
पारंपरिक नृत्य और मांदर की थाप से गूंजा मधुबन, मरांग बुरु धर्मगढ़ महासम्मेलन में पहुंचे CM हेमंत सोरेन

पीरटांड़ के मधुबन में आयोजित दो दिवसीय मरांग बुरु धर्मगढ़ महासम्मेलन के समापन समारोह में शामिल होने के लिए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन गुरुवार को पहुंचे। दोपहर करीब 1:50 बजे मुख्यमंत्री का काफिला मधुबन थाना के समीप स्थित कार्यक्रम स्थल पहुंचा। उनके आगमन पर आदिवासी समाज के लोगों ने पारंपरिक नृत्य और मांदर की थाप के साथ भव्य स्वागत किया। पूरे आयोजन परिसर में उत्साह और आदिवासी संस्कृति की झलक देखने को मिली।
झारखंड के शहीदों को दी श्रद्धांजलि, हजारों लोगों का किया अभिवादन
कार्यक्रम स्थल पहुंचने के बाद मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने झारखंड के वीर शहीदों को पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। इसके बाद वे मंच पर पहुंचे और वहां मौजूद संथाल समाज के हजारों लोगों का हाथ जोड़कर अभिवादन किया। मुख्यमंत्री के आगमन से उपस्थित लोगों में खासा उत्साह नजर आया।
आयोजन समिति ने दिशोम मांझीथान का चित्र भेंट कर किया सम्मानित
मंच पर पहुंचने के बाद आयोजन समिति की ओर से मुख्यमंत्री का पारंपरिक तरीके से स्वागत एवं सम्मान किया गया। समिति के सदस्यों ने उन्हें दिशोम मांझीथान का चित्र स्मृति-चिह्न के रूप में भेंट किया। इस दौरान गांडेय विधायक कल्पना मुर्मू सोरेन का भी स्वागत किया गया। मंच पर आयोजन समिति के प्रतिनिधियों और अन्य अतिथियों की उपस्थिति में सम्मान समारोह संपन्न हुआ।
मरांग बुरु के संरक्षण और आदिवासी धार्मिक पहचान पर मंथन
मरांग बुरु बचाओ संघर्ष मोर्चा के तत्वावधान में आयोजित इस दो दिवसीय महासम्मेलन में झारखंड सहित देश के विभिन्न राज्यों से बड़ी संख्या में आदिवासी समाज के लोग शामिल हुए हैं। सम्मेलन में मरांग बुरु पारसनाथ के संरक्षण, आदिवासी धार्मिक पहचान, पारंपरिक पूजा पद्धति और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की जा रही है।
पारंपरिक रीति-रिवाज से हुई पूजा-अर्चना, मुख्यमंत्री के संबोधन पर टिकी निगाहें
महासम्मेलन के दूसरे दिन दिशोम मांझीथान में नायके बाबा की उपस्थिति में पारंपरिक रीति-रिवाज के अनुसार पूजा-अर्चना की गई। मुख्यमंत्री के आगमन के साथ ही समापन समारोह को लेकर लोगों का उत्साह और बढ़ गया। अब सम्मेलन में मौजूद हजारों लोगों की निगाहें मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के संबोधन पर टिकी हैं।




