
मां की अंतिम विदाई की रस्मों के बीच जनता का दर्द सुन रहे हेमन्त सोरेन, नेमरा से संभाल रहे सरकार की जिम्मेदारी
CM Hemant Soren Balances Mother’s Last Rites and Public Duties, Hears Grievances in Nemra
मां रूपी सोरेन के श्राद्धकर्म के बीच मुख्यमंत्री ने सुनीं लोगों की फरियादें, अधिकारियों को दिए समाधान के निर्देश। मंत्री, सांसद और विधायकों ने नेमरा पहुंचकर अर्पित की श्रद्धांजलि।
रांची/रामगढ़, 13 अक्टूबर 2026।
झारखंड के मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन इन दिनों अपने जीवन के बेहद भावुक दौर से गुजर रहे हैं। मां के निधन का दुख और पारिवारिक जिम्मेदारियों के बीच वे राज्य के प्रशासनिक एवं जनहित से जुड़े कार्यों का भी निष्पादन कर रहे हैं। रामगढ़ जिले के अपने पैतृक गांव नेमरा में मां स्वर्गीय रूपी सोरेन के श्राद्धकर्म और पारंपरिक अनुष्ठानों के बीच मुख्यमंत्री आम लोगों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुन रहे हैं और अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दे रहे हैं।
मंगलवार को नेमरा स्थित मुख्यमंत्री के पैतृक आवास पर राज्य के विभिन्न जिलों से बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। इनमें कई लोग दिवंगत रूपी सोरेन को श्रद्धांजलि देने आए थे, जबकि कुछ अपनी व्यक्तिगत और क्षेत्रीय समस्याओं को लेकर मुख्यमंत्री से मिले।
नेमरा में मुख्यमंत्री के सामने रखीं अपनी समस्याएं
मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने उनसे मिलने पहुंचे लोगों की समस्याओं को गंभीरता से सुना और संबंधित अधिकारियों को जांच के बाद आवश्यक समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
गिरिडीह जिले के केश्वरी गांव निवासी माधो पासवान अपनी दृष्टिबाधित पुत्री कालो कुमारी के साथ मुख्यमंत्री से मिलने पहुंचे। उन्होंने अपनी भूमि को कब्जामुक्त कराने की मांग की।
वहीं, रांची जिले के सिल्ली प्रखंड के हाकेदाग निवासी विश्राम बेदिया ने अपनी बीमार पत्नी एतवारी देवी के समुचित इलाज की व्यवस्था कराने का अनुरोध किया। रामगढ़ जिले के हेठबरगा निवासी राज बेदिया ने रोजगार उपलब्ध कराने और शारीरिक दिव्यांगता प्रमाण पत्र बनवाने की समस्या मुख्यमंत्री के सामने रखी। इसी तरह ग्राम सांकी के एक युवक ने अपने भाई अनु कुमार बेदिया की मृत्यु के बाद मुआवजा भुगतान कराने का अनुरोध किया। मुख्यमंत्री ने इन सभी मामलों में अधिकारियों को जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए।

नेमरा में श्रद्धांजलि देने पहुंचे मंत्री, सांसद और विधायक
मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन की माता स्वर्गीय रूपी सोरेन को श्रद्धांजलि देने के लिए मंगलवार को कई जनप्रतिनिधि और गणमान्य व्यक्ति नेमरा पहुंचे।
इनमें झारखंड सरकार के मंत्री योगेंद्र प्रसाद, राज्यसभा सांसद दीपक प्रकाश, सांसद रविंद्र कुमार राय, चतरा सांसद काली चरण सिंह, बिहार के दरभंगा से विधान परिषद सदस्य सुनील चौधरी, पूर्व मंत्री सत्यानंद भोक्ता, विधायक डॉ. कुशवाहा शशि भूषण मेहता, विधायक नागेंद्र महतो और विधायक सुदीप गुड़िया शामिल रहे।
इसके अलावा पूर्व विधायक देवेन्द्र कुमार सिंह उर्फ बिट्टू सिंह, जानकी यादव और दिनेशानंद गोस्वामी सहित अन्य गणमान्य व्यक्तियों ने भी मुख्यमंत्री से मुलाकात की।
