
Before 1857, There Was Budhu Bhagat: The Forgotten Hero of the Kol Rebellion – Prasang – Ep -5
1857 से 25 साल पहले… छोटानागपुर में गूंज चुकी थी आज़ादी की ललकार! इतिहास की किताबों में आज़ादी की पहली लड़ाई 1857 को कहा जाता है। लेकिन उससे बहुत पहले झारखंड के जंगलों और पहाड़ियों में एक योद्धा अंग्रेज़ों को खुली चुनौती दे रहा था। वीर बुधु भगत, 1831–32 के कोल विद्रोह के प्रमुख नायक। 1792 में उरांव समुदाय में जन्म हुआ।अंग्रेज़ों की राजस्व नीति, ज़मीन से बेदखली और शोषण के खिलाफ आदिवासी समाज को एकजुट किया।जंगल और पहाड़ उनकी ताकत बने, और गुरिल्ला युद्ध से अंग्रेज़ी हुकूमत को हिला दिया। 13 फरवरी 1832 को अपने साथियों के साथ लड़ते हुए मातृभूमि के लिए शहीद हो गए। उनकी शहादत बताती है कि छोटानागपुर में आज़ादी और अधिकारों की लड़ाई का इतिहास कितना पुराना और गौरवशाली है।
देखिए प्रसंग : झारखंड के वीर सपूत विशेष | EP-5
वीर बुधु भगत की पूरी कहानी, सिर्फ़ Abua News Jharkhand पर।
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जोहार! जय झारखंड!
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