रांची: झारखंड बिजली वितरण निगम लिमिटेड (JBVNL) राजधानी रांची में बिजली व्यवस्था को पूरी तरह डिजिटल बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठा रहा है। विभाग का लक्ष्य है कि अप्रैल तक शहर के सभी सिंगल-फेज और थ्री-फेज बिजली कनेक्शनों को स्मार्ट प्रीपेड मीटर में बदल दिया जाए । लेकिन इस बदलाव के साथ ही Smart Meter Electricity Disconnection का एक बड़ा खतरा भी सामने आ गया है।
कई उपभोक्ता अपने प्रीपेड खाते में पर्याप्त बैलेंस बनाए नहीं रख पा रहे हैं । ऐसी स्थिति में यदि बैलेंस नेगेटिव हो जाता है, तो बिजली सप्लाई स्वतः कट सकती है । अधिकारियों के अनुसार मार्च में करीब 40 हजार बिजली कनेक्शन ऐसे हो सकते हैं जिनकी बिजली बैलेंस कम होने के कारण कट सकती है । आइए जानते हैं इस Smart Meter Electricity Disconnection के खतरे से जुड़ी हर अहम बात और बचाव के उपाय।
Smart Meter Electricity Disconnection: अप्रैल तक 100% स्मार्ट मीटर का लक्ष्य

Smart Meter Electricity Disconnection की समस्या तब और बढ़ सकती है जब अप्रैल तक सभी पुराने मीटरों को हटा दिया जाएगा।
कितने मीटर लग चुके हैं?
अधिकारियों के अनुसार शहर में अब तक करीब 3.65 लाख स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं, जबकि अभी भी लगभग 16 हजार कनेक्शनों में मीटर बदलने का काम बाकी है ।
क्या सभी को लगेंगे स्मार्ट मीटर?
JBVNL के रांची सप्लाई एरिया बोर्ड के महाप्रबंधक मनमोहन कुमार ने बताया कि विभाग जल्द ही पूरे शहर को स्मार्ट मीटर से कवर करने की योजना पर काम कर रहा है । उन्होंने कहा कि “अप्रैल के अंत तक रांची में 100% स्मार्ट प्रीपेड मीटर लगाने का लक्ष्य है।” हालांकि 20 किलोवाट से अधिक लोड वाले कुछ हाई-लोड कनेक्शन अभी पोस्टपेड मीटर पर ही रहेंगे, लेकिन ऐसे मामलों की संख्या बहुत कम है ।
Smart Meter Electricity Disconnection: बैलेंस खत्म होने पर कट सकती है बिजली
Smart Meter Electricity Disconnection का सबसे बड़ा कारण है प्रीपेड मीटर का बैलेंस खत्म हो जाना।
कैसे काम करता है स्मार्ट प्रीपेड मीटर?
स्मार्ट प्रीपेड मीटर मोबाइल फोन की तरह काम करता है। आपको पहले रीचार्ज करना होता है, उसके बाद ही बिजली मिलती है। जैसे ही आपका बैलेंस शून्य या नेगेटिव होता है, मीटर अपने आप बिजली सप्लाई काट देता है। यही Smart Meter Electricity Disconnection की प्रक्रिया है।
कितने कनेक्शनों पर खतरा?
अधिकारियों के अनुसार मार्च में करीब 40 हजार बिजली कनेक्शन ऐसे हो सकते हैं जिनकी बिजली बैलेंस कम होने के कारण कट सकती है । यह एक बड़ी संख्या है और ये उपभोक्ता ब्लैकआउट का सामना कर सकते हैं।
कटने के बाद क्या करें?
