
Mutual Fund News: 30 साल में भारतीय शेयर बाजार ने दिया 13% सालाना रिटर्न, SIP निवेश में भी शानदार प्रदर्शन
New Delhi: म्यूचुअल फंड में निवेश करने वालों के लिए भारतीय शेयर बाजार के पिछले तीन दशकों के आंकड़े उत्साह बढ़ाने वाले हैं। बीते 30 वर्षों के प्रदर्शन पर नजर डालें तो भारतीय इक्विटी मार्केट ने औसतन करीब 13 प्रतिशत सालाना रिटर्न दिया है। इससे पता चलता है कि लंबी अवधि तक शेयर बाजार में निवेश बनाए रखने से बेहतर रिटर्न हासिल करने की संभावना रहती है।
DSP Mutual Fund की एक रिपोर्ट के अनुसार, पिछले 30 वर्षों के प्रदर्शन के आधार पर भारत दुनिया के 15 प्रमुख बाजारों में बेहतर रिटर्न देने वाले देशों में शामिल रहा है।
भारत में SIP और एकमुश्त निवेश पर कितना मिला रिटर्न?
रिपोर्ट के मुताबिक, भारत में पिछले 30 वर्षों के दौरान SIP के माध्यम से निवेश करने पर औसतन करीब 13.3 प्रतिशत सालाना रिटर्न मिला। वहीं, एकमुश्त निवेश करने वालों को लगभग 13 प्रतिशत वार्षिक रिटर्न प्राप्त हुआ।
यह आंकड़े दर्शाते हैं कि लंबी अवधि में नियमित निवेश और एक बार में किया गया निवेश, दोनों ही भारतीय इक्विटी बाजार में अच्छा प्रदर्शन कर सकते हैं।
ब्राजील रहा सबसे आगे, भारत दूसरे स्थान पर
वैश्विक बाजारों की तुलना में ब्राजील ने सबसे बेहतर प्रदर्शन किया। वहां पिछले 30 वर्षों में SIP निवेश पर 14.8 प्रतिशत और एकमुश्त निवेश पर 16.4 प्रतिशत सालाना रिटर्न दर्ज किया गया।
इस सूची में भारत दूसरे स्थान पर रहा। वहीं, मेक्सिको में SIP के जरिए 12.3 प्रतिशत और एकमुश्त निवेश पर 14.2 प्रतिशत रिटर्न मिला।
अमेरिका और जापान के बाजारों का प्रदर्शन
रिपोर्ट के आंकड़ों के अनुसार, अमेरिका में पिछले 30 वर्षों के दौरान SIP निवेश पर 11 प्रतिशत और एकमुश्त निवेश पर 10.2 प्रतिशत सालाना रिटर्न मिला।
दूसरी ओर, जापान में SIP के जरिए निवेश करने पर 9.9 प्रतिशत रिटर्न हासिल हुआ, जबकि एकमुश्त निवेश का औसत सालाना रिटर्न 5.5 प्रतिशत रहा।
क्या है SIP और एकमुश्त निवेश में अंतर?
SIP यानी सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान के तहत निवेशक हर महीने एक निश्चित रकम म्यूचुअल फंड में लगाते हैं। इसकी खासियत यह है कि कम राशि से भी निवेश की शुरुआत की जा सकती है और नियमित निवेश की आदत विकसित होती है।
वहीं, एकमुश्त निवेश में निवेशक अपनी पूरी निर्धारित राशि एक ही बार में म्यूचुअल फंड में लगाते हैं। इसमें निवेश का समय बाजार के प्रदर्शन को प्रभावित कर सकता है।
निवेश से पहले जोखिम को समझना जरूरी
लंबी अवधि में इक्विटी म्यूचुअल फंड बेहतर रिटर्न देने की क्षमता रखते हैं, लेकिन इनमें बाजार के उतार-चढ़ाव का जोखिम भी बना रहता है। पिछले वर्षों का शानदार प्रदर्शन भविष्य में भी समान मुनाफे की गारंटी नहीं देता।
इसलिए निवेशकों को किसी भी म्यूचुअल फंड में पैसा लगाने से पहले अपने वित्तीय लक्ष्य, निवेश की अवधि और जोखिम उठाने की क्षमता का आकलन जरूर करना चाहिए।




