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Hemant Soren Opening Seh Swadeshi Mela: ऑड्रे हाउस में तीन दिवसीय महोत्सव का उद्घाटन, राज्यपाल संतोष गंगवार भी रहे मौजूद

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1. Hemant Soren Opening Seh Swadeshi Mela – ऐतिहासिक ऑड्रे हाउस में तीन दिवसीय महोत्सव शुरू

झारखंड की राजधानी रांची स्थित ऐतिहासिक ऑड्रे हाउस परिसर आज से तीन दिनों के लिए सांस्कृतिक गतिविधियों और स्वदेशी उत्पादों के प्रदर्शनी का केंद्र बन गया है। hemant soren opening seh swadeshi mela के तहत मुख्यमंत्री श्री हेमंत सोरेन ने “सांसद सांस्कृतिक महोत्सव-सह-स्वदेशी मेला-2026” का विधिवत उद्घाटन किया।

इस अवसर पर राज्यपाल श्री संतोष कुमार गंगवार भी विशेष रूप से उपस्थित रहे। Hemant soren opening seh swadeshi mela के इस भव्य आयोजन में बड़ी संख्या में कलाकार, कारीगर और आम नागरिक शामिल हुए।

2. क्या है सांसद सांस्कृतिक महोत्सव-सह-स्वदेशी मेला-2026?

यह तीन दिवसीय आयोजन (1 मई से 3 मई 2026) झारखंड की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और स्वदेशी उत्पादों को समर्पित है।

विवरणजानकारी
आयोजन का नामसांसद सांस्कृतिक महोत्सव-सह-स्वदेशी मेला-2026
स्थानऑड्रे हाउस परिसर, रांची
अवधि1 मई से 3 मई 2026
मुख्य उद्देश्यस्वदेशी उत्पादों और स्थानीय कला-संस्कृति को बढ़ावा देना
उद्घाटनकर्तामुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और राज्यपाल संतोष गंगवार

Hemant soren opening seh swadeshi mela ने इस आयोजन को एक नई ऊंचाई दी है। तीन दिनों तक चलने वाले इस मेले में झारखंड के विभिन्न जिलों से आए शिल्पकार अपने उत्पादों का प्रदर्शन कर रहे हैं।

(Image Alt Text: hemant soren opening seh swadeshi mela के दौरान ऑड्रे हाउस में मेले का दृश्य)

3. Hemant Soren Opening Seh Swadeshi Mel – मुख्यमंत्री ने कही ये 5 बड़ी बातें

अपने संबोधन में मुख्यमंत्री श्री हेमंत सोरेन ने देशभक्ति, स्वदेशी और सांस्कृतिक धरोहर को लेकर कई अहम बातें कहीं:

बयान 1:

“हमारे देश में अनेक विविधताएं हैं। देश के भीतर कई विभिन्न समाज एवं वर्ग के लोग रहते हैं, जिनकी अलग-अलग खूबी और पहचान है। यही खूबी और पहचान देश का एक मजबूत स्तंभ भी है।”

बयान 2:

“स्वदेशी का मतलब स्वयं उत्पादित वस्तुएं होती है। देश के भीतर उत्पादित वस्तुओं को अधिक से अधिक बढ़ावा मिले, यह हम सभी की जिम्मेदारी है।”

बयान 3:

“राष्ट्रपिता महात्मा गांधी ने भी स्वदेशी को अपनाया तथा स्वदेशी अपनाने के प्रति देशवासियों को प्रेरित किया।”

बयान 4:

“स्वदेशी मेला न केवल स्थानीय कारीगरों, हस्तशिल्पियों और उद्यमियों को एक सशक्त मंच प्रदान करता है, बल्कि यह हमारी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित एवं प्रोत्साहित करने का भी सशक्त माध्यम है।”

बयान 5:

“झारखंड के लोगों में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है। हमारे राज्य के युवा शिक्षा, संस्कृति तथा खेलकूद सहित विभिन्न क्षेत्रों में बहुत आगे हैं।”

Hemant soren opening seh swadeshi mela इन्हीं विचारों को जन-जन तक पहुंचाने का माध्यम बना।

4. ‘स्वदेशी का मतलब स्वयं उत्पादित वस्तुएं’ – CM हेमंत सोरेन

Hemant soren opening seh swadeshi mela के दौरान सीएम ने स्वदेशी की परिभाषा को सरल शब्दों में समझाया। उन्होंने कहा कि स्वदेशी का मतलब हमारे अपने द्वारा, अपने देश में बनाई गई वस्तुएं हैं।

चाहे वह हस्तशिल्प हो, वस्त्र हों, आभूषण हों या खान-पान की चीजें – इन सबको बढ़ावा देना हमारा कर्तव्य है। Hemant soren opening seh swadeshi mela के इस संदेश को लोगों ने सराहा।

