E25 पेट्रोल को लेकर फिलहाल तस्वीर साफ नहीं है। सरकार E20 पेट्रोल के अनुभवों और वाहन मालिकों से मिली प्रतिक्रियाओं की समीक्षा कर रही है। ऐसे में E25 को लागू करने से पहले तकनीकी तैयारियों और ऑटो इंडस्ट्री की चिंताओं पर ध्यान दिया जा रहा है। जानिए सरकार की आगे की रणनीति और क्या हो सकता है अगला कदम।

E25 Petrol Update: देश में E20 पेट्रोल लागू होने के बाद अब E25 पेट्रोल को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। हालांकि सरकार ने E22, E25, E27 और E30 जैसे अधिक इथेनॉल मिश्रित ईंधनों के लिए मानक तय करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है, लेकिन फिलहाल E25 को जल्द लागू किए जाने की संभावना कम दिखाई दे रही है।
E20 के अनुभव के बाद सरकार बरत रही सावधानी
सूत्रों के मुताबिक, E20 पेट्रोल को लेकर वाहन मालिकों की शिकायतों और ऑटोमोबाइल उद्योग की चिंताओं को देखते हुए सरकार अगले चरण में जल्दबाजी के पक्ष में नहीं है। हाल ही में हुई एक उच्च स्तरीय बैठक में E25 लागू करने से पहले पूरे सिस्टम को तैयार करने पर जोर दिया गया।
क्या है E20 और E25 पेट्रोल?
इथेनॉल मिश्रित पेट्रोल में सामान्य पेट्रोल के साथ तय अनुपात में इथेनॉल मिलाया जाता है।
| फ्यूल | इथेनॉल | पेट्रोल |
|---|---|---|
| E20 | 20% | 80% |
| E25 | 25% | 75% |
सरकार का उद्देश्य कच्चे तेल के आयात पर निर्भरता कम करना, किसानों से खरीदे जाने वाले इथेनॉल के उपयोग को बढ़ावा देना और प्रदूषण घटाना है।
E25 की शुरुआत में देरी क्यों?
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, सरकार का मानना है कि E20 लागू होने के बाद सामने आई चुनौतियों का समाधान पहले किया जाना चाहिए। इसी वजह से E25 को चरणबद्ध तरीके से लागू करने की रणनीति पर काम किया जा रहा है।
सरकार का फोकस फिलहाल इन बिंदुओं पर है:
- ऑटो कंपनियों को नई तकनीक के लिए पर्याप्त समय मिले।
- वाहन मालिकों की शिकायतों का विस्तृत अध्ययन हो।
- मौजूदा तकनीकी समस्याओं का समाधान किया जाए।
- E20 से आगे की प्रक्रिया चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़े।
वाहन मालिकों की क्या हैं शिकायतें?
E20 लागू होने के बाद खासकर पुराने वाहनों के मालिकों ने कुछ समस्याएं सामने रखी हैं। इनमें माइलेज कम होने की शिकायत, इंजन और फ्यूल सिस्टम के पार्ट्स को लेकर चिंता तथा पुराने मॉडलों की E20 के साथ अनुकूलता पर सवाल शामिल हैं। हालांकि नई पीढ़ी के अधिकांश वाहन E20 ईंधन के अनुरूप तैयार किए गए हैं।
नई गाड़ियों पर कितना असर?
2023 के बाद लॉन्च हुए अधिकांश कार और दोपहिया मॉडल E20 ईंधन को ध्यान में रखकर डिजाइन किए गए हैं। वहीं पुराने वाहन इस्तेमाल करने वालों को अपनी गाड़ी के यूजर मैनुअल और निर्माता की सलाह के अनुसार ही इथेनॉल मिश्रित पेट्रोल का उपयोग करना चाहिए।
E25 से पहले सरकार किन तैयारियों में जुटी है?
सरकार E25 लागू करने से पहले पूरे इकोसिस्टम को मजबूत करना चाहती है। इसके तहत वाहन निर्माताओं की तकनीकी तैयारी, पेट्रोल पंपों का इंफ्रास्ट्रक्चर, ईंधन गुणवत्ता के मानक, उपभोक्ताओं की शिकायतों का समाधान और इंजन की अनुकूलता जैसे पहलुओं पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

