उन विदेशी नागरिकों के बच्चों पर पड़ सकता है, जिनके माता-पिता अमेरिका में अस्थायी वीजा या कुछ अन्य सीमित आव्रजन स्थितियों के तहत रह रहे हैं। इनमें पर्यटन वीजा के जरिए अमेरिका पहुंचने वाले लोगों के बच्चों सहित कुछ अन्य श्रेणियों को शामिल किया गया है।

‘बर्थ टूरिज्म’ पर भी निशाना

ट्रंप प्रशासन का कहना है कि इन कदमों का उद्देश्य कथित ‘बर्थ टूरिज्म’ पर रोक लगाना है। बर्थ टूरिज्म से आशय ऐसे मामलों से है, जिनमें विदेशी नागरिक बच्चे को अमेरिका में जन्म दिलाने के उद्देश्य से वहां जाते हैं, ताकि बच्चे को अमेरिकी नागरिकता मिल सके। रिपोर्ट में बताया गया है कि 2024 में विदेशी माता-पिता से करीब 9,600 बच्चों का जन्म अमेरिका में हुआ था, जबकि इस वर्ष बर्थ टूरिज्म के जरिए लगभग 22 हजार से 26 हजार बच्चों के जन्म का अनुमान जताया गया है।

सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद भी विवाद जारी

अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने 30 जून को ट्रंप के पहले कार्यकारी आदेश से जुड़े मामले में फैसला दिया था। हालांकि, जन्मसिद्ध नागरिकता की संवैधानिक वैधता को लेकर कानूनी विवाद पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ है।अमेरिका में जन्मसिद्ध नागरिकता का आधार संविधान का 14वां संशोधन माना जाता है, जो 1868 से लागू है। यही वजह है कि ट्रंप प्रशासन के कदमों को लेकर कानूनी चुनौती और राजनीतिक बहस आगे भी जारी रहने की संभावना है।

नए नियम लागू होने की स्थिति में अस्थायी वीजा पर अमेरिका में रह रहे परिवारों और कुछ अन्य विदेशी नागरिकों पर इसका बड़ा प्रभाव पड़ सकता है।

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