हालांकि यदि सप्लाई कट जाती है, तो रीचार्ज करने के आधे घंटे के भीतर बिजली बहाल हो सकती है । इसलिए घबराने की जरूरत नहीं है, बस तुरंत रीचार्ज करें।
Smart Meter Electricity Disconnection: SMS से दी जा रही चेतावनी
Smart Meter Electricity Disconnection से बचने के लिए बिजली विभाग उपभोक्ताओं को पहले से अलर्ट देने के लिए लगातार SMS नोटिफिकेशन भेज रहा है ।
कब आता है अलर्ट?
- जब बैलेंस ₹1500 से नीचे चला जाता है, तब चेतावनी संदेश भेजा जाता है।
- हर महीने कम से कम तीन बार अलर्ट मैसेज भेजे जाते हैं।
नंबर अपडेट कराना जरूरी
यदि किसी उपभोक्ता को संदेश नहीं मिल रहा है, तो उसे अपना रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर बिजली कार्यालय में अपडेट कराना चाहिए । तभी वह समय पर अलर्ट प्राप्त कर सकेगा और Smart Meter Electricity Disconnection से बच सकेगा।
Smart Meter Electricity Disconnection: अफवाहों पर विभाग की सफाई
Smart Meter Electricity Disconnection के साथ-साथ स्मार्ट मीटर को लेकर कुछ अफवाहें भी फैल रही हैं।
क्या स्मार्ट मीटर से बिल ज्यादा आता है?
कुछ लोगों में यह भ्रम फैल रहा है कि स्मार्ट मीटर से बिजली बिल ज्यादा आता है । इस पर विभाग ने साफ कहा कि हजारों मीटरों की जांच में ऐसी कोई गड़बड़ी नहीं पाई गई ।
जांच की सुविधा
यदि उपभोक्ताओं को फिर भी संदेह है, तो विभाग ने थर्ड-पार्टी एजेंसी नियुक्त की है जो घर जाकर मीटर की जांच कर सकती है । उपभोक्ता इस सुविधा का लाभ उठा सकते हैं।
Smart Meter Electricity Disconnection: स्मार्ट मीटर के फायदे
Smart Meter Electricity Disconnection के खतरे के बावजूद स्मार्ट मीटर के कई फायदे भी हैं।
उपभोक्ताओं को मिलेंगी ये सुविधाएं
- मोबाइल या डिजिटल प्लेटफॉर्म से बिजली खपत की निगरानी
- डेली, मंथली और प्रति घंटे बिजली उपयोग का डेटा
- बिलिंग में पारदर्शिता
- बिजली चोरी और तकनीकी खराबियों का जल्दी पता
Smart Meter Electricity Disconnection: मीटर नहीं लगा तो क्या करें?
यदि किसी घर में अभी तक स्मार्ट मीटर नहीं लगा है और आप Smart Meter Electricity Disconnection की समस्या से बचना चाहते हैं, तो उपभोक्ता:
- अपने क्षेत्र के एक्जीक्यूटिव या असिस्टेंट इंजीनियर से WhatsApp पर संपर्क कर सकते हैं
- या स्थानीय बिजली कार्यालय में आवेदन दे सकते हैं
अधिकारियों के अनुसार आवेदन मिलने के एक सप्ताह के भीतर स्मार्ट मीटर लगा दिया जाएगा ।
Smart Meter Electricity Disconnection: निष्कर्ष
Smart Meter Electricity Disconnection का खतरा रांची के करीब 40 हजार उपभोक्ताओं पर मंडरा रहा है। अगर आप भी इनमें से एक हैं, तो तुरंत अपने स्मार्ट मीटर का बैलेंस चेक करें और जरूरत पड़ने पर रीचार्ज करें । बिजली विभाग द्वारा भेजे जा रहे SMS अलर्ट पर ध्यान दें और अपना मोबाइल नंबर अपडेट रखें । स्मार्ट मीटर भले ही नई तकनीक है और इसके कुछ नियमों को समझने में वक्त लगेगा, लेकिन यह लंबे समय में पारदर्शिता और सुविधा देगा। सतर्क रहें और Smart Meter Electricity Disconnection से बचें।
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