
चक्रवात ‘अरनब’ की बारिश से मछली पालकों पर टूटा संकट, 35 टन मछलियों की मौत से ₹40 लाख का नुकसान

कोडरमा: चक्रवात ‘अरनब’ के प्रभाव से हुई बारिश और खराब मौसम ने मछली पालकों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। मरकच्चो स्थित पंचखेरो जलाशय में केज-कल्चर के तहत पाली जा रही लगभग 35 टन मछलियों की मौत हो गई। इस घटना से मछली पालकों को करीब 40 लाख रुपये का नुकसान होने का अनुमान है।
ऑक्सीजन की कमी बनी मछलियों की मौत की वजह
प्रतिकूल मौसम और जलाशय में ऑक्सीजन की कमी को मछलियों की मौत का प्रमुख कारण बताया जा रहा है। इस घटना से जलाशय में मछली पालन कर रहे किसानों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा है।
सिकंदर कुमार को सबसे अधिक नुकसान
इस घटना में लाभुक सिकंदर कुमार को सबसे बड़ा झटका लगा है। उनकी लगभग 25 टन मछलियां मर गईं, जिससे उन्हें भारी नुकसान हुआ है। जलाशय में मछली पालन से जुड़े करीब 40 से 50 किसानों के लिए यह आजीविका का एकमात्र साधन है। ऐसे में इस घटना ने कई परिवारों के सामने आर्थिक संकट खड़ा कर दिया है।
मत्स्य विभाग की टीम ने लिया स्थिति का जायजा
घटना की गंभीरता को देखते हुए मत्स्य निदेशक अमरेंद्र कुमार, उप निदेशक शंभू प्रसाद यादव, जिला मत्स्य पदाधिकारी विजय कुमार सिंह और सहायक मत्स्य निदेशक कुमुद ओरया ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। अधिकारियों ने जलाशय में केज-कल्चर का निरीक्षण किया और प्रभावित मछली पालकों से जानकारी प्राप्त की।
प्रभावित किसानों को हरसंभव सहायता का भरोसा
मत्स्य विभाग के अधिकारियों ने नुकसान का जायजा लेने के बाद प्रभावित किसानों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने का भरोसा दिलाया। अब मछली पालकों को विभागीय पहल से राहत मिलने की उम्मीद है, ताकि उन्हें इस बड़े आर्थिक नुकसान से उबरने में मदद मिल सके।