सभी ने स्वर्गीय रूपी सोरेन के चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी और मुख्यमंत्री तथा उनके परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की।
श्राद्धकर्म की तैयारियों का मुख्यमंत्री ने लिया जायजा
मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने अपनी माता के दशकर्म और संस्कार भोज की तैयारियों का भी निरीक्षण किया।
उन्होंने कार्यक्रम स्थल पर लगाए जा रहे पंडाल, पार्किंग व्यवस्था, बैरिकेडिंग और आगंतुकों के लिए उपलब्ध कराई जाने वाली अन्य सुविधाओं की जानकारी ली।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि दशकर्म और संस्कार भोज में बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने की संभावना है। ऐसे में सुरक्षा, यातायात, पार्किंग और अन्य आवश्यक सुविधाओं की व्यापक व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि किसी भी आगंतुक को परेशानी न हो।

अधिकारियों के साथ बैठक, यातायात व्यवस्था पर विशेष जोर
नेमरा स्थित पैतृक आवास पर मुख्यमंत्री ने पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों के साथ बैठक कर तैयारियों की समीक्षा की।
उन्होंने निर्देश दिया कि बड़ी संख्या में आगंतुकों और वाहनों के पहुंचने की संभावना को देखते हुए यातायात प्रबंधन की प्रभावी व्यवस्था बनाई जाए।
इसी दौरान मुख्यमंत्री ने रामगढ़ जिले के गोला चौक पर एक छोटे गोलंबर के निर्माण का निर्देश भी दिया।
मुख्यमंत्री के अनुसार, इससे चारों दिशाओं से आने वाले वाहनों के आवागमन को व्यवस्थित करने में मदद मिलेगी। इसका उद्देश्य यातायात बाधाओं को कम करना और सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम करना है।
नेमरा में शोक और संवेदना का माहौल
झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री, दिशोम गुरु एवं पद्मभूषण से सम्मानित स्वर्गीय शिबू सोरेन की धर्मपत्नी और मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन की माता रूपी सोरेन के निधन से उनके पैतृक गांव नेमरा में शोक का माहौल है।
राज्य के अलग-अलग हिस्सों से आम नागरिक, जनप्रतिनिधि और गणमान्य व्यक्ति दिवंगत रूपी सोरेन को श्रद्धांजलि देने पहुंच रहे हैं।
आगंतुक मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन और उनकी धर्मपत्नी कल्पना सोरेन से मुलाकात कर अपनी संवेदनाएं व्यक्त कर रहे हैं। मुख्यमंत्री भी उनसे व्यक्तिगत रूप से मिल रहे हैं।
पारिवारिक शोक के बीच प्रशासनिक जिम्मेदारियों का निर्वहन
मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन इन दिनों एक ओर अपनी माता के श्राद्धकर्म से जुड़े पारिवारिक और पारंपरिक अनुष्ठानों में भाग ले रहे हैं, तो दूसरी ओर नेमरा से ही जनसमस्याओं और प्रशासनिक कार्यों पर ध्यान दे रहे हैं।
मुख्यमंत्री सचिवालय की ओर से जारी जानकारी के मुताबिक, वे आम नागरिकों से प्राप्त आवेदनों पर संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश देने के साथ विभिन्न व्यवस्थाओं की समीक्षा भी कर रहे हैं।
मां के निधन के शोक के बीच मुख्यमंत्री की यह सक्रियता नेमरा में पारिवारिक जिम्मेदारियों और जनसेवा से जुड़े कार्यों के एक साथ निर्वहन की तस्वीर पेश कर रही है।