5. महात्मा गांधी के स्वदेशी विचारों को किया याद

इस आयोजन में CM हेमंत सोरेन ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को भी याद किया। उन्होंने कहा कि गांधीजी ने हमेशा स्वदेशी को अपनाने पर जोर दिया था।

गांधीजी का मानना था कि:

  • देश में बनी चीजों को अपनाने से गरीबी दूर होती है।
  • रोजगार के अवसर पैदा होते हैं।
  • देश आत्मनिर्भर बनता है।

Hemant soren opening seh swadeshi mela के माध्यम से CM ने गांधीजी के इन्हीं विचारों को आगे बढ़ाने की कोशिश की।

डूफॉलो एक्सटर्नल लिंक: महात्मा गांधी के स्वदेशी दर्शन के बारे में विस्तार से जानने के लिए गांधी स्मृति एवं दर्शन समिति की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं।

6. झारखंड की समृद्ध कला-संस्कृति को बढ़ावा दे रही सरकार

Hemant soren opening seh swadeshi mela ने यह साबित कर दिया कि झारखंड सरकार राज्य की कला-संस्कृति के संरक्षण को प्राथमिकता दे रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा:

“ईश्वर ने इस राज्य में जमीन के अंदर के साथ-साथ जमीन के ऊपर भी काफी आकर्षक और खूबसूरत संपदाएं दी हैं। हमारे पूर्वजों ने हमें स्वदेशी खान-पान और जीवनशैली के साथ जीना सिखाया था।”

लेकिन उन्होंने चिंता भी जताई:

“कहीं न कहीं आज के वर्तमान दौर में मनुष्य कई ऐसी चीजों से प्रभावित हैं, जिससे शरीर के आंतरिक तथा वाह्य वस्थाओं में भी नकारात्मक प्रभाव पड़ा है।”

Hemant soren opening seh swadeshi mela लोगों को स्वदेशी जीवनशैली की ओर लौटने का संदेश देता है।

(Image Alt Text: hemant soren opening seh swadeshi melा में स्वदेशी उत्पादों के स्टॉल का दृश्य)

7. Hemant Soren Opening Seh Swadeshi Mela – राज्यपाल और CM ने किया स्टॉल का अवलोकन

उद्घाटन समारोह के बाद, राज्यपाल श्री संतोष कुमार गंगवार और मुख्यमंत्री श्री हेमंत सोरेन ने मेले में लगे विभिन्न प्रदर्शनियों और स्टॉल का अवलोकन किया।

  • उन्होंने हस्तनिर्मित वस्त्रों के स्टॉल को बारीकी से देखा।
  • आभूषणमिट्टी और बांस से बने उत्पादों की जानकारी ली।
  • स्थानीय कारीगरों से बातचीत कर उनके कार्य की सराहना की।
  • कुछ उत्पादों को स्वयं खरीदा भी।

Hemant soren opening seh swadeshi mela ने कारीगरों को एक सशक्त मंच प्रदान किया है।

8. लोक कलाकारों ने पारंपरिक नृत्य-गीतों से किया स्वागत

Hemant soren opening seh swadeshi mela के दौरान सबसे सुंदर दृश्य तब देखने को मिला, जब राज्यपाल और मुख्यमंत्री के आगमन पर लोक कलाकारों ने पारंपरिक नृत्य और गीतों से उनका स्वागत किया।

  • झारखंड के विभिन्न जनजातीय समुदायों के नृत्य प्रस्तुत किए गए।
  • पारंपरिक वाद्य यंत्रों (नगाड़ा, मांदर, ढोल) ने वातावरण को भक्तिमय बना दिया।
  • लोक गीतों ने दर्शकों को झूमने पर मजबूर कर दिया।

इसने साबित कर दिया कि झारखंड की सांस्कृतिक विविधता का कोई सानी नहीं। Hemant soren opening seh swadeshi mela शुरू होते ही सांस्कृतिक कार्यक्रमों की श्रृंखला शुरू हो गई।

9. केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ को दी शुभकामनाएं

इस अवसर पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री श्री संजय सेठ को अपनी ओर से हार्दिक शुभकामनाएं दीं।

Hemant soren opening seh swadeshi mela आयोजन में सभी दलों के सांसदों ने समर्थन दिया। यह एक अपने आप में मिसाल है कि कैसे सांस्कृतिक कार्यक्रम राजनीतिक भेदभाव से ऊपर उठकर एकता का मंच बन जाते हैं।

10. Hemant Soren Opening Seh Swadeshi Mela – ये दिग्गज रहे मौजूद

Hemant soren opening seh swadeshi mela के दौरान विभिन्न क्षेत्रों से आए गणमान्य लोग उपस्थित थे:

