
अरुणाचल बॉर्डर पर भारत-चीन आमने-सामने! ITBP डीजी के खुलासे से सियासी तूफान, कांग्रेस ने पीएम मोदी से मांगा जवाब
India-China Border Tension: ITBP Chief Confirms Continuing Face-Offs in Arunachal Pradesh, Congress Questions Modi Government

Abua News Jharkhand | नई दिल्ली | राष्ट्रीय सुरक्षा
ताजा अपडेट: भारत-चीन सीमा पर जारी तनाव को लेकर भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP) के महानिदेशक शत्रुजीत कपूर के बयान ने राजनीतिक हलचल तेज कर दी है। उन्होंने अरुणाचल प्रदेश में कई स्थानों पर सैनिकों के आमने-सामने आने की स्थिति का उल्लेख किया है। इसके बाद कांग्रेस ने केंद्र सरकार से सीमा की वास्तविक स्थिति स्पष्ट करने की मांग की है।
ITBP प्रमुख ने क्या कहा?
नई दिल्ली, 23 अक्टूबर 2026: भारत और चीन के बीच सीमा विवाद एक बार फिर चर्चा में है। राजस्थान के अलवर में गुरुवार, 22 अक्टूबर को आयोजित आईटीबीपी के हिमवीर सम्मान समारोह में महानिदेशक शत्रुजीत कपूर ने अरुणाचल प्रदेश में हाल के दिनों में हुई आमने-सामने की घटनाओं का उल्लेख किया।
उन्होंने कहा कि अरुणाचल प्रदेश में कई स्थानों पर फेस-ऑफ की स्थिति पैदा हुई थी और कुछ स्थानों पर यह स्थिति अब भी जारी है। उन्होंने इन परिस्थितियों में आईटीबीपी की विशेष शौर्य कमांडो टीमों के प्रदर्शन की प्रशंसा भी की।
द इंडियन एक्सप्रेस और द प्रिंट की 23 अक्टूबर की रिपोर्टों में इस बयान की पुष्टि की गई है। हालांकि कपूर ने अपने संबोधन के संबंधित हिस्से में सीधे चीन का नाम नहीं लिया था।
जुलाई से तनाव की खबरें, सितंबर में हुई सैन्य बातचीत
अरुणाचल प्रदेश के अपर सुबनसिरी जिले के ताकसिंग क्षेत्र में जुलाई 2026 से तनाव की खबरें सामने आती रही हैं।
रिपोर्टों के अनुसार, स्थिति को संभालने के लिए स्थानीय सैन्य कमांडरों के बीच कई दौर की बातचीत हुई। इसके बाद 6 सितंबर को वाचा-दमाई बॉर्डर मीटिंग पॉइंट पर कोर कमांडर स्तर की बैठक भी आयोजित की गई।
भारतीय सैनिकों की तैनाती जारी रहने की जानकारी सामने आई है, लेकिन सीमा पर किसी नए हिंसक संघर्ष या हताहत होने की स्वतंत्र पुष्टि इन रिपोर्टों में नहीं की गई है।
कांग्रेस ने केंद्र सरकार को घेरा, पीएम मोदी से पूछे सवाल
आईटीबीपी प्रमुख के बयान के बाद कांग्रेस ने केंद्र सरकार की चीन नीति पर सवाल उठाए हैं।
कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने आरोप लगाया कि अरुणाचल प्रदेश में सीमा संबंधी घटनाओं को लेकर सरकार पर्याप्त जानकारी नहीं दे रही है।
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से सीमा सुरक्षा, चीन के साथ व्यापार घाटे और कूटनीतिक बातचीत के परिणामों पर जवाब मांगा है।
कांग्रेस ने सवाल उठाया है कि क्या भारतीय सैनिक पहले की तरह सभी निर्धारित इलाकों में गश्त कर पा रहे हैं और क्या चीन के साथ बातचीत से सीमा पर तनाव कम हुआ है।
ये विपक्ष द्वारा लगाए गए आरोप और पूछे गए सवाल हैं, स्वतंत्र रूप से प्रमाणित निष्कर्ष नहीं।
केंद्र सरकार का क्या है रुख?
23 अक्टूबर की सुबह प्रकाशित हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, इस विवाद पर सरकार या भाजपा की तत्काल कोई नई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई थी।
हालांकि भारत सरकार पहले भी स्पष्ट करती रही है कि सीमा क्षेत्रों में शांति बनाए रखना भारत-चीन संबंधों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने अगस्त में कहा था कि दोनों देश सीमा संबंधी मुद्दों को सुलझाने और गलतफहमियां रोकने के लिए मौजूदा राजनयिक एवं सैन्य संवाद तंत्र का उपयोग कर रहे हैं।
सीमा पर सुरक्षा बढ़ाने की तैयारी, शौर्य कमांडो और ड्रोन पर जोर
आईटीबीपी महानिदेशक ने बल के आधुनिकीकरण की योजनाओं का भी उल्लेख किया।
उन्होंने बताया कि ऊंचाई वाले सीमावर्ती क्षेत्रों में तैनाती के लिए विशेष शौर्य कमांडो इकाइयों का विस्तार किया जा रहा है। साथ ही आधुनिक हथियार, ड्रोन, एंटी-ड्रोन सिस्टम और सुरक्षित भूमिगत ढांचे विकसित करने पर जोर दिया जा रहा है।
इन उपायों का उद्देश्य चुनौतीपूर्ण पहाड़ी क्षेत्रों में आईटीबीपी की परिचालन क्षमता मजबूत करना है।
क्या भारत और चीन के बीच युद्ध जैसी स्थिति है?
आईटीबीपी प्रमुख का बयान सीमा पर तनाव का महत्वपूर्ण संकेत है, लेकिन इसे दोनों देशों के बीच युद्ध शुरू होने की पुष्टि नहीं माना जाना चाहिए।
सीमा पर फेस-ऑफ का अर्थ है कि दोनों देशों के जवान किसी विवादित क्षेत्र में आमने-सामने आ गए हों। ऐसी स्थिति में तनाव हो सकता है, लेकिन हर फेस-ऑफ का मतलब गोलीबारी या हिंसक झड़प नहीं होता।
इस समय महत्वपूर्ण सवाल यह है कि अरुणाचल प्रदेश के किन-किन इलाकों में गतिरोध बना हुआ है, बातचीत से कितनी प्रगति हुई है और सीमा पर सामान्य स्थिति बहाल करने के लिए आगे क्या कदम उठाए जाएंगे।
फिलहाल देश की निगाहें केंद्र सरकार के अगले आधिकारिक बयान और भारत-चीन सीमा वार्ता पर टिकी हैं।




