Is Instagram Doomscrolling Creating a ‘Popcorn Brain’ Generation?
लगातार रील्स और शॉर्ट वीडियो देखने की आदत युवाओं की एकाग्रता, याददाश्त और मानसिक स्वास्थ्य पर डाल रही है असर। विशेषज्ञों ने दी चेतावनी।
अबुआ न्यूज़ स्पेशल – क्या आप भी हर कुछ मिनट में इंस्टाग्राम खोल लेते हैं? क्या बिना वजह रील्स स्क्रॉल करते-करते घंटों बीत जाते हैं? अगर हां, तो यह सिर्फ एक आदत नहीं, बल्कि आपके दिमाग को प्रभावित करने वाली एक गंभीर समस्या हो सकती है।
विशेषज्ञों के अनुसार, लगातार सोशल मीडिया पर रील्स और शॉर्ट वीडियो देखने की प्रवृत्ति युवाओं में एक नई मानसिक स्थिति को जन्म दे रही है, जिसे अनौपचारिक रूप से “Popcorn Brain” कहा जा रहा है। इसमें दिमाग लगातार नए और तेज़ उत्तेजनाओं (stimulation) का आदी हो जाता है और सामान्य गतिविधियों में रुचि खोने लगता है।
मनोवैज्ञानिकों का कहना है कि अत्यधिक “डूमस्क्रॉलिंग” की वजह से युवाओं की ध्यान केंद्रित करने की क्षमता कम हो रही है, पढ़ाई और काम में फोकस घट रहा है, वहीं चिंता, मानसिक थकान और ब्रेन फॉग जैसी समस्याएं भी बढ़ रही हैं।
विशेषज्ञों के मुताबिक, जब दिमाग हर कुछ सेकंड में नई जानकारी, वीडियो या मनोरंजन पाने का आदी हो जाता है, तो किताब पढ़ना, पढ़ाई करना या किसी एक काम पर लंबे समय तक ध्यान देना कठिन हो जाता है।
भारत में स्मार्टफोन और सोशल मीडिया के बढ़ते इस्तेमाल के बीच यह समस्या तेजी से चर्चा में आ रही है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ युवाओं को स्क्रीन टाइम सीमित करने, डिजिटल ब्रेक लेने और ऑफलाइन गतिविधियों में समय देने की सलाह दे रहे हैं।