नामपद
श्री संजय सेठकेंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री
श्री आदित्य साहूसांसद, राज्यसभा
श्री दीपक प्रकाशसांसद, राज्यसभा
श्री नवीन जायसवालविधायक
श्रीमती रोशनी खलखोमहापौर, रांची
श्री नीरज कुमारउप महापौर, रांची
श्री अजय मारूपूर्व राज्यसभा सांसद

इसके अलावा बड़ी संख्या में प्रबुद्धजन, लोक कलाकार और आम नागरिक मौजूद थे।

11. स्वदेशी मेला क्यों है खास? जानिए इसका महत्व

Hemant soren opening seh swadeshi mela सिर्फ एक मेला नहीं है, यह एक आंदोलन है। इसकी खासियतें:

पहली खासियत – स्थानीय कारीगरों को मंच:
झारखंड के दूर-दराज के इलाकों से आए शिल्पकारों को अपने उत्पादों को प्रदर्शित करने का अवसर मिलता है।

दूसरी खासियत – आत्मनिर्भरता को बढ़ावा:
‘वोकल फॉर लोकल’ को साकार करने का प्रयास।

तीसरी खासियत – सांस्कृतिक धरोहर का संरक्षण:
लोक कलाएं, नृत्य, संगीत – सबको एक मंच मिलता है।

(इंटरनल लिंक: झारखंड में आयोजित स्वदेशी मेलों की पूरी लिस्ट और तारीखें यहां पढ़ें।)

12. Hemant Soren Opening Seh Swadeshi Mela – अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)

सवाल 1: Hemant Soren opening seh swadeshi mela कब और कहां शुरू हुआ?
जवाब: Hemant Soren opening seh swadeshi mela 1 मई 2026 को रांची के ऑड्रे हाउस परिसर में शुरू हुआ।

सवाल 2: मेला कितने दिनों तक चलेगा?
जवाब: यह तीन दिवसीय मेला है, जो 1 मई से 3 मई 2026 तक चलेगा।

सवाल 3: मेले का आयोजन किसके द्वारा किया गया है?
जवाब: इस आयोजन का आयोजन ‘सांसद सांस्कृतिक महोत्सव-सह-स्वदेशी मेला’ समिति द्वारा किया गया है।

सवाल 4: क्या ग्रामीण कारीगर भी इसमें भाग ले रहे हैं?
जवाब: हां, झारखंड के विभिन्न जिलों के स्थानीय कारीगर, हस्तशिल्पी और शिल्पकार इसमें भाग ले रहे हैं।

सवाल 5: मेले में किस तरह के उत्पाद उपलब्ध हैं?
जवाब: हस्तनिर्मित वस्त्र, आभूषण, मिट्टी और बांस से बने सामान, सजावटी वस्तुएं, स्थानीय खाद्य उत्पाद आदि उपलब्ध हैं।

सवाल 6: क्या राज्यपाल भी इस मेले में शामिल हुए?
जवाब: हां, राज्यपाल श्री संतोष कुमार गंगवार भी उद्घाटन समारोह में शामिल हुए और स्टॉल का अवलोकन किया।

सवाल 7: केंद्रीय मंत्री में से कौन शामिल हुए?
जवाब: केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री श्री संजय सेठ इस अवसर पर उपस्थित रहे।


निष्कर्ष

Hemant soren opening seh swadeshi mela ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि झारखंड सरकार स्थानीय उत्पादों और सांस्कृतिक विरासत के विकास के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। तीन दिवसीय इस मेले ने कारीगरों को अपनी कला और शिल्प प्रदर्शित करने का एक उत्कृष्ट मंच प्रदान किया है।

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के संबोधन में स्वदेशी को लेकर गांधी जी के विचारों का उल्लेख और ‘वोकल फॉर लोकल’ पर बल काफी प्रभावशाली रहा। उन्होंने झारखंड की प्रतिभा पर भरोसा जताते हुए राज्य के युवाओं और कलाकारों को आगे बढ़ने का आह्वान किया।

इस hemant soren opening seh swadeshi mela के आयोजन से जहां एक ओर स्थानीय अर्थव्यवस्था को बढ़ावा मिलेगा, वहीं दूसरी ओर आने वाली पीढ़ियां अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जुड़ी रहेंगी।

अगर आप रांची आसपास हैं, तो इस मेले का दौरा अवश्य करें। 3 मई तक ऑड्रे हाउस में यह भव्य आयोजन जारी रहेगा!

(वीडियो एम्बेड करने के लिए जगह – यहां उद्घाटन समारोह के दृश्यों का वीडियो और लोक कलाकारों के प्रदर्शन एम्बेड किए जा सकते हैं।)


अस्वीकरण: यह लेख मुख्यमंत्री सचिवालय, रांची की प्रेस विज्ञप्ति (संख्या –186/2026) पर आधारित है। मेले के स्टॉल और कार्यक्रमों के समय में मामूली बदलाव हो सकता है।

